Sunday, June 13, 2021
Home देश-समाज 2 कपूर, 4 बेटियाँ और यस बैंक का डूबना: 26/11 से कैसे जुड़े हैं...

2 कपूर, 4 बेटियाँ और यस बैंक का डूबना: 26/11 से कैसे जुड़े हैं इस सफर के तार

शगुन का कहना है कि उनका और उनके परिवार का भरोसा बैंक पर बरकरार है। इसलिए उन्होंने अपनी 8.5% हिस्सेदारी नहीं बेची। बैंक के एस्क्रो अकाउंट में 3600 करोड़ रुपए (50 करोड़ डॉलर) हैं। इससे जमाकर्ताओं का पैसा लौटाने में मदद मिलेगी।

यस बैंक घोटाले के आरोप में इन दिनों राणा कपूर का नाम सुर्खियों में हैं। राणा कपूर के साथ उनकी तीनों बेटियाँ भी बड़े स्तर पर हुए फर्जीवाड़ा का हिस्सा बताई जा रही हैं। तीनों का नाम- राखी कपूर टंडन, राधा कपूर और रोशनी कपूर है। इनके ख़िलाफ़ ईडी ने लुकआउट नोटिस जारी किया है। इनके अलावा इस बैंक से एक और बेटी का नाम जुड़ा है। लेकिन इस बेटी को बैंक में अपनी हिस्सेदारी पाने के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। अदालत के हस्तक्षेप से जब हक मिला तब तक शायद काफी देर हो चुकी थी। लेकिन, अब भी उनका मानना है कि यदि आज उनके पिता जिंदा होते तो बैंक इस तरह नहीं डूबता।

हम बात कर रहे हैं- शगुन कपूर गोगिया की। शगुन, यस बैंक की स्थापना करने वाले अशोक कपूर की बेटी हैं। उन्हें राणा कपूर से एक समय में बड़ा धोखा मिला। लेकिन, पिता की मौत के बाद आई इस परेशानी की घड़ी में उन्होंने हार नहीं मानी और बैंक में अपनी जगह पाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी। नतीजतन, बाद में जाकर वह बैंक के बोर्ड में शामिल हो ही गईं।

शगुन कपूर मीडिया को दिए साक्षात्कार में कहती हैं कि यस बैंक का मूल आइडिया उनके पिता का ही था। जिन्होंने इसे एनबीएफसी से बैंक और फिर अहम मुकाम तक पहुँचाने में योगदान दिया। उनका मानना है कि उनके पिता के रहते बैंक ऐसी परेशानियों में कभी नहीं घिरता। वे इसके संचालन में इतनी गड़बड़ियाँ कभी नहीं होने देते।

अब सवाल है कि जब अशोक कपूर मूल रूप से इस बैंक के कर्ता-धर्ता थे, तो फिर फ्रेम में राणा कपूर का नाम और उनकी बेटियों का नाम कैसे आया और आखिर क्यों अशोक कुमार की बेटी को अपने पिता के बैंक में ही जगह पाने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ी?

दरअसल, ये मनमुटाव की कहानी शुरू होती है 2008 के बाद से। लेकिन इससे पहले ये जानने की जरूरत है कि यस बैंक की शुरुआत में अशोक कपूर और राणा कपूर का आपस में क्या संबंध हैं? तो बता दें, साल 1999 में अशोक कपूर (ABN Amro Bank के पूर्व कंट्री हेड) हरकीरत सिंह ( पूर्व कंट्री हेड Deutche Bank) और राणा कपूर (पूर्व प्रमुख कॉर्परेट और फाइंनेस ANZ Grindlays Bank) ने रोबोबैंक के साथ मिलकर नॉन बैंकिंग फाइंनेंस कंपनी की शुरुआत की। मगर, बाद में हरकीरत सिंह इससे बाहर निकल गए। साल 2003 में अशोक और राणा कपूर को बैंक चलाने का लाइसेंस मिला और वर्ष 2004 में यस बैंक की शुरुआत हुई।

इस शुरुआत के बाद अशोक कपूर बैंक के अध्यक्ष बने, जबकि राणा को बैंक का मैनेजिंग डायरेक्टर बनाया गया। बैंक ने ग्राहकों के सेविंग अकाउंट पर 6 परसेंट का ब्याज दर देना शुरू किया। लिहाजा कुछ ही सालों में बैंक के पास लाखों ग्राहक पहुँच गए। बैंक बड़े कंपनियों को ऊँचे दर पर लोन दिया करती थी। इसी बीच अशोक कपूर और राणा कपूर की दोस्ती रिश्तेदारी में बदल गई। अशोक कपूर की पत्नी मधु कपूर की बहन से राणा कपूर ने शादी कर ली। ये वो समय था जब दोनों बिजनेस पार्टनर और दोस्त से साढू बने। यानी राणा कपूर बने शगुन के मौसा।

इस दौरान सब कुछ बढ़िया चलता रहा। बैंक भी तेजी से तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ा, लेकिन साल 2008 में मुंबई हुए 26/11 हमले ने पूरी कहानी को ही पलट दिया। अशोक कपूर आतंकी हमले का शिकार हो गए।

दिवंगत अशोक कपूर और उनकी बेटी शगुन कपूर

अशोक की मौत के बाद उनकी पत्नी ने अपने बेटी यानी शगुन को बैंक का निदेशक बनाने का प्रस्ताव रखा। लेकिन बैंक ने उस समय ये कहते हुए उनकी दावेदारी खारिज कर दी कि वो RBI के गाइडलाइंस को पूरा नहीं करती। बाद में मामला बॉम्बे हाईकोर्ट पहुँचा और साल 2015 में फैसला अशोक कपूर के हक में आया।

लंबी कानूनी के बाद 2019 में शगुन काे यस बैंक के बोर्ड में जगह मिल पाई। 26 अप्रैल 2019 को शगुन बैंक की एडिशनल डायरेक्टर बनाई गईं। इससे पहले साल 2012 में एक और वाकया हुआ जिसने शगुन के सामने उसके मौसा की हकीकत को खोलकर रख दिया।

दरअसल, राणा कपूर ने वर्ष 2012 में अपने बैंक का इतिहास छपवाया था। लेकिन उसने इस इतिहास में अशोक कपूर का कोई ज़िक्र नहीं करवाया। इसे देखने के बाद अशोक कपूर के परिवार ने इसे अपने दोस्त के साथ धोखा करार दिया।

आज बैंक की स्थिति देखकर भी शगुन का कहना है कि उनका और उनके परिवार का भरोसा बैंक पर बरकरार है। इसलिए उन्होंने अपनी 8.5% हिस्सेदारी नहीं बेची। उनका कहना है कि वे इसे उबारने की हरसंभव कोशिश कर रहे हैं। बैंक के एस्क्रो अकाउंट में 3600 करोड़ रुपए (50 करोड़ डॉलर) हैं। इससे जमाकर्ताओं का पैसा लौटाने में मदद मिलेगी।

ऐसे ही नहीं डूब गया यस बैंक, प्रियंका गाँधी की पेंटिंग खरीदने पर राणा कपूर ने खर्चे करोड़ों

लंदन भाग रही थीं ‘यस बैंक’ के संस्थापक राणा कपूर की बेटी रौशनी, मुंबई एयरपोर्ट पर रोकी गईं

PM को गिफ्ट मिली पेंटिंग को प्रियंका गाँधी ने किस हैसियत से बेचा?: ‘यस बैंक’ विवाद में उठे कई नए सवाल

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘शर्म आनी चाहिए 370 पर इतना बड़ा झूठ बोलते हुए…’: दिग्विजय सिंह को कश्मीरी एक्टिविस्ट डॉ अग्निशेखर ने लताड़ा

डॉ अग्रनिशेखर ने दिग्विजय सिंह की निंदा की। साथ ही अपनी व तमाम कश्मीरी पंडितों की ओर कॉन्ग्रेसी नेता के बयान का खंडन कर इसे बिलकुल गलत बताया।

‘राजस्थान में गहलोत सरकार करा रही पायलट खेमे के विधायकों की फोन टैपिंग और जासूसी’: MLA वेद प्रकाश सोलंकी

सोलंकी ने कहा कि इस मामले के सामने आने के बाद विधायकों में दहशत है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए ये सब ठीक नहीं है।

