Homeदेश-समाजमुरैना के शाहरुख और इमरान ने इलाज के नाम पर बनवाया पास, आगरा से...

मुरैना के शाहरुख और इमरान ने इलाज के नाम पर बनवाया पास, आगरा से ले आए बेगम, महिला निकली कोरोना+

इमरान और शाहरुख का 23 अप्रैल को आगरा में मथुरा रोड पर निकाह होना था। दोनों ने निकाह की बात छिपाते हुए इलाज के नाम पर आगरा जाने की अनुमति एसडीएम से ली। दोनों 23 अप्रैल को आगरा गए और निकाह कर बीवियों को ले मुरैना आ गए।

मध्य प्रदेश के मुरैना के इस्लामपुरा में रहने वाले इमरान कुरैशी और शाहरुख कुरैशी ने इलाज के बहाने SDM से कार का पास लिया और आगरा जाकर दोनों भाई निकाह कर बेगम ले आए। इसका खुलासा 30 अप्रैल को मुरैना में एक महिला के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद हुआ। पुलिस ने इमरान और शाहरुख के साथ ही कोरोना पॉजिटिव महिला के पति समेत पाँच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

जानकारी के मुताबिक इमरान और शाहरुख का 23 अप्रैल को आगरा में मथुरा रोड पर निकाह होना था। दोनों ने निकाह की बात छिपाते हुए इलाज के नाम पर आगरा जाने की अनुमति एसडीएम से ली। दोनों 23 अप्रैल को आगरा गए और निकाह कर बीवियों को ले मुरैना आ गए।

लौटने के बाद दोनों ने पास गाड़ी मालिक पवन राठौर के पास ही छोड़ दिया। फिर पवन राठौर उसी गाड़ी से गोलू राठौर और आनंद राठौर को लेकर आगरा गया। इसके बाद आनंद राठौर अपनी पत्नी को आगरा से लेकर आया। जाँच के दौरान महिला के संदिग्ध पाए जाने पर 27 अप्रैल को सभी को आइसोलेट कर दिया गया। 30 अप्रैल को महिला की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। इसके चलते प्रशासन में हडकंप मच गया है। वार्ड में स्वास्थ्य कर्मचारियों से सर्वे करवाई जा रही है।

अनुमति पर उठ रहे सवाल

शहर से बाहर दिखाने के लिए डॉक्टर की अनुमति तभी मिल रही है जब जिला अस्पताल से डॉक्टर लिख कर दें। इस मामले में आगरा में मरीज को दिखाने के लिए पर्चा बनाने वाले डॉक्टर भी कार्रवाई के दायरे में हैं। बॉर्डर पर पुलिस का सख्त पहरा है। लेकिन किसी ने यह चेक नहीं किया कि गाड़ी पर अनुमति दो लोगों की है और उसमें चार लोग बैठकर आ रहे हैं। वहीं गाड़ी दूसरे दिन फिर से नाके से निकल रही है उसमें वापसी में फिर से संख्या अधिक रही, लेकिन किसी ने चेक नहीं किया। अगर बारीकी से चेक किया गया जाता तो मामला पकड़ा जाता।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -