वो दिग्विजय सिंह है, वो कुछ भी कह सकता है

वैसे इस सन्दर्भ में दिग्विजय जी को गोवा की याद क्यों आई, ये किसी को पता नहीं। एक सांसद 'फिफ्टी शेड्स ऑफ़ ग्रे' की याद करते हैं, दूसरे गोवा की, जबकि चर्चा कश्मीर की हो रही है!

जंग और बहस 35-A पर छिड़ी रही लेकिन जब सही देश-काल-वातावरण आया तो अनुच्छेद 35-A की जमीन ही खिसका दी गई। हुआ ये कि सरकार से सिर्फ किसी भी बात को लेकर नाराज रहने वाले प्रदर्शनकारियों को 370 के मुद्दे से ही हाथ धोना पड़ गया। 370 के अस्तित्व पर विचार को लेकर हर तरह के विरोध और समर्थन के स्वर सोशल मीडिया से लेकर बाजारों में देखने को मिले। लेकिन, इस पर अगर कोई जोरदार तरीके से डटा रहा तो वो था नेहरूघाटी सभ्यता से जन्मे देश का लगभग सबसे वयस्क राजनीतिक दल!

कॉन्ग्रेस अभी तक ठीक से नहीं समझ पाई है कि आखिर बेड़ागर्क कहाँ हुआ है। शायद यही वजह भी है कि प्रलाप जारी रखने की सौगंध निभाने के लिए उन्होंने अपना मुद्दा चुन लिया। नेहरू का ही खाने और बजाने वाले देश के इस सबसे वयस्क दल को ‘काटो तो खून नहीं’ वाला दौरा पड़ा है। इसलिए अच्छा है कि सब मुद्दों के बजाए आदरणीय नेहरू जी को अर्घ्य लगा दिया जाए।

वैसे तो हमेशा ही, लेकिन विगत कुछ समय कॉन्ग्रेस ने अपनी डूबती नाव बचाने का यह तरीका अपना लिया है कि किसी तरह नेहरू के नाम पर प्रासंगिक बने रहें। यही हुआ भी। इसरो के अभियानों से लेकर सांड के उन्माद तक के लिए खोजकर नेहरू और इंदिरा से लेकर राजीव गाँधी तक को सब सफलताओं का क्रेडिट दिया गया, लेकिन जम्मू-कश्मीर समस्या से लेकर विवादित 370 के लिए कॉन्ग्रेस ने नेहरू को कभी क्रेडिट नहीं दिया।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

यूँ तो दिग्विजय सिंह के बयानों को बहुत गम्भीरता से लेना अपने आप में एक मजाक है फिर भी जब यही आवाज सारे कॉन्ग्रेस की आवाज बन जाए तो गंभीरता से लेना वाजिब हो जाता है। जिस कॉन्ग्रेस पार्टी के नेता संसद में जेब में त्यागपत्र लेकर बैठे हों, उस कॉन्ग्रेस के पास अब अपनी डूब चुकी सभ्यता बचाने के अलावा कोई आखिरी विकल्प मौजूद नहीं है। दिग्विजय सिंह का कहना है कि नेहरू जी ने ही देश को सिक्किम दिया और इंदिरा ने गोआ। साथ ही, इंदिरा गाँधी ने ही पाकिस्तान को दो हिस्सों में बाँटा जिससे बांग्लादेश का जन्म हुआ। वैसे इस सन्दर्भ में दिग्विजय जी को गोवा की याद क्यों आई, ये किसी को पता नहीं। एक सांसद ‘फिफ्टी शेड्स ऑफ़ ग्रे’ की याद करते हैं, दूसरे गोवा की, जबकि चर्चा कश्मीर की हो रही है!

गोवा विलय में नेहरू को उनकी ‘भूमिका’ RSS ने सौंपी थी

जिस गोवा के विलय का श्रेय नेहरू को दिया जा रहा है उसकी सच्चाई संघ से होकर गुजरती है। दादरा, नगर हवेली और गोवा के भारत विलय में संघ की निर्णायक भूमिका थी। जुलाई 21, 1954 को दादरा को पुर्तगालियों से मुक्त कराया गया था। संघ (RSS) के स्वयंसेवकों ने अगस्त 02, 1954 की सुबह पुतर्गाल का झंडा उतारकर भारत का तिरंगा फहराया, पूरा दादरा नगर हवेली पुर्तगालियों के कब्जे से मुक्त करा कर भारत सरकार को सौंप दिया। संघ के स्वयंसेवक 1955 से गोवा मुक्ति संग्राम में प्रभावी रूप से शामिल हो चुके थे।

