Homeदेश-समाजयोगी सरकार की वापसी करते ही ऐक्शन में आई UP पुलिस: 25000 के इनामी...

योगी सरकार की वापसी करते ही ऐक्शन में आई UP पुलिस: 25000 के इनामी डकैत मोनू का एनकाउंटर, चोरी की बाइक व पिस्टल बरामद

इनामी डकैत मोनू पंडित औरैया के अजीतमल स्थित अनंतराम सोनाली का रहने वाला है और उन्नाव जिले के काशीगंज में भी रहता था। पिछले साल अप्रैल में उसने चार साथियों के साथ जानकीपुरम स्थित अंजनी ज्वैलर्स में लूट की घटना को अंजाम दिया था।

सत्ता में वापसी करते ही अपने वादे के अनुसार उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की योगी सरकार (Yogi Government) ने कानून-व्यवस्था को लेकर किसी तरह की नरमी नहीं बरतने का संकेत दे दिया है। प्रदेश में योगी आदित्यानाथ की दूसरी बार जीत के साथ ही पुलिस ऐक्शन मोड में दिखने लगी है। लखनऊ पुलिस ने शुक्रवार (11 मार्च 2022) को एनकाउंटर में 25 हजार के इनामी बदमाश मोनू पंडित को गिरफ्तार कर लिया है। एनकाउंटरम में गोली लगने के बाद मोनू घायल हो गया।

दरअसल, लखनऊ पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम ने गुडंबा इलाके के भाखामऊ गाँव के पास वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बिना नंबर की बाइक से जा रहे एक शख्स को पुलिस ने रोकने की कोशिश तो वह भागने लगा। इसके बाद पुलिस ने उसका पीछा करना शुरू किया तो वह फायरिंग करने लगा। पुलिस ने जवाब में गोली चलाई, जो उसके बाएँ पैर में जा लगी और वह बाइक से गिर गया। आरोपित के पास से पुलिस ने एक तमंचा और कारतूस बरामद किया है। यह पाया गया कि जिस बाइक को वह चला रहा था, वह भी लूट की है।

ADCP प्राची सिंह के अनुसार, इनामी डकैत मोनू पंडित औरैया के अजीतमल स्थित अनंतराम सोनाली का रहने वाला है और उन्नाव जिले के काशीगंज में भी रहता था। पिछले साल अप्रैल में उसने चार साथियों के साथ जानकीपुरम स्थित अंजनी ज्वैलर्स में लूट की घटना को अंजाम दिया था। उन्होंने आगे बताया कि मोनू अपने तीन साथियों के साथ अंगूठी लेने के बहाने दुकान में घुसा और तमंचा तानकर वारदात की। इस दौरान विरोध करने वाले पड़ोस के किराना दुकानदार पीयूष को गोली मार दी थी और सोने-चांदी के जेवर लेकर भाग निकला था।

पुलिस ने तहरीर पर हत्या के प्रयास व लूट का मुकदमा दर्ज किया था। प्रभारी निरीक्षक गुडंबा सतीश चंद्र साहू ने बताया कि मोनू पंडित पर उत्तरी जोन के DCP ने 25,000 रुपए का इनाम रखा था। उसके खिलाफ इस केस के अलावा उन्नाव, सीतापुर और औरैया जिले में लूट एवं हत्या के प्रयास के करीब 10 मुकदमे दर्ज हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -