Sunday, July 21, 2024
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उत्तरकाशी की सुरंग में फँसे 40 मजदूरों तक पहुँचाया खाना-पानी, बचाव अभियान जारी: मौके पर पहुँच CM धामी ने लिया जायजा

12 नवम्बर 2023 की सुबह करीब 5:30 बजे उत्तरकाशी में बन रही सिल्क्यारा सुरंग का लगभग 35-40 मीटर का हिस्सा धँस गया था। सुरंग के इस हिस्से में लगभग 40 मजदूर काम कर रहे थे जो मलबे में फँस गए।

उत्तराखंड के उत्तरकाशी में एक सुरंग के भीतर के फँसे हुए 40 मजदूरों को बाहर निकालने का प्रयास जारी है। राहत और बचाव टीम उन्हें सुरंग के अंदर पाइप के जरिए ऑक्सीजन और खाना-पानी पहुँचाने में सफल रही है। मलबा हटाने का काम लगातार जारी है। राहत बचाव से जुड़े अधिकारियों ने बताया है कि सभी मजदूर सुरक्षित हैं।

12 नवम्बर 2023 की सुबह करीब 5:30 बजे उत्तरकाशी में बन रही सिल्क्यारा सुरंग का लगभग 35-40 मीटर का हिस्सा धँस गया था। सुरंग के इस हिस्से में लगभग 40 मजदूर काम कर रहे थे जो मलबे में फँस गए।

इनको निकालने के लिए प्रयास जारी हैं। मौके पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य प्रशासन की राहत एवं बचाव टीमें मौजूद हैं। बचाव टीमों ने मजदूरों से सम्पर्क साधने में भी सफलता पाई है। लगातार मलबे को हटाया जा रहा है।

घटनास्थल पर काम करने वाले एक व्यक्ति मृत्युंजय कुमार ने कहा है कि जैसे-जैसे हम मलबा हटा रहे हैं, वैसे ही नया मलबा भी आ रहा है। इससे समस्या हो रही है। उनका कहना है कि लगभग 35-40 मीटर का हिस्सा मलबे से प्रभावित लग रहा है। अभी भारी मशीनों के जरिए मलबा हटाया जा रहा है।

उत्तरकाशी के पुलिस क्षेत्राधिकारी ने कहा है कि मलबे के किनारे से रास्ता बनाकर मजदूरों तक पहुँचने की कोशिश हो रही है। अंदर सभी मजदूर पूरी तरह सुरक्षित हैं।

मौके पर मौजूद NDRF के असिस्टेंट कमांडेंट करमवीर सिंह भंडारी ने कहा है कि सभी मजदूरों को आज सकुशल बाहर निकाल लेने की उम्मीद है। इस सुरंग का निर्माण कार्य देख रही NHIDCL के डायरेक्टर अंशु मनीष खलको ने कहा है कि स्थिति अभी ठीक है। हम उस इलाके को साफ़ करके मजदूरों को निकाल रहे हैं।

घटनास्थल का जायजा लेने के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी पहुँचे हैं। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “सभी विशेषज्ञ एजेंसियाँ श्रमिकों को सकुशल बाहर निकालने का काम कर रही हैं। इस समय हमारी प्राथमिकता है कि सभी 40 श्रमिकों को बाहर निकाला जाए। हम उनके परिजनों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि केंद्र और राज्य सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। अच्छी बात ये है कि उनसे (श्रमिकों से) संपर्क स्थापित हो गया है।”

गौरतलब है कि इस प्रोजेक्ट की यह सबसे लंबी सुरंग लगभग साढ़े चार किलोमीटर की है। इसका करीब 4 किलोमीटर निर्माण हो गया है। सुरंग के निर्माण में करीब 1000 मजदूर दिन-रात जुटे रहते हैं। ये अलग-अलग शिफ्ट में काम करते हैं। फरवरी, 2024 तक इसकी खुदाई पूरी करने का लक्ष्य है। 

बता दें कि यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिलक्यारा और जंगल चट्टी के बीच इस सुरंग के निर्माण से गंगोत्री और यमुनोत्री के बीच की दूरी 26 किमी कम हो जाएगी। यह सुरंग करीब 853 करोड़ की लागत से बन रही है। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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