Friday, July 19, 2024
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यह ऋषियों की देवभूमि है, मजार-भूमि नहीं’: उत्तराखंड में हथौड़ा मार-मार कर ध्वस्त किए गए 2 मजार, जमीन कब्ज़ा कर बनाई गई थी

मजारों को ध्वस्त करते हुए देवभूमि रक्षा अभियान का सदस्य कह रहा है कि ऋषिकेश में इन मजारों को बख्शा नहीं जाएगा। ऋषिकेश 'ऋषियों' की भूमि है, यह देवभूमि है, कोई 'मजार भूमि' नहीं है।

उत्तराखंड के ऋषिकेश में मजारों को ध्वस्त किए जाने का मामला सामने आया है। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमें मजारों को ध्वस्त करते हुए जय श्री राम के नारे भी लगाए जा रहे हैं।  देवभूमि रक्षा अभियान के सदस्यों की ओर से इस कार्रवाई को किए जाने की बात सामने आई है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बताया जा रहा है कि ऋषिकेश में देवभूमि रक्षा अभियान के सदस्यों द्वारा ऋषिकेश में दो मजारों को ध्वस्त किया गया और उनका वीडियो भी फेसबुक पर लाइव किया गया। ऋषिकेश में मजारों पर की गई कार्रवाई का यह वीडियो 29 अगस्त को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में एक व्यक्ति को एक मजार की दीवारों पर हथौड़ा चलते हुए देखा जा सकता है।

मजारों को ध्वस्त करते हुए देवभूमि रक्षा अभियान का सदस्य कह रहा है कि ऋषिकेश में इन मजारों को बख्शा नहीं जाएगा। ऋषिकेश ‘ऋषियों’ की भूमि है, यह देवभूमि है, कोई ‘मजार भूमि’ नहीं है।  साथ ही  यह कहते हुए भी सुना जा सकता है कि राज्य में कहीं भी ऐसी मजार होगी, सभी अवैध मजारों को ध्वस्त कर दिया जाएगा। 

वहीं मीडिया रिपोर्ट में प्रत्यक्षदर्शी स्थानीय लोगों के हवाले से यह दावा किया जा रहा है कि पुलिस टीम की मौजूदगी में जेसीबी मशीनों और हथौड़ों से दो मजारों को ध्वस्त कर दिया गया। कहा जा रहा है कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में इस समय अतिक्रमण विरोधी अभियान चल रहा है और इसके तहत कई अवैध मजारों को ध्वस्त किया गया है।

हालाँकि, वायरल वीडियो में जिस देवभूमि रक्षा अभियान संस्था द्वारा मजारों को तोड़ने की बात सामने आई है। उसके प्रमुख दर्शन भारती ने शुक्रवार को मीडिया में दिए बयान में कहा, “हमें उस जमीन के मालिकों से उन्हें ध्वस्त करने की लिखित अनुमति मिली थी, जहाँ मजार बनाया गया था। किसी ने उन्हें यह सोचकर गुमराह किया था कि मजारों को अनुमति देने से उनके घरों में समृद्धि आएगी।”

बता दें कि ऋषिकेश की इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद उत्तराखंड पुलिस एक्शन में आई है। पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 505 (किसी भी पूजा स्थल या धार्मिक पूजा या समारोहों के प्रदर्शन में शामिल किसी भी सभा में अपराध करना) के तहत मामला दर्ज किया है। 

गौरतलब है कि इस मामले में एसपी (ग्रामीण) कमलेश उपाध्याय ने भी मजारों के तोड़े जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि मजारें ऋषिकेश में अमित ग्राम, गुमानीवाला में निजी भूमि पर बनाई गई थीं। जमीन मालिकों ने इसे हटाने की हामी भरी थी। लेकिन तोड़फोड़ करने वालों ने न तो पुलिस को सूचना दी और न ही पुलिस वहाँ मौजूद थी। हमने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। हम इस मामले में  वीडियो से आरोपितों की पहचान कर कार्रवाई कर रहे हैं। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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