Thursday, April 25, 2024
Homeदेश-समाजपहले दावत, फिर गीता और आखिर में कुरान: इस तरह इस्लाम कबूल करवाता था...

पहले दावत, फिर गीता और आखिर में कुरान: इस तरह इस्लाम कबूल करवाता था मौलाना उमर का गैंग, 24 राज्यों में नेटवर्क

मौलाना उमर और मुफ्ती जहाँगीर आलम को धर्मांतरण के लिए इस्लामिक देशों से लगातार मदद मिलती थी। इनका लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों का मतांतरण कराना था।

इस्लामी धर्मांतरण रैकेट से जुड़े मोहम्मद उमर गौतम और जहाँगीर आलम की गिरफ्तारी के बाद से उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधी दस्ता (यूपी एटीएस) लगातार पूछताछ कर रही है। रोज नए खुलासे हो रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इनका नेटवर्क 24 राज्यों में फैला है। इस बीच उमर और उसकी संस्था के यूट्यूब चैनल से कुछ वीडियो डिलीट किए गए हैं। अधिकारी यह जानने की कोशिश में हैं कि उन वीडियो में क्या था।

पूछताछ में उमर ने एटीएस को फंडिंग से संबंधित कुछ अहम जानकारी दी है। मामला संवेदनशील होने के कारण यह भी जानने का प्रयास किया जा रहा है कि इन आरोपितों और उनकी संस्था को दी जाने वाली फंडिंग कहाँ से हो रही थी और इसके पीछे का वास्तविक उद्देश्य क्या था। क्या इसके पीछे सिर्फ धर्मांतरण ही उद्देश्य है या कुछ और, इस तथ्य की विशेष रूप से छानबीन की जा रही है।

इसके साथ ही उन संस्थाओं की भी छानबीन की जा रही है, जिससे उमर किसी न किसी रुप में जुड़ा रहा है। उमर के अन्य ठिकानों के साथ-साथ उसके मददगारों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध उमर की स्पीच के वीडियो को भी एटीएस खँगाल रही है। इस्लामिक दावाह सेंटर के नाम से यूट्यूब चैनल भी है। इस पर उमर की स्पीच के कई वीडियो अपलोड हैं। कुछ वीडियो पूरा मामला सामने आने के बाद डिलीट भी कर दिए गए हैं। उनके बारे में भी पड़ताल की जा रही है।

उत्तर प्रदेश के एडीजी (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने बताया कि धर्मांतरण से जुड़े सभी संगठनों की विस्तृत जाँच की जा रही है। जिन लोगों का धर्मांतरण किया गया है उनके परिजनों से पुलिस लगातार संपर्क में है। उन्होंने कहा कि जिन 24 राज्यों के बारे में उमर व जहाँगीर ने बताया है, वहाँ की पुलिस से संपर्क कर सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा रहा है। मौलाना उमर और मुफ्ती जहाँगीर आलम को धर्मांतरण के लिए इस्लामिक देशों से लगातार मदद मिलती थी। इनका लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों का मतांतरण कराना था। उमर ने बताया है कि असम से सांसद बदरुद्दीन अजमल के कहने पर 2011 से 2012 के बीच दिल्ली में इस्लामिक दवाह सेंटर की स्थापना की गई थी। 

उत्तर प्रदेश शासन में अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि मतांतरण के प्रकरण में विदेशों से फंडिंग के पुख्ता सुबूत मिले हैं। एक खाता भी कनफर्म हो गया है, जिसमें विदेशों से रकम आती थी। यह धनराशि क्यों और कैसे आती थी, इसकी जाँच की जा रही है। जाँच में पता चला कि मौलाना उमर के पास इस्लामिक देशों से मिले फंड से अरबों की संपत्ति भी है। उमर की गाजियाबाद के साथ ही नई दिल्ली में भी संपत्ति का पता चला है। इसके अलावा, उसकी गौतमबुद्ध नगर की संपत्ति के कागजों की जाँच चल रही है। यह भी सामने आया है कि मौलाना गाजियाबाद के किसी स्कूल में फंड देने का भी काम करता था। एटीएस अब मौलाना उमर के बैंक डिटेल्स भी चेक कर रही है।

मौलाना उमर ने पूछताछ में बताया कि मतांतरण के लिए दावत का इंतजाम किया जाता था। मतांतरण के लिए सबसे पहले गीता पढ़ाया जाता था। फिर कुरान पढ़ाते थे। दोनों का अंतर और गीता में कमी बताई जाती थी। उसके बाद हदीस पढ़ाया जाता था। हदीश पढ़ाने के बाद पूरी तरह से ब्रेन वॉश किया जाता है और फिर लोगों को धीरे-धीरे इस्लाम के प्रति आकर्षित कर लिया जाता है।

बता दें कि यूपी एटीएस ने उमर गौतम और जहाँगीर आलम को गिरफ्तार कर बड़े पैमाने पर हो रहे धर्मांतरण का खुलासा किया था। उमर गौतम दिल्ली के जामिया नगर स्थित बटला हाउस में इस्लामिक दावा सेंटर नामक संस्था का संचालक है। यहीं से धर्मान्तरण का सारा खेल खेला जाता है। उमर पर आरोप है कि उसने नोएडा के मूक-बधिर स्कूल के दर्जनों छात्रों का उसने धर्मांतरण कराया है। उमर गौतम पहले हिंदू ही था। वह करीब 30 साल पहले धर्मान्तरण कर मुस्लिम बन गया था।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

माली और नाई के बेटे जीत रहे पदक, दिहाड़ी मजदूर की बेटी कर रही ओलम्पिक की तैयारी: गोल्ड मेडल जीतने वाले UP के बच्चों...

10 साल से छोटी एक गोल्ड-मेडलिस्ट बच्ची के पिता परचून की दुकान चलाते हैं। वहीं एक अन्य जिम्नास्ट बच्ची के पिता प्राइवेट कम्पनी में काम करते हैं।

कॉन्ग्रेसी दानिश अली ने बुलाए AAP , सपा, कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ता… सबकी आपसे में हो गई फैटम-फैट: लोग बोले- ये चलाएँगे सरकार!

इंडी गठबंधन द्वारा उतारे गए प्रत्याशी दानिश अली की जनसभा में कॉन्ग्रेस और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता आपस में ही भिड़ गए।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe