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जिस ‘गंगा’ को लेकर हमेशा पीएम मोदी पर साधा निशाना, क्यों आज उसी की शरण में पहुँची प्रियंका

प्रियंका इतने दिन कहाँ थी? क्यों नहीं उन्होंने भारत भ्रमण करके देश के जनता की समस्याओं को जानने और समाधान करने की कोशिश की? अभी अचानक से क्यों याद आई? चूँकि, अभी चुनाव है इसलिए आपको देश की जनता और देश के ऊपर संकट नज़र आ रहा है।

चुनाव के समय में राजनीति के गलियारे में हलचल होना तो लाजिमी है। कुछ राजनेता या राजनेत्रियों को चुनाव के समय ही देश की जनता और उनकी समस्याएँ दिखाई देती हैं। इन्हीं में से एक हैं हाल फिलहाल में ही राजनीति में सक्रिय होने वाली कॉन्ग्रेस नेत्री प्रियंका गाँधी वाड्रा। जिन्हें मोदी सरकार के कार्यकाल के साढ़े चार साल बाद याद आया कि देश और देश की जनता संकट में है।

दरअसल, कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी ने अपने चुनावी स्वार्थ साधने के लिए प्रयाग से काशी तक ‘गंगा यात्रा’ किया। इस दौरान उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए देश की जनता प्रति अपनी सहानुभूति दिखाते हुए कहा कि इस समय देश संकट में है, इसलिए उन्हें घर से बाहर निकलना पड़ा।

अब यहाँ पर ये सवाल बन पड़ता है कि उनके मुताबिक देश में अभी जो भी समस्याएँ हैं, जिसकी वजह से देश संकट में है, वो क्या इन्हीं पिछले छ: महीने में उत्पन्न हुई है? वास्तव में तो उनका ये मानना है कि जब से कॉन्ग्रेस के हाथ से सत्ता छिनकर मोदी सरकार के हाथ में आई, तभी से समस्याएँ हैं। तो फिर वो इतने दिन कहाँ थी? क्यों नहीं उन्होंने भारत भ्रमण करके देश के जनता की समस्याओं को जानने और समाधान करने की कोशिश की? अभी अचानक से क्यों याद आई? चूँकि, अभी चुनाव है इसलिए आपको देश की जनता और देश के ऊपर संकट नज़र आ रहा है।

वैसे गौर करने वाली बात तो ये भी है कि जिस वाराणसी क्षेत्र से पीएम मोदी ने 2014 में चुनावी बिगुल फूँका था और कहा था कि वो यहाँ खुद नहीं आए हैं। उन्हें माँ गंगा ने बुलाया है और फिर उन्होंने गंगा सफाई की बात की थी, जिसके लिए बाद में मंत्रालय भी बनाया गया। गंगा की सफाई को लेकर कॉन्ग्रेस ने हमेशा सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार जनता को बरगला रही है। साथ ही गंगा की सफाई को लेकर भी सवाल उठाए। आज उसी कॉन्ग्रेस की महासचिव माँ गंगा की शरण में जाकर जनता से वोट माँग रही है। वो जनता से कह रही हैं, “गंगा उत्तर प्रदेश का सहारा है। मैं गंगा का सहारा लेकर आपके बीच पहुँचूँगी।” इसके साथ ही उन्होंने गंगा जल भी पिया। जब आपकी नज़र में गंगा इतनी अस्वच्छ है तो फिर आप इसका जल पीकर जनता को क्या दिखाना चाहती हैं?

इससे तो साफ जाहिर होता है कि प्रियंका ने इन सब चीजों का सहारा हिंदुत्व और गंगा प्रेम दिखाने के लिए लिया है। जिससे कि वो हिंदू वोटरों को साधने में सफल हो सकें। वरना हमेशा पीएम मोदी का विरोध करने वाली प्रियंका क्यों आज उनका अनुसरण कर चुनाव जीतने की कोशिश में जुटी है?

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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