Homeदेश-समाजबरेली: मनरेगा में धाँधली के आरोप पर प्रधान समर्थकों ने की मारपीट, अपमानित साधु...

बरेली: मनरेगा में धाँधली के आरोप पर प्रधान समर्थकों ने की मारपीट, अपमानित साधु ने पीया जहर, हालत गंभीर

गाँव के ही मंदिर पर रहने वाले साधु विजय देव नाथ महाराज ने प्रधान पर अधिक मजदूरों की हाजिरी लगाने और मनरेगा के कार्य में कई तरह से भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। इसे लेकर साधु ने प्रधान से रजिस्टर दिखाने की बात कही। आरोप है कि इसके बाद प्रधान के समर्थकों ने साधु को घेरकर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के एक गाँव में चल रहे मनरेगा के कार्यों में मानकों की अनदेखी का एक साधु ने आरोप लगाया तो ग्राम प्रधान के समर्थकों ने साधु के साथ मारपीट की। इसके बाद साधु ने अपमान से झुब्ध होकर जहर खा लिया। अब साधु को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामला बढ़ता देख अब बरेली पुलिस जाँच में जुट गई है।

जानकारी के मुताबिक बरेली जिले के बिशारतगंज के गाँव बेहटा बुजुर्ग में इन दिनों मनरेगा के तहत विकास कार्य कराए जा रहे हैं। इस बीच गाँव के ही मंदिर पर रहने वाले साधु विजय देव नाथ महाराज ने प्रधान पर अधिक मजदूरों की हाजिरी लगाने और मनरेगा के कार्य में कई तरह से भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। इसे लेकर साधु ने प्रधान से रजिस्टर दिखाने की बात कही। आरोप है कि इसके बाद प्रधान के समर्थकों ने साधु को घेरकर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।

अपने साथ हुई मारपीट की लिखित सूचना साधु ने पुलिस को दी, लेकिन इसके बाद भी पुलिस ने साधु की शिकायत पर कोई एक्शन नहीं लिया। इस पर साधु ने अपने अपमान से क्षुब्ध होकर जहर खा लिया। इसकी जानकारी जैसे ही पुलिस को हुई तो पुलिस ने साधु को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद साधु की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें डॉक्टरों ने जिला अस्पताल में रेफर कर दिया है।

मामले पर थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार का कहना है कि गाँव में राजनीति चल रही है, जिसके चलते बाबा से मारपीट हुई। उन्होंने आत्महत्या करने की कोशिश की है। पुलिस को दोनों ओर से तहरीर मिल गई है। मामले में आगे की जाँच के आधार पर ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

वहीं बेहटा बुजुर्ग के ग्राम प्रधान भगवान दास यादव का कहना है कि बाबा विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि 17 अप्रैल को भी साधु विजय देव नाथ महाराज ने गाँव में हो रहे विकास कार्यों की जाँच को लेकर अनशन शुरू किया था, लेकिन क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के आश्वासन पर साधु ने अनशन को समाप्त कर दिया था।

गौरतलब हो कि महाराष्ट्र के पालघर में हुई दो साधुओं के साथ एक ड्राइवर की पीट-पीटकर हत्या के बाद उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में भी (अप्रैल 28, 2020) दो साधुओं का शव खून से लथपथ बरामद हुआ था। घटना अनूपशहर के गाँव पगोना में घटी थी। यहाँ स्थित शिव मंदिर के परिसर में सो रहे दो साधुओं पर सोमवार देर रात धारदार हथियार से वार कर इनकी हत्या की गई थी।

हालाँकि पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपित युवक को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपित की पहचान मुरारी उर्फ राजू के रूप में हुई थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

भगवान राम का अपमान, आजादी के नारे और तिरंगे से बदसलूकी: कॉकरोचों को ये तक नहीं पता कि वे क्यों आए हैं, पढ़ें- CJP...

कॉकरोचों के प्रदर्शन में छात्रों के मुद्दे नहीं बल्कि आजादी के नारे, डफली गैंग, तिरंगे से बदसलूकी और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान दिखा। पढ़ें रिपोर्ट।

तमिलनाडु में द्रविड़ राजनीति के ‘घृणा मॉडल’ को अन्नामलाई की चुनौती, पेरियार नहीं, कलाम हैं आदर्श: समझें- ‘We The Change’ से राष्ट्रवाद का शंखनाद...

अन्नामलाई ने कहा कि तमिल संस्कृति-भाषा पर गर्व और भारत माता के प्रति समर्पित रहना एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।
- विज्ञापन -