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काशीपुर में इस्लामी कट्टरपंथियों की भीड़ ने पुलिस को दौड़ा-दौड़ा कर मारा: ‘I Love Muhammad’ को लेकर उत्तराखंड में 400-500 की भीड़ ने किया बवाल, साजिशकर्ता समेत 7 गिरफ्तार

लाठी-डंडे से लैस करीब 400-500 इस्लामी कट्टरपंथियों की भीड़ ने काशीपुर के अलीखान चौराहे पर पुलिस के साथ झड़प की। इनलोगों ने एसएसआई समेत कई पुलिस अधिकारियों पर हमला किया और सरकारी वाहनों को क्षतिग्रस्त किया। इससे इलाके में दहशत का माहौल है।

उत्तराखंड के उधम सिंह नगर के काशीपुर में ‘आई लव मुहम्मद’ जुलूस के दौरान भड़की हिंसा के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए साजिशकर्ता नदीम अख्तर समेत 7 इस्लामी कट्टरपंथियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके अलावा कई अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मणिकांत मिश्रा ने इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश जारी किए। इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को हालात की जानकारी दी गई है।

काशीपुर में हिंसा कैसे शुरू हुई

21 सितंबर की रात काशीपुर के अलीखान इलाके में हिंसा की शुरुआत हुई। खबरों के मुताबिक, नदीम अख्तर ने करीब 400-500 इस्लामी कट्टरपंथियों के साथ मिलकर एक सभा आयोजित की थी। सभा के बाद, भीड़ ने अचानक बैनर और पोस्टरों के साथ बगैर पूर्व अनुमति के जुलूस निकाला। उन्होंने ‘आई लव मुहम्मद’ के नारे लगाए और वाल्मीकि बस्ती से होते हुए शहर की ओर बढ़ने लगे।

जब पुलिस ने हस्तक्षेप करने की कोशिश की, तो भीड़ हिंसा पर उतारू हो गई। इनलोगों ने पुलिसकर्मियों पर लाठियों और पत्थरों से हमला कर दिया। उन्होंने पुलिसकर्मियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा और सरकारी वाहनों को नुकसान पहुँचाया। डायल-112 लिखी गाड़ी के शीशे और एक दूसरी पुलिस वाहन के बोनट को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। भीड़ ने पुलिसकर्मियों की वर्दी फाड़ दी।

एसएसपी मिश्रा की निगरानी में आरोपितों की तलाश में छापेमारी और घर-घर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। इलाके में पीएसी तैनात की गई है और आरोपितों को पकड़ने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है।

स्रोत-उत्तराखड पुलिस

पुलिस के अनुसार, एसएसआई अनिल जोशी की शिकायत पर कोतवाली काशीपुर में एफआईआर दर्ज की गई है। ऑपइंडिया को एफआईआर की एक प्रति मिली है। एसएसआई जोशी ने अपनी शिकायत में नदीम अख्तर को मुख्य आरोपी बनाया है। एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 190, 191(2), 191(3), 232, 121(1), 132, 221, 324(3), 351(2) और 352 के तहत दर्ज की गई है।

एसएसआई ने अपनी शिकायत में बताया है कि कैसे भीड़ ने लाठी-डंडे लेकर पुलिसकर्मियों को घेर लिया। भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर हमला किया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया। पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डाला। शिकायत में सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ और संपत्ति को नुकसान पहुँचाने का भी जिक्र किया गया है।

एसएसआई ने अपनी शिकायत में कहा कि उन्हें बसफोड़ान पुलिस चौकी के प्रभारी एसआई मनोज धोनी का फोन आया। उन्हें बिना अनुमति के निकाले जा रहे ‘आई लव मुहम्मद’ जुलूस की सूचना दी गई। नदीम अख्तर, हनीफ गाँधी और दानिश चौधरी जुलूस का नेतृत्व कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें अलीखान चौराहे पर रोकने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने और वाल्मीकि मोहल्ले की ओर बढ़ते रहे।

एसएसआई ने एसआई कपिल कंबोज और अन्य पुलिसकर्मियों को तहसील रोड होते हुए अपने साथ आने के लिए बुलाया। जब वे मोहल्ले में पहुँचे, तो उन्होंने देखा कि अलीखां की तरफ से 400-500 लोगों की एक भीड़ जुलूस की शक्ल में आगे बढ़ रही थी। उनके हाथ में लाठियाँ और डंडे थे। भीड़ एसआई मनोज धोनी, सब-इंस्पेक्टर अजीत सिंह, हेड कांस्टेबल जगत सिंह, कांस्टेबल देवनाथ और कांस्टेबल अमरदीप के साथ धक्का-मुक्की और झड़प कर रही थी।

एसएसआई ने भीड़ को समझाने की कोशिश की। उन्हें बताया गया कि बिना अनुमति के जुलूस नहीं निकाला जा सकता। लेकिन भीड़ ने एसआई धोनी और उनके साथ मौजूद पुलिसकर्मियों को घेर लिया। उन्होंने उनके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया। भीड़ ने एसएसआई पर भी हमला किया।

मुख्य आरोपित नदीम अख्तर समेत 7 गिरफ्तार

इस मामले में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें मास्टरमाइंड 47 वर्षीय नदीम अख्तर भी शामिल है। दस अन्य लोगों को पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में रखा गया हैं। गिरफ्तार आरोपियों में 18 वर्षीय मोहम्मद अशद, कामरान (19 साल), मोइन रज़ा (26 साल) और दानिश (28 साल) शामिल हैं।

पुलिस इलाके के सीसीटीवी फुटेज के जरिए हिंसा में शामिल इस्लामी चरमपंथियों की पहचान कर रही है। जल्द और गिरफ्तारियाँ हो सकती है।

हिंसा के बाद काशीपुर में डेरा डाले एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने कहा कि कानून-व्यवस्था को भंग नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि पुलिस पर हमला करने और सार्वजनिक शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से शांत रहने, अफवाहों से बचने और अधिकारियों के साथ सहयोग करने का आग्रह किया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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