Sunday, September 27, 2020
Home विचार जवानों के बलिदान को जाति और वर्ग में सीमित कर देने वाले नहीं समझेंगे...

जवानों के बलिदान को जाति और वर्ग में सीमित कर देने वाले नहीं समझेंगे राष्ट्रवाद की परिभाषा

पत्रकारिता के दम पर जागरूकता फैलाने का ढोंग करने वाले अशरफ को अजमेर की नंदिनी, बरेली के प्राइवेट स्कूल की एक प्रिंसिपल किरण झगवाल समेत प्रधानमंत्री राहत कोष में दान देने वाले 80,000 लोगों से शिक्षा लेने की आवश्यकता है।

पुलवामा हमले में बलिदान हुए जवानों पर पूरा देश शोक मना रहा है। देश की रक्षा करते हुए 40 जवान आज अपने पीछे अपने परिवार छोड़ गए हैं। परिवार में किसी के बूढ़े माँ-बाप हैं तो किसी के छोटे बच्चे हैं। घर के इन चिरागों के चले जाने से न केवल इनके परिवार में अंधेरा हुआ है बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति भी डगमगा गई है।

ऐसी स्थिति में हमारे देश में एक तरफ कुछ ऐसे बुद्धिजीवी हैं जो इन परिवारों की मजबूरी पर अपनी विचारधारा की ज़मीन मजबूत करने में जुटे हुए हैं तो वहीं कुछ उदाहरण ऐसे हैं जो अपने जीवन की जमा-पूँजी से इन परिवारों की मदद करने में संकोच नहीं कर रहे हैं।

आश्चर्य होता है कि एक ही देश में रहकर दो वर्गों के लोगों के विचारों में इतना अंतर कैसे हो सकता है। कल एक तरफ जहाँ ‘द कारवां’ के एजाज़ अशरफ ने पुलवामा जैसे संवेदनशील मामले में जाति और मज़हब को लाकर पत्रकारिता में निहित विश्वसनीयता और निष्पक्षता जैसे नैतिक मूल्यों को तिलांजलि दे दी है। वहीं दूसरी तरफ ख़बर आई कि भीख माँगकर अपना गुज़र बसर करने वाली एक औरत ने अपनी जमा पूंजी पुलवामा में बलिदान हुए जवानों के लिए दान दे दी है।

कल अशरफ ने अपने आर्टिकल में दावा करते हुए कहा कि पुलवामा हमले पर राष्ट्रवाद को लेकर केवल शहरी मध्यम वर्ग के ही लोग आक्रोषित है, जिसमें अधिकतर केवल उच्च जाति के लोग शामिल हैं। अब उन्हें कैसे बताया जाए कि यह मुद्दा ऐसा नहीं है जिसे जाति अथवा वर्गों में बाँटा जाए। सेना के जवानों की जाति खोज निकालने वाले अशरफ पढ़े-लिखे और समझदार मालूम होते हैं तभी उनकी सोच और भीख माँगकर जीवन जीने वाली बुजुर्ग महिला की सोच में आकाश-पाताल का अंतर है।

- विज्ञापन -

अशरफ जहाँ जवानों के परिजनों को फोन करके उनकी जाति का प्रमाण माँगकर एक विशेष विचारधारा का एंगल देने का प्रयास कर रहे थे, वहीं अजमेर में नंदिनी नाम की महिला की सारी संपत्ति उसकी आखिरी इच्छा के अनुसार संरक्षकों द्वारा सीआरपीएफ जवानों के नाम पर दान दे दी गई।

यहाँ बता दें कि पिछले साल आखिरी साँस लेने से पहले नंदिनी ने एक वसीयत छोड़ी थी, जिसमें उन्होंने अपनी अंतिम इच्छा जाहिर की थी कि उनके पैसों को देश और समाज के उपयोग में लगाया जाए। नंदिनी अजमेर के बजरंगगढ़ में स्थित अंबे माता मंदिर के बाहर भीख माँगती थीं और वहीं से उन्होंने ये पैसे इकट्ठा किए। वह अपने पैसे हर दिन बैंक में जमा करती थी और अपनी मौत के बाद इन पैसों का ख्याल रखने के लिए उन्होंने दो लोगों को अपना संरक्षक बना रखा था।

एक भीख मांगने वाली औरत के मन मे समाज और देश के लिए भावनाएँ हो सकती हैं लेकिन अशरफ जैसे बुद्धिजीवियों के मन मे ये भावनाएँ नहीं आ सकती। पुलवामा हमले में हत हुए जवानों के बलिदान को क्षेत्र और वर्ग में सीमित कर देने वाले यह कभी नहीं समझेंगे कि राष्ट्रवाद की परिभाषा वो नहीं है जिसका निर्माण वे कर रहे हैं, बल्कि वो है जो नंदिनी जैसी बुजुर्ग और गरीब महिलाएँ अपनी आखिरी इच्छाओं में प्रकट कर रही हैं।

प्रोपोगेंडा की गाड़ी में पेट्रोल भरने के लिए एयर कंडीशंड कमरों में बैठकर परिजनों से सवाल दागना जितना आसान है उनके मन में भीतर उतर कर उनकी मनःस्थिति समझना उतना ही कठिन है।

पत्रकारिता के दम पर जागरूकता फैलाने का ढोंग करने वाले अशरफ को इतना ही नहीं बरेली के प्राइवेट स्कूल की एक प्रिंसिपल किरण झगवाल तक से शिक्षा लेने की आवश्यकता है। जिन्होंने अपनी चूड़ियाँ बेचकर सीआरपीएफ जवानों के परिवार वालों की मदद करने के लिए 1,38,387 रुपए प्रधानमंत्री राहत कोष में भेजे।

इसके अलावा 14 फरवरी से अब तक 80,000 लोगों के सहयोग से करीब 20 करोड़ रुपए भारत के वीरों के नाम जमा किए जा चुके हैं जिसकी जानकारी सरकार ने दी है।

सोचने वाली बात है कि एक तरफ जहाँ पर देश के कोने-कोने से लोगों द्वारा वीरगति प्राप्त जवानों के लिए हर संभव मदद पहुँचाई जा रही हैं वहीं पत्रकारिता के समुदाय विशेष के कुछ लोग इसे अपनी विचारधारा में सराबोर कर रहे हैं। आज यही जवानों की ‘जाति पूछने वाले’ कल को ‘आतंकवाद का कोई मज़हब नहीं होता’ जैसे आर्टिकल लिखते नज़र आएँगे। मानवता के धरातल से उठकर और कुतर्कों की दुनिया में खो चुके इन बुद्धिजीवियों को अपने भीतर नंदिनी और किरण जैसी भावनाएँ जगाने में अरसा लग जाएगा।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

द वायर ने एडिटेड वीडियो से कृषि बिल विरोधी प्रदर्शनकारियों पर बीजेपी कार्यकर्ताओं के हमले के बारे में फैलाई फर्जी खबरें, यहाँ जाने सच

वायर के सिद्धार्थ वरदराजन और आरफा शेरवानी जैसे तथाकथित 'निष्पक्ष' पत्रकारों ने जानबूझकर भाजपा कार्यकर्ताओं पर प्रारंभिक हमले को नजरअंदाज कर दिया और इस घटना के बारे में आधे सच को आगे फैलाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने कृषि बिल विरोधी प्रदर्शनकारियों पर हमला किया था।

UN में स्थायी सीट के लिए PM मोदी ने ठोकी ताल, पूछा- कब तक इंतजार करेगा भारत, पाक और चीन पर भी साधा निशाना

महामारी के बाद बनी परिस्थितियों के बाद हम 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। आत्मनिर्भर भारत अभियान, ग्लोबल इकॉनमी के लिए भी एक फोर्स मल्टिप्लायर होगा।

‘दीपिका के भीतर घुसे रणवीर’: गालियों पर हँसने वाले, यौन अपराध का मजाक बनाने वाले आज ऑफेंड क्यों हो रहे?

दीपिका पादुकोण महिलाओं को पड़ रही गालियों पर ठहाके लगा रही थीं। अनुष्का शर्मा के लिए यह 'गुड ह्यूमर' था। करण जौहर खुलेआम गालियाँ बक रहे थे। तब ऑफेंड नहीं हुए, तो अब क्यों?

आजतक के कैमरे से नहीं बच पाएगी दीपिका: रिपब्लिक को ज्ञान दे राजदीप के इंडिया टुडे पर वही ‘सनसनी’

'आजतक' का एक पत्रकार कहता दिखता है, "हमारे कैमरों से नहीं बच पाएँगी दीपिका पादुकोण"। इसके बाद वह उनके फेस मास्क से लेकर कपड़ों तक पर टिप्पणी करने लगा।

‘शाही मस्जिद हटाकर 13.37 एकड़ जमीन खाली कराई जाए’: ‘श्रीकृष्ण विराजमान’ ने मथुरा कोर्ट में दायर की याचिका

शाही ईदगाह मस्जिद को हटा कर श्रीकृष्ण जन्मभूमि की पूरी भूमि खाली कराने की माँग की गई है। याचिका में कहा गया है कि पूरी भूमि के प्रति हिन्दुओं की आस्था है।

सुशांत के भूत को समन भेजो, सारे जवाब मिल जाएँगे: लाइव टीवी पर नासिर अब्दुल्ला के बेतुके बोल

नासिर अब्दुल्ला वही शख्स है, जिसने कंगना पर बीएमसी की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा था कि शिव सैनिक महिलाओं का सम्मान करते हैं, इसलिए बुलडोजर चलवाया है।

प्रचलित ख़बरें

‘मुझे सोफे पर धकेला, पैंट खोली और… ‘: पुलिस को बताई अनुराग कश्यप की सारी करतूत

अनुराग कश्यप ने कब, क्या और कैसे किया, यह सब कुछ पायल घोष ने पुलिस को दी शिकायत में विस्तार से बताया है।

पूना पैक्ट: समझौते के बावजूद अंबेडकर ने गाँधी जी के लिए कहा था- मैं उन्हें महात्मा कहने से इंकार करता हूँ

अंबेडकर ने गाँधी जी से कहा, “मैं अपने समुदाय के लिए राजनीतिक शक्ति चाहता हूँ। हमारे जीवित रहने के लिए यह बेहद आवश्यक है।"

बेच चुका हूँ सारे गहने, पत्नी और बेटे चला रहे हैं खर्चा-पानी: अनिल अंबानी ने लंदन हाईकोर्ट को बताया

मामला 2012 में रिलायंस कम्युनिकेशन को दिए गए 90 करोड़ डॉलर के ऋण से जुड़ा हुआ है, जिसके लिए अनिल अंबानी ने व्यक्तिगत गारंटी दी थी।

‘मारो, काटो’: हिंदू परिवार पर हमला, 3 घंटे इस्लामी भीड़ ने चौथी के बच्चे के पोस्ट पर काटा बवाल

कानपुर के मकनपुर गाँव में मुस्लिम भीड़ ने एक हिंदू घर को निशाना बनाया। बुजुर्गों और महिलाओं को भी नहीं छोड़ा।

नूर हसन ने कत्ल के बाद बीवी, साली और सास के शव से किया रेप, चेहरा जला अलग-अलग जगह फेंका

पानीपत के ट्रिपल मर्डर का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने नूर हसन को गिरफ्तार कर लिया है। उसने बीवी, साली और सास की हत्या का जुर्म कबूल कर लिया है।

‘दीपिका के भीतर घुसे रणवीर’: गालियों पर हँसने वाले, यौन अपराध का मजाक बनाने वाले आज ऑफेंड क्यों हो रहे?

दीपिका पादुकोण महिलाओं को पड़ रही गालियों पर ठहाके लगा रही थीं। अनुष्का शर्मा के लिए यह 'गुड ह्यूमर' था। करण जौहर खुलेआम गालियाँ बक रहे थे। तब ऑफेंड नहीं हुए, तो अब क्यों?

MP रवि किशन को ड्रग्स पर बोलने के कारण मिल रही धमकियाँ, कहा- बच्चों के भविष्य के लिए 2-5 गोली भी मार दी...

