Tuesday, July 23, 2024
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ऐसे ही नहीं डूब गया यस बैंक, प्रियंका गाँधी की पेंटिंग खरीदने पर राणा कपूर ने खर्चे करोड़ों

SBI के बोर्ड ने यस बैंक में 49 फीसद हिस्सेदारी के अधिग्रहण को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी। पिछले दो दिन में केंद्रीय वित्त मंत्री से लेकर आरबीआई गवर्नर और एसबीआई के चेयरमैन तक यस बैंक के ग्राहकों को आश्वस्त करने की कोशिशों में लगे हैं कि उनके मेहनत की कमाई पूरी तरह सुरक्षित है और डूबेगी नहीं।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रविवार (मार्च 8, 2020) तड़के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में यस बैंक के फाउंडर राणा कपूर को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ़्तारी से पहले ईडी के अधिकारियों ने उनसे करीब 30 घंटे से ज्यादा पूछताछ की था। ईडी अधिकारियों ने बताया कि बैंकर को तड़के करीब तीन बजे धन शोधन निवारण कानून (PMLA) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया, क्योंकि वह जाँच में सहयोग नहीं कर रहे थे।

इस मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक आयकर विभाग ने यस बैंक के पूर्व प्रमोटर राणा कपूर और प्रियंका गाँधी वाड्रा के बीच कथित साँठगाँठ पाया है।

नए खुलासे के अनुसार, राणा कपूर ने प्रियंका गाँधी वाड्रा की एक पेंटिंग खरीदी थी। इसने यस बैंक घोटाले में गाँधी परिवार की भागीदारी को लेकर संदेह बढ़ा दिया है। खुलासे के बाद आयकर विभाग यह जाँच कर रहा है कि क्या यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर और कॉन्ग्रेस की महासचिव प्रियंका गाँधी के बीच कोई संबंध है।

मीडिया में आई रिपोर्टों से पता चलता है कि राणा कपूर के गाँधी परिवार के साथ घनिष्ठ संबंध थे। राणा कपूर ने कथित तौर पर प्रियंका गाँधी की 2 करोड़ रुपए में एक पेंटिंग खरीदी थी। यह खुलासा प्रवर्तन निदेशालय द्वारा राणा कपूर से लगभग 30 घंटे तक किए गए पूछताछ के दौरान हुआ। 

ईडी ने शुक्रवार (मार्च 6, 2020) देर रात राणा कपूर के वरली स्थित समुद्र महल बिल्डिंग में उनके घर पर छापे मारे थे। राणा को शनिवार (मार्च 7, 2020) दोपहर दक्षिण मुंबई के बेलार्ड पियर्स स्थित ईडी दफ्तर ले जाया गया। यहाँ उनसे 30 से अधिक घंटों तक पूछताछ की गई। अधिकारियों ने बताया कि राणा कपूर को एक स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा ताकि उन्हें हिरासत में लिया जा सके।

ईडी ने यह कार्रवाई तब की है जब भारतीय रिजर्व बैंक ने गुरुवार (मार्च 5, 2020) को पूँजी की कमी से जूझ रहे यस बैंक पर पाबंदी लगाई, जिससे उसका हर खाताधारक केवल 50,000 रुपए तक ही निकाल सकता है। निजी क्षेत्र के इस बैंक के बोर्ड को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है।

शुक्रवार को SBI के बोर्ड ने यस बैंक में 49 फीसद हिस्सेदारी के अधिग्रहण को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी। पिछले दो दिन में केंद्रीय वित्त मंत्री से लेकर आरबीआई गवर्नर और एसबीआई के चेयरमैन तक यस बैंक के ग्राहकों को आश्वस्त करने की कोशिशों में लगे हैं कि उनके मेहनत की कमाई पूरी तरह सुरक्षित है और डूबेगी नहीं।

इससे पहले वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि यस बैंक को बचाने के लिए सरकार और आरबीआई साथ काम कर रहे हैं। वित्त मंत्री ने हर खाताधारक को भरोसा दिलाया कि उनका पैसा सुरक्षित है और वे लगातार आरबीआई के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बैंक के लिए जल्द ही रिजोल्यूशन प्लान लेकर आएगी। उन्होंने कहा कि वह आरबीआई से बात करेंगी कि यस बैंक के जमाकर्ताओं को नकदी की समस्या का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही कम से कम एक साल के लिए बैंक में काम करने वालों का रोजगार और वेतन सुनिश्चित किया जाएगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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