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एंटी CAA प्रदर्शन, Pak दौरा: विदेशी यूट्यूबर ने कई बार किया नियमों का उल्लंघन, वीजा रद्द होने पर खेल रहा विक्टिम कार्ड

3 बार पहले ही वीजा नियमों का उल्लंघन कर चुके कार्ल रॉक ने CAA (नागरिकता संशोधन कानून) विरोधी आंदोलनों में न सिर्फ भाग लिया, बल्कि अपने यूट्यूब चैनल से भी इसे दिखाया।

भारत में रहने वाले न्यूजीलैंड के वीलॉगर कार्ल रॉक ने शुक्रवार (जुलाई 9, 2021) को आरोप लगाया कि भारत सरकार ने उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया है। कार्ल रॉक एक वीलॉगर है, जो ट्रेवल से जुड़े वीडियोज बनाता है और 2 साल पहले वो भारत में शिफ्ट हो गया था। उसने एक भारतीय महिला से शादी भी कर रखी है। यूट्यूबर ने दावा किया कि वो कुछ दिनों के लिए दुबई और पाकिस्तान रहने गया था, लेकिन पता चला कि उसका वीजा कैंसल कर दिया गया है।

उसका कहना है कि जब वो दुबई लौटा और वीजा रिन्यू करने की कोशिश की तो उसे पता चला कि ये तो कैंसल किया जा चुका है। पहले ये अंदेशा जताया जा रहा है कि भारत सरकार विरोधी प्रदर्शनों के समर्थन के लिए उस पर ये बंदिश लगाई गई है। CAA विरोधी आंदोलनों में वो सक्रिय रहा था। लेकिन, अब केंद्रीय गृह मंत्रालय के सूत्रों ने कहा है कि वीजा नियमों के उल्लंघन के कारण भारत म घुसने से उसे रोका गया।

वो टूरिस्ट वीजा लेकर भारत में आया था, लेकिन यहाँ आकर बिजनेस कर रहा था। अब पता चला है कि भारत में रहने के दौरान उसने कम से कम 3 बार वीजा नियमों का उल्लंघन किया। सरकारी सूत्रों ने ऑपइंडिया को बताया कि उसे सबसे पहले 2016 में 2 वर्षों के लिए टूरिस्ट वीजा दिया गया था। लेकिन, उसने “Indian Survival Guided” नामक पुस्तक का प्रकाशन कर के इसका उल्लंघन किया, जिसकी अनुमति इस वीजा के अंतर्गत नहीं है।

इसके दो साल बाद 2018 में उसे 5 सालों के लिए फिर से टूरिस्ट वीजा दिया गया। इसके बाद उसने कुछ ऐसे ‘रिस्ट्रिक्टेड एरियाज’ का दौरा किया, जहाँ विदेशियों, खासकर टूरिस्ट वीजा धारकों को जाने की अनुमति नहीं है। उसने जी न्यूज के एक लेख ‘अतुल्य भारत’ में दिल्ली के कनॉट प्लेस में ठगों के पर्दाफाश का दावा किया था। टूरिस्ट वीजा पर पत्रकारिता से लेकर मीडिया एक्टिविटी पर रोक है।

2018 में सरकार ने उसे X-2 वीजा भी दिया था और 2024 तक देश में रहने की अनुमति प्रदान की गई थी। 3 बार पहले ही वीजा नियमों का उल्लंघन कर चुके कार्ल रॉक ने इस बार CAA (नागरिकता संशोधन कानून) विरोधी आंदोलनों में न सिर्फ भाग लिया, बल्कि अपने यूट्यूब चैनल से भी इसे दिखाया। दिसंबर 2019 में उसने अपनी पत्नी के साथ एक CAA विरोधी आंदोलन का वीडियो डाला।

जबकि वीजा नियम ये कहता है कि कोई विदेशी भारत में आकर राजनीतिक गतिविधियों में भाग नहीं ले सकता। उसकी इन सभी करतूतों के कारण केंद्रीय गृह मंत्रालय ने संज्ञान लिया और उसका वीजा रद्द किया। साथ ही वो बार-बार आतंकी मुल्क पाकिस्तान का भी दौरा करता था। कई महीनों तक वो वहाँ रहा था। फिर उसने दावा किया कि वो 3 साल पहले ही पाकिस्तान छोड़ चुका है क्योंकि वहाँ की ख़ुफ़िया एजेंसी ISI उसे जासूस समझ कर उस पर नजर रख रही थी।

उसने दावा किया था कि 2018 में उस पर इतनी नजर रखी जा रही थी कि उसे पाकिस्तान छोड़ दिया। मई 2018 के एक वीडियो में उसने कहा था कि चल कर सीमा पार करने के कारण ISI के लोग उसके पीछे पड़े हुए थे। उसने कहा कि जब वो अमृतसर का बाघा बॉर्डर पार कर के पाकिस्तान गया तो वहाँ के अधिकारियों ने उससे पूछा कि वो कहाँ जा रहा है। उसने जब बताया कि वो पेशावर, लाहौर और इस्लामाबाद जा रहा है तो वो लोग सशंकित हो गए, क्योंकि पेशावर आतंकियों का गढ़ है और अफगानिस्तान की सीमा से लगता है।

इसके बावजूद वो 2020 में पाकिस्तान जाकर तीन महीने रहा। उसने हाल के दिनों में पाकिस्तान के विभिन्न जगहों पर बनाए गए कई वीडियो पोस्ट किए। इसी साल जनवरी-फरवरी में उसने पाक अधिकृत कश्मीर से भी कई वीडियो डाले। हालाँकि, अगर सचमुच ISI उसके दौरे को लेकर सजग रहती तो शायद ही उसे पाकिस्तान में घूमने की आज़ादी मिलती। उसने PoK को ‘दूसरी तरफ का कश्मीर’ बताते हुए कुछ वीडियो डाले थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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