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नाम- जितेंद्र पासवान, सगाई के बाद रखी शर्त- लड़की बने ईसाई, प्रार्थना में हो शामिल: इनकार करने पर रिश्ता तोड़ा, फतेहपुर में 5 पर FIR

पिछले दिनों फतेहपुर से ही ईसाई बनने के लिए तरह-तरह के लालच दिए जाने का मामला सामने आया ​था। पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराते हुए कहा था कि ईसाई बनने पर 15 हजार रुपया देने का प्रलोभन दिया गया था। सुंदर लड़की से शादी का वादा किया गया। इतना ही नहीं दूसरे हिंदू को साथ लाने पर 20 हजार रुपए देने की भी बात कही गई थी।

उत्तर प्रदेश का फतेहपुर इन दिनों ईसाई धर्मांतरण की खबरों को लेकर चर्चा में है। ताजा मामले में एक दलित लड़की की शादी इसलिए टूट गई, क्योंकि उसने ईसाई बनने से इनकार कर दिया। लड़की के मंगेतर सहित 5 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मुख्य आरोपित का नाम जितेंद्र पासवान है। घटना शुक्रवार (20 जनवरी 2023) की है।

थाने में दी गई तहरीर के मुताबिक मामला हुसैनगंज थाना क्षेत्र के गाँव रहिमापुर का है। शिकायत पीड़ित लड़की के पिता राम नरेश ने दर्ज कराई है। रामनरेश ने बताया है कि वे सरकंडी गाँव के रहने वाले हैं। उन्होंने अपनी बेटी की शादी जितेंद्र पासवान से तय की थी। 25 फरवरी 2022 को सगाई हुई थी। इस​ दिन उन्होंने लड़के वालों को 51 हजार रुपए दिए थे। बाकी 1 लाख रुपए 29 जनवरी 2023 को देने की बात थी। इसी दिन जितेंद्र का तिलक होना था। लेकिन उससे पहले ही उसने शादी से इनकार कर दिया।

राम नरेश ने शिकायत में बताया है कि 20 जनवरी 2023 को जितेंद्र पासवान के पिता मैयादीन, माँ केशकली और मामा कामता ने शादी से मना कर दिया। आरोप है कि वे शादी के लिए लड़की के ईसाई धर्मांतरण की शर्त रख रहे थे। इससे इनकार करने पर रिश्ता तोड़ दिया। आरोपितों ने लड़की पक्ष से मिले पैसे भी वापस करने से इनकार कर दिया। गालियाँ और जान से मारने की धमकी देकर लड़की वालों को भगा दिया।

ऑपइंडिया के पास शिकायत की कॉपी मौजूद है। पुलिस ने इस मामले में जितेंद्र, कामता, मैयादीन, केशकली और जितेंद्र के एक मौसा को नामजद आरोपित बनाया है। सभी पर IPC की धारा 504, 506, 406 के साथ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 की धारा 3, 5 (1) के तहत FIR दर्ज कर ली है। थाना प्रभारी के राजेंद्र सिंह के मुताबिक मामले की जाँच की जा रही है।

ऑपइंडिया ने लड़की के चाचा चेतराम से बात की। चेतराम ने बताया कि जितेंद्र के घर वालों ने उनसे कहा कि शादी में पंडित नहीं आएँगे, क्योंकि वे लोग ईसाई हैं। लड़के के घर वालों ने यह भी बताया कि उनके घर हर शनिवार को प्रार्थना होती है जिसमें उनकी बेटी को भी शामिल होना पड़ेगा। साथ ही लड़की को बाहर भी प्रार्थना में साथ जाना होगा। चेतराम के अनुसार उनलोगों ने खुद को हिंदू बताते हुए इन शर्तों को मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद लड़के वालों ने शादी तोड़ दी लेकिन पैसे नहीं लौटाए।

गौरतलब है कि पिछले दिनों फतेहपुर से ईसाई बनने के लिए तरह-तरह के लालच दिए जाने का मामला सामने आया ​था। पीड़ित ने फतेहपुर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा था कि ईसाई बनने पर 15 हजार रुपया देने का प्रलोभन दिया गया था। सुंदर लड़की से शादी का वादा किया गया। इतना ही नहीं दूसरे हिंदू को साथ लाने पर 20 हजार रुपए देने की भी बात कही गई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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