रवि किशन को ड्रग्स का मामला उठाने की वजह से कथित तौर पर धमकी मिल रही है। धमकियों पर उन्होंने कहा कि देश के भविष्य के लिए 2-5 गोली खा लेंगे तो कोई चिंता नहीं है।

छत्तीसगढ़: वन भूमि अतिक्रमण को लेकर आदिवासी और ईसाई समुदायों में झड़प, मामले को जबरन दिया गया साम्प्रदयिक रंग

इस मामले को लेकर जिला पुलिस ने कहा कि मुद्दा काकडाबेड़ा, सिंगनपुर और सिलाती गाँवों के दो समूहों के बीच वन भूमि अतिक्रमण का है, न कि समुदायों के बीच झगड़े का।

द वायर ने एडिटेड वीडियो से कृषि बिल विरोधी प्रदर्शनकारियों पर बीजेपी कार्यकर्ताओं के हमले के बारे में फैलाई फर्जी खबरें, यहाँ जाने सच

वायर के सिद्धार्थ वरदराजन और आरफा शेरवानी जैसे तथाकथित 'निष्पक्ष' पत्रकारों ने जानबूझकर भाजपा कार्यकर्ताओं पर प्रारंभिक हमले को नजरअंदाज कर दिया और इस घटना के बारे में आधे सच को आगे फैलाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने कृषि बिल विरोधी प्रदर्शनकारियों पर हमला किया था।

ड्रग्स में संलिप्त कलाकारों को निर्माता नहीं दें काम, सुशांत के मामले को भी जल्द सुलझाए CBI: रामदास अठावले

"ड्रग्स में संलिप्त कलाकारों को निर्माता काम नहीं दें। ड्रग्स में संलिप्त कलाकारों को फिल्में देना बंद नहीं हुआ तो आरपीआई कार्यकर्ता विरोध दर्ज कराते हुए शूटिंग बंद करने भी पहुँचेंगे।"

मुख्तार अहमद से राहुल बनने की साजिश में वकील फातिमा ने की मदद: SIT को मिली लव जिहाद से जुड़े मास्टरमाइंड की कड़ी

SIT ने कानपुर लव जिहाद मामले के आरोपित का कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में एक महिला वकील फातिमा का पता लगाया है।

मीडिया अगर किसी भी सेलेब्रिटी की गाड़ी का पीछा करेगी तो मुंबई पुलिस गाड़ी जब्त कर ड्राइवर पर करेगी कार्रवाई: DCP

डीसीपी ने कहा कि आज पुलिस ने कई मीडिया वाहनों का अवलोकन किया, जिन्होंने एनसीबी जाँच के लिए बुलाए गए लोगों का पीछा करते हुए पाए गए।

CM योगी को धमकाने वाला ट्रक ड्राइवर गिरफ्तार: मुख़्तार अंसारी को 24 घंटे के भीतर रिहा करने की दी थी धमकी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मारने की धमकी देने वाले को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपित एटा जिले का रहने वाला है। उससे पूछताछ की जा रही है।

UN में स्थायी सीट के लिए PM मोदी ने ठोकी ताल, पूछा- कब तक इंतजार करेगा भारत, पाक और चीन पर भी साधा निशाना

महामारी के बाद बनी परिस्थितियों के बाद हम 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। आत्मनिर्भर भारत अभियान, ग्लोबल इकॉनमी के लिए भी एक फोर्स मल्टिप्लायर होगा।

लवजिहाद के लिए पाकिस्तानी संगठन दावत-ए-इस्लामी कर रहा करोड़ों की फंडिंग: कानपुर SIT जाँच में खुलासा

सभी मामलों की जाँच करने के बाद पता चला कि सभी आरोपितों का जुड़ाव शहर की ऐसी मस्जिदों से है, जहाँ पाकिस्तान कट्टरपंथी विचारधारा के संगठन दावते इस्लामी का कब्जा है।

कंगना केस में हाईकोर्ट ने BMC को लगाई फटकार, पूछा- क्या अवैध निर्माण गिराने में हमेशा इतनी तेजी से कार्रवाई करती है बीएमसी?

कोर्ट ने बीएमसी से पूछा कि क्या अवैध निर्माण को गिराने में वह हमेशा इतनी ही तेजी दिखाती है जितनी कंगना रनौत का बंगला गिराने में दिखाई?

हमसे जुड़ें

264,935FansLike
78,073FollowersFollow
325,000SubscribersSubscribe
Advertisements