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ज्ञानवापी विवादित ढाँचे के सर्वे का आदेश देने वाले जज रवि दिवाकर को मिली जान से मारने की धमकी, बढ़ाई गई सुरक्षा

"आप भी तो मूर्तिपूजक हैं। आप मस्जिद को मंदिर घोषित कर देंगे। कोई भी काफिर मूर्तिपूजक हिंदू न्यायाधीश से मुसलमान सही फैसले की उम्मीद नहीं कर सकता।"

ज्ञानवापी विवादित ढाँचे के मामले में जारी सुनवाई के बीच अब एक नया विवाद खड़ा हो गया है। इस पूरे मामले में ज्ञानवापी परिसर के सर्वे करने का आदेश देने वाले जज रवि दिवाकर को अब जान से मारने की धमकी मिली है।

दरअसल, जज रवि दिवाकर ने वाराणसी में ज्ञानवापी विवादित ढाँचे में एडवोकेट कमिश्‍नर की कार्यवाही का आदेश दिया था। वहीं अपने फैसले के बाद उन्‍होंने खुद को इस प्रकरण को लेकर परिवार में चिंता की बात भी पहले ही कही थी। अब उनको जान से मारने की धमकी मिलने के बाद उनकी सुरक्षा को लेकर शासन स्‍तर से जाँच करने के साथ ही‍ कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।

मामले में कमिश्नर ए सतीश गणेश ने कहा कि मंगलवार (7 जून, 2022) को दिन में जज रवि दिवाकर को धमकी भरा एक पत्र रजिस्टर्ड पोस्ट से मिला है, जिसमें कुछ और भी कागज संलग्न हैं। हालाँकि इसकी जानकारी उन्होंने बाद में पुलिस को दी।

धमकी भरे पत्र में लिखा गया है, “अब न्यायाधीश भी भगवा रंग में सराबोर हो चुके हैं। फैसला उग्रवादी हिंदुओं और उनसे जुड़े संगठनों को प्रसन्न करने के लिए सुनाते हैं। इसके बाद ठीकरा विभाजित भारत के मुसलमानों पर फोड़ते हैं। आप न्यायिक कार्य कर रहे हैं। आपको सरकारी मशीनरी मिली है, फिर आपकी पत्नी व माँ को डर कैसा है? आजकल न्यायिक अधिकारी हवा का रूख देखकर चालबाजी दिखा रहे हैं। आपने वक्तव्य दिया था कि ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का निरीक्षण एक सामान्य प्रक्रिया है। आप भी तो मूर्तिपूजक हैं। आप मस्जिद को मंदिर घोषित कर देंगे। कोई भी काफिर मूर्तिपूजक हिंदू न्यायाधीश से मुसलमान सही फैसले की उम्मीद नहीं कर सकता।”

जैसे ही जज को धमकी की खबर सामने आई प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। वहीं बताया जा रहा है कि ये धमकी किसी इस्लामिक आजाद मूवमेंट नामक संस्‍था की ओर से दी गई है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, धमकी भरे उस पत्र के बारे में न्यायाधीश रवि दिवाकर ने प्रमुख गृह सचिव को जानकारी दी है। जिसके बाद उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

गौरतलब है कि न्यायाधीश रवि दिवाकर सिविल सीनियर डिवीजन वाराणसी कोर्ट में कार्यरत हैं। वहीं अब धमकी वाले मामले को डीसीपी वरुणा खुद देख रहे हैं। फ़िलहाल जज की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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