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घर की दीवार पर ‘जय श्री राम’ से बवाल, बगल में है मजार: UP की फतेहपुर पुलिस ने बताया – धार्मिक चिह्न हटाने को नहीं कहा

थाना प्रभारी ने बताया कि राहुल चौधरी के घर की दीवार से सटी एक मजार है। यह मज़ार लगभग 10 साल पहले बनी थी। उस समय किसी ने भी इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई थी। मजार से जुड़ी दीवार पर जय श्रीराम लिखे होने पर कुछ लोगों ने पुलिस को बुलवाया था।

उत्तर प्रदेश के जिला फतेहपुर में दीवाल पर जय श्रीराम लिखने के बाद हो रही बहसबाजी का वीडियो वायरल हुआ है। इस वीडियो में पुलिस बल भी दिखाई दे रहा है। सुनाई दे रही आवाजों में दूसरों को आपत्ति न होने की बात कही जा रही है। वीडियो पर कई लोगों ने अपनी अपनी राय रखी है।

सुदर्शन न्यूज़ के प्रधान सम्पादक सुरेश चव्हाणके ने लिखा है, “अपने घर पर जय श्रीराम लिखना फतेहपुर में बैन, पुलिस जिहादियों के सुर में मिला रही है सुर।” इसी के साथ उन्होंने फतेहपुर पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस को टैग भी किया है।”

इसी घटना पर सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत पटेल ने भी अपनी राय रखी है। उन्होंने ट्वीट कर के लिखा है कि, “अपने घर की दीवार पर ‘जय श्री राम’ लिखना कब से अपराध हो गया फतेहपुर पुलिस? अगर किसी हिन्दू के घर के सामने मस्जिद है तो वह जीना छोड़ दे क्या? पुलिस कहीं की भी हो वह समुदाय के सामने दब्बू मानसिकता और सेक्युलरिज्म की बीमारी से ग्रसित है।”

इसी घटना का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया गया है। इस वीडियो में राहुल चौधरी मज़ार के निर्माण पर सवाल खड़े कर रहा। राहुल चौधरी के अनुसार, मज़ार का निर्माण किसी बाहरी व्यक्ति ने करवाया है। राहुल के अनुसार अगर वो भाजपा का भी झंडा ला देते हैं तो पुलिस में शिकायत कर दी जाती है।

ऑप इंडिया ने इस घटना की पड़ताल की। पड़ताल में यह मामला फतेहपुर के किशुनपुर थानाक्षेत्र का निकला। वीडियो में बहस कर रहे व्यक्ति का नाम राहुल चौधरी है। थाना प्रभारी किशुनपुर ने इस प्रकरण की विस्तार से जानकारी दी। उनके अनुसार पुलिस ने किसी धार्मिक शब्द को हटाने आदि का दबाव नहीं बनाया। वीडियो के एक छोटे हिस्से को मुद्दा बना कर विषय तो तूल देने का प्रयास भर है।

थाना प्रभारी ने बताया कि राहुल चौधरी के घर की दीवाल से सटी एक मजार है। यह मज़ार लगभग 10 साल पहले बनी थी। उस समय किसी ने भी इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई थी। मजार से जुड़ी दीवाल पर जय श्रीराम लिखे होने पर कुछ लोगों ने पुलिस को बुलवाया था। पुलिस ने सामान्य सवाल जवाब किए। धार्मिक शब्द या चिह्न को हटाने का कोई भी दबाव पुलिस ने नहीं बनाया। पुलिस ने सभी पक्षों से साम्प्रदायिक सद्भाव बना कर चलने की बात कही। कानून व्यवस्था की स्थिति सामान्य है।

राहुल चौधरी ने मज़ार द्वारा मार्ग के अतिक्रमण का भी आरोप लगाया है। क्षेत्र के SDM भी मौके पर पहुँचे हैं और वो नियमानुसार कार्रवाई कर रहे हैं। अतिक्रमण आदि का विषय पुलिस के अनुसार राजस्व विभाग का है। इसी के साथ ही पुलिस ने अपनी रिपोर्ट लगा कर आगे की कार्रवाई के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दिया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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