आतंकियों की हिमायती, हिन्दुओं को गोमूत्र पीने वाला बताने वाली पत्रकार फुरकान ख़ान कम्पनी से बाहर

एनपीआर ने कहा है कि फुरकान ख़ान का ट्वीट कम्पनी के नैतिक आदर्शों के ख़िलाफ़ था। कम्पनी ने कहा कि फुरकान ने इसके लिए सार्वजनिक रूप से माफ़ी माँग ली है और एनपीआर से इस्तीफा दे दिया है।

‘न्यूज़ अलर्ट एंड लाइफ (NPR)’ ने अपने उस पत्रकार को निकाल बाहर किया है, जिसने हिन्दू-विरोधी ट्वीट कर हिन्दुओं के प्रति अपनी घृणा का खुला प्रदर्शन किया था। पत्रकार फुरकान ख़ान इससे पहले भी हिन्दुओं के लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने के लिए कुख्यात रही हैं। वह नई दिल्ली में एनपीआर की प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत थीं। एनपीआर ने कहा कि कम्पनी पत्रकार फुरकान ख़ान की ट्वीट में व्यक्त किए गए विचारों से कोई ताल्लुक नहीं रखती।

साथ ही एनपीआर ने कहा है कि फुरकान ख़ान का ट्वीट कम्पनी के नैतिक आदर्शों के ख़िलाफ़ था। कम्पनी ने कहा कि फुरकान ने इसके लिए सार्वजनिक रूप से माफ़ी माँग ली है और एनपीआर से इस्तीफा दे दिया है। एनपीआर ने एक ईमेल के माध्यम से यह जानकारी दी है।

फुरकान ने विवादस्पद और घृणा भरे ट्वीट में लिखा था कि अगर भारतीयों ने हिंदुत्व छोड़ दिया तो उनकी अधिकतर समस्याएँ ख़त्म हो जाएँगी। साथ ही उन्होंने हिन्दुओं को गोमूत्र पीने वाला और गोबर की पूजा करने वाला बताया था। देखें ट्वीट:

फुरकान ख़ान का वो हिन्दूफ़ोबिक ट्वीट, जिसके कारण मचा बवाल
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फुरकान ख़ान के इस घृणा भरे ट्वीट के ख़िलाफ़ दिल्ली के पुलिस कमिश्नर के पास भी शिकायत दर्ज कराई गई थी।सोशल मीडिया पर लोगों ने फुरकान ख़ान के ट्वीट और पुलवामा हमले को अंजाम देने वाले आतंकी की भाषा में समानता देख कर एनपीआर से माँग करते हुए कहा कि उन्हें जल्द से जल्द कम्पनी से निकाला जाए। विरोध के बाद फुरकान ख़ान ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया था।

रंगे हाथों घृणा फैलाते हुए पकड़े जाने के बाद फुरकान ख़ान ने सफाई देते हुए कहा था कि उनका ट्वीट मज़ाकिया था। उन्होंने आलोचकों को ‘ट्रॉल्स’ की संज्ञा देते हुए कहा था कि उनलोगों ने ट्वीट के सन्दर्भ को समझने में ग़लती की।

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