‘आग लगाओ आग’: मेवात में जुनैद की मौत के बाद भीड़ ने किया पुलिस पर हमला; लाठी-डंडे-पत्थर फेंकने के बाद लगाई आग

“मेवात में आज जुनैद के मौत के बाद पुलिस वालों को शांतिदूतों ने मारा पीटा थाने को आग के हवाले कर दिया पुलिस की गाड़ियों को तोड़ा फोड़ा गया।”

‘किसान’ आंदोलन में गैंगरेप, बात दबाने के लिए शव यात्रा: 2 महिलाओं ने भी नहीं की पीड़िता की मदद

गैंगरेप की बात को लेकर 'किसान' आंदोलन में महिलाओं ने भी पीड़िता को धोखा दिया। उन्होंने पीड़िता की आपबीती का वीडियो बनाकर...

न जॉब रही, न कार्टून बिक रहे… अब PM मोदी को कोस रहे: ट्विटर के मेल के सहारे वामपंथी मीडिया का प्रपंच

मंजुल के सहयोगी ने बताया कि मंजुल अपने इस गलत फैसले के लिए बाहरी कारणों को दोष दे रहे हैं और आशा है कि जो पब्लिसिटी उन्हें मिली है उससे अब वो ज्यादा पैसे कमा रहे होंगे।

UP के ‘ऑपरेशन’ क्लीन में अतीक गैंग की ₹46 करोड़ की संपत्ति कुर्क, 1 साल में ₹2000 करोड़ की अवैध प्रॉपर्टी पर हुई कार्रवाई

पिछले 1 हफ्ते में अतीक गैंग के सदस्यों की 46 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की गई और अब आगे 22 सदस्य ऐसे हैं जिनकी कुंडली प्रयागराज पुलिस लगातार खंगाल रही है।

प्रचलित ख़बरें

सस्पेंड हुआ था सुशांत सिंह का ट्रोल अकाउंट, लिबरलों ने फिर से करवाया रिस्टोर: दूसरों के अकाउंट करवाते थे सस्पेंड

जो दूसरों के लिए गड्ढा खोदता है, वो उस गड्ढे में खुद गिरता है। सुशांत सिंह का ट्रोल अकाउंट @TeamSaath के साथ यही हुआ।

सुशांत ड्रग एडिक्ट था, सुसाइड से मोदी सरकार ने बॉलीवुड को ठिकाने लगाया: आतिश तासीर की नई स्क्रिप्ट, ‘खान’ के घटते स्टारडम पर भी...

बॉलीवुड के तीनों खान-सलमान, शाहरुख और आमिर के पतन के पीछे कौन? मोदी सरकार। लेख लिखकर बताया गया है।

‘भाईजान’ के साथ निकाह से इनकार, बॉयफ्रेंड संग रहना चाहती थी समन अब्बास, अब खेत में दफन? – चचेरा भाई गिरफ्तार

तथाकथित ऑनर किलिंग में समन अब्बास के परिवार वालों ने उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी और उसके शव को खेत में दफन कर दिया?

‘तुम्हारी लड़कियों को फँसा कर रोज… ‘: ‘भीम आर्मी’ के कार्यकर्ता का ऑडियो वायरल, पंडितों-ठाकुरों को मारने का दावा

'भीम आर्मी' के दीपू कुमार ने कहा कि उसने कई ब्राह्मण और राजपूत लड़कियों का बलात्कार किया है और पंडितों और ठाकुरों को मौत के घाट उतारा है।

नुसरत जहाँ की बेबी बंप की तस्वीर आई सामने, यश दासगुप्ता के साथ रोमांटिक फोटो भी वायरल

नुसरत जहाँ की एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें उनकी बेबी बंप साफ दिख रहा है। उनके पति निखिल जैन पहले ही कह चुके हैं कि यह उनका बच्चा नहीं है।

11 साल से रहमान से साथ रह रही थी गायब हुई लड़की, परिवार या आस-पड़ोस में किसी को भनक तक नहीं: केरल की घटना

रहमान ने कुछ ऐसा तिकड़म आजमाया कि सजीथा को पूरे 11 साल घर में भी रख लिया और परिवार या आस-पड़ोस तक में भी किसी को भनक तक न लगी।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
103,458FollowersFollow
393,000SubscribersSubscribe