Wednesday, September 28, 2022
Homeदेश-समाजबंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा पर पैनल ने सौंपी रिपोर्ट, कहा- महिलाओं पर...

बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा पर पैनल ने सौंपी रिपोर्ट, कहा- महिलाओं पर भी हुआ जघन्य हमला

गृह मंत्रालय की इस चार सदस्यीय टीम को चुनाव के बाद हुई हिंसा के कारण जानने का काम सौंपा गया था। केंद्र ने राज्यपाल जगदीप धनखड़ से बंगाल की कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर राज्य में 2 मई को आए चुनाव नतीजों को लेकर भड़की हिंसा को लेकर रिपोर्ट माँगी थी।

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद हुई विभिन्न प्रकार की हिंसा की घटनाओं की जाँच के लिए केंद्र सरकार की ओर से बनाई गई चार सदस्यीय कमेटी ने शनिवार (मई 29, 2021) को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। सरकारी बयान के मुताबिक तथ्य उजागर करने वाली इस रिपोर्ट को शनिवार को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता मोनिका अरोड़ा के नेतृत्व वाले एक बुद्धिजीवियों और शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने तथ्यों को उजागर करने वाली रिपोर्ट ‘2021 में बंगाल में खेला’ नामक शीर्षक की अपनी रिपोर्ट को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री को सौंपा। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बंगाल चुनाव के बाद हुई हिंसा को लेकर इस महीने की शुरुआत में राज्य सरकार से रिपोर्ट माँगी थी।

हिंसा का कारण जानने के लिए बनाई गई थी टीम

गृह मंत्रालय की इस चार सदस्यीय टीम को चुनाव के बाद हुई हिंसा के कारण जानने का काम सौंपा गया था। केंद्र ने राज्यपाल जगदीप धनखड़ से बंगाल की कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर राज्य में 2 मई को आए चुनाव नतीजों को लेकर भड़की हिंसा को लेकर रिपोर्ट माँगी थी।

भारतीय जनता पार्टी का दावा है कि कई घटनाओं में उसके 6 कार्यकर्ताओं की जान गई है। भाजपा ने आरोप लगाया था कि टीएमसी समर्थक गुंडों ने उसके कई कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी और महिला कार्यकर्ताओं पर हमला किया, घरों में तोड़-फोड़ की और दुकानों को लूटा।

हालाँकि, इन आरोपों को दरकिनार करते हुए ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि ऐसी हिंसा की घटनाएँ उन्हीं इलाकों में हुई, जहाँ पर भाजपा के कार्यकर्ताओं ने विधानसभा चुनावों में भारी मतों से जीत हासिल की है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि चुनाव के बाद हुई हिंसा में उनके 16 कार्यकर्ताओं की मौत हुई है। टीम ने दक्षिण 24 परगना और उत्तर 24 परगना जिलों का दौरा किया और मारे गए लोगों के परिवारों और आस-पास के लोगों से बातचीत की।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में 2 मई 2021 को चुनावी नतीजों में तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की जीत सुनिश्चित होने के बाद हिंसा भड़क उठी थी। विपक्ष खास कर बीजेपी समर्थक इस दौरान निशाने पर थे। बीजेपी से जुड़े जिन लोगों की हत्या की गई उनमें अभिजीत सरकार और हारन अधिकारी भी शामिल थे। हिंसा की सीबीआई जाँच या विशेष जाँच दल (SIT) के गठन को लेकर इनके परिजनों की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल सरकार को नोटिस जारी किया था।

राज्य में कई जगहों पर हुई राजनीतिक हिंसा के बाद 146 सेवानिवृत्त अधिकारियों ने राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को पत्र लिखकर मामले में SIT गठित करने की माँग की थी। साथ ही राज्य में हुई इस व्यापक राजनीतिक हिंसा के मद्देनजर 2093 महिला वकीलों ने भी भारत के मुख्य न्यायाधीश एन वी रमन्ना को पत्र लिखकर मामले में संज्ञान लेने की अपील की थी।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कुछ दिन शांत देख कर नींद में समझा क्या… PFI पर बैन के बाद लोगों को अमित शाह में दिखा ‘पुष्पा’, कहा – मौज...

PFI पर बैन लगने के बाद सोशल मीडिया में टॉप ट्रेंड बन गया #PFIBan. यूजर्स मीम्स शेयर कर के कह रहे हैं अपनी बात। मोदी सरकार की हो रही तारीफ़।

बंगाल का एक दुर्गा पूजा पंडाल ऐसा भी: याद उनकी जो चुनाव बाद मार डाले गए, सुनाई देगी माँ की रुदन

दुर्गा पूजा में अलग-अलग थीम के पंडाल के तैयार किए जाते हैं। पश्चिम बंगाल में इस बार एक पूजा पंडाल उन लोगों की याद में तैयार किया गया है जो विधानसभा चुनाव के बाद राजनीतिक हिंसा में मार डाले गए थे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
224,749FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe