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UP: योगी सरकार का ‘शेरनी दस्ता’, एंटी रोमियो स्क्वायड के साथ मनचलों को लगाएगी ठिकाने

बड़े शहरों के भीड़ वाले चौराहे, प्रमुख धार्मिक स्थल, मॉल, बाज़ार, एटीएम समेत ऐसी हर जगहें जहाँ महिलाओं का आवागमन जारी रहता है, शेरनी दस्ते को तैनात किया जाएगा। गोरखपुर के एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने शेरनी दस्ते के लिए ड्यूटी चार्ट बनाने का निर्देश जारी कर दिया है। इस चार्ट को बहुत जल्द लागू भी कर दिया जाएगा।

उत्तर प्रदेश में महिलाओं के साथ बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर योगी सरकार ने एक अहम ऐलान किया है। महिलाओं और लड़कियों के साथ छेड़छाड़ करने वालों पर कार्रवाई के लिए ‘शेरनी दस्ता’ बनाया जाएगा। इसके पहले प्रदेश में एंटी रोमियो स्क्वायड भी तैनात किया गया था। शेरनी दस्ते को सार्वजनिक स्थानों जैसे बाज़ार, मॉल और धार्मिक स्थलों पर तैनात किया जाएगा। 

हिन्दुस्तान लाइव द्वारा प्रकाशित ख़बर के अनुसार बड़े शहरों के भीड़ वाले चौराहे, प्रमुख धार्मिक स्थल, मॉल, बाज़ार, एटीएम समेत ऐसी हर जगहें जहाँ महिलाओं का आवागमन जारी रहता है, शेरनी दस्ते को तैनात किया जाएगा। गोरखपुर के एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने शेरनी दस्ते के लिए ड्यूटी चार्ट बनाने का निर्देश जारी कर दिया है। इस चार्ट को बहुत जल्द लागू भी कर दिया जाएगा। 

कोरोना महामारी के दौर में बाज़ार और सार्वजनिक स्थानों पर आम जनजीवन सामान्य हो रहा है। भीड़ वाले इलाकों में लोग वापस इकट्ठा हो रहे हैं। नवरात्र का त्योहार भी निकट है। विद्यालयों को खोले जाने की तैयारियाँ भी शुरू हो चुकी हैं। इन सभी बातों को मद्देनज़र रखते हुए योगी सरकार ने यह कदम उठाया है। प्रदेश में महिलाओं के साथ होने वाले अपराध की दर कम करने के लिए शेरनी दस्ते को तैनात किया जा रहा है।

शेरनी दस्ता सुबह 10 बजे से लेकर रात के लगभग 8:30 बजे तक निर्धारित सार्वजनिक स्थलों पर तैनात रहेगा। दो घंटे के निश्चित अंतराल पर शेरनी दस्ते की मूल लोकेशन भी ली जाएगी। 

एसएसपी द्वारा जारी किए गए ड्यूटी चार्ट में इस बात का विस्तार से उल्लेख है कि शेरनी दस्ते में तैनात महिला सिपाहियों को किस प्रकार कार्रवाई करनी है। आदेश में महामारी के दौर में महिला सिपाहियों को खुद की सुरक्षा और बच्चों से सम्बंधित आपराधिक मामलों को सँभालने से जुड़ी बातों का भी ज़िक्र है। 

साथ ही एंटी रोमियो स्क्वायड के साथ किस तरह तालमेल बैठाना है, घटना में किन धाराओं के तहत कार्रवाई करनी है और विपरीत हालातों में साधन (स्कूटी) खराब हो जाने पर क्या करना है, इस तरह के तमाम पहलुओं पर जानकारी दी गई है। घटना के दौरान वायरलेस या हथियार (लाठी) के प्रयोग के सम्बंध में भी महिला सिपाहियों 3 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा चुका है।    

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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