गोवा में सशस्त्र हस्तक्षेप करने से नेहरू के इनकार करने पर जगन्नाथ राव जोशी के नेतृत्व में संघ के कार्यकर्ताओं ने गोवा पहुँच कर आंदोलन शुरू किया। बदले में परिणाम यह निकला कि जगन्नाथ राव जोशी सहित संघ के कार्यकर्ताओं को दस वर्ष की सजा सुनाई गई। हालत बिगड़ने पर अंततः भारत को सैनिक हस्तक्षेप करना पड़ा और 1961 में गोवा आज़ाद हुआ।

खैर, दिग्विजय को इस सब से क्या? वो दिग्विजय सिंह है, वो कुछ भी कह सकता है।

कॉन्ग्रेस नेता मनीष तिवारी तो दिग्विजय से एक कदम आगे हैं। उन्होंने 370 पर कॉन्ग्रेस के मत की तुलना एक अमेरिकन अश्लील साहित्य से ही कर ली है। उनका कहना है कि कॉन्ग्रेस की राय अनुच्छेद 370 पर ‘50 शेड्स ऑफ़ ग्रे‘ वाली है। दरअसल, कॉन्ग्रेस का मर्म 370 पर भी वोट बैंक से ज्यादा नहीं है।

उसे भय है कि समर्थन करने में मुस्लिम वोट बैंक से हाथ धोना पड़ सकता है और विरोध करने में हाल ही में अपनाया गया ताजातरीन हिंदुत्व खतरे में पड़ सकता है इसलिए बेहतर है कि इस सब चर्चा से ऊपर उठकर नेहरू जी के नाम का कलमा पढ़ा जाए। फिलहाल जमीन बचाने के लिए कॉन्ग्रेस के पास न ज्यादा संख्याबल है, न ही सत्ता ना मुद्दे, और तो और एक अध्यक्ष तक बाकी नहीं बचा है।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by paying for content

यू-ट्यूब से

बड़ी ख़बर

सांप्रदायिकता की लकीर खींचने के लिए अंग्रेज मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड एप्लिकेशन एक्ट लेकर आए। आजादी के बाद कॉन्ग्रेस की तुष्टिकरण नीति की वजह से बाल विवाह के कानून बदले, लेकिन मुस्लिम पर्सनल लॉ को छुआ भी नहीं गया।

ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

कॉन्ग्रेस नेता भ्रष्टाचार

हमाम में अकेले नंगे नहीं हैं चिदंबरम, सोनिया और राहुल गॉंधी सहित कई नेताओं पर लटक रही तलवार

कॉन्ग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी और उनके बेटे राहुल गाँधी नेशनल हेराल्ड केस में आरोपित हैं और फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। दिसंबर 2015 में दिल्ली की एक अदालत ने दोनों को 50-50 हज़ार रुपए के पर्सनल बॉन्ड पर ज़मानत दी थी।
1984 सिख विरोधी दंगा जाँच

फिर से खुलेंगी 1984 सिख नरसंहार से जुड़ी फाइल्स, कई नेताओं की परेशानी बढ़ी: गृह मंत्रालय का अहम फैसला

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमिटी के प्रतिनिधियों की बातें सुनने के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जाँच का दायरा बढ़ा दिया। गृह मंत्रालय ने कहा कि 1984 सिख विरोधी दंगे के वीभत्स रूप को देखते हुए इससे जुड़े सभी ऐसे गंभीर मामलों में जाँच फिर से शुरू की जाएगी, जिसे बंद कर दिया गया था या फिर जाँच पूरी कर ली गई थी।
रेप

जहाँगीर ने 45 लड़कियों से किया रेप, पत्नी किरण वीडियो बनाकर बेचती थी एडल्ट वेबसाइट्स को

जब कासिम जहाँगीर बन्दूक दिखाकर बलात्कार करता था, उसी वक़्त जहाँगीर की पत्नी किरण वीडियो बनाती रहती थी। इसके बाद पीड़िता को वीडियो और तस्वीरों के नाम पर ब्लैकमेल किया जाता था।
पी चिदंबरम, अमित शाह

चिदंबरम और अमित शाह का फर्क: एक 9 साल पहले डटा था, दूसरा आज भागा-भागा फिर रहा

सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में जुलाई 22, 2010 को अमित शाह को सीबीआई ने 1 बजे पेश होने को कहा। समन सिर्फ़ 2 घंटे पहले यानी 11 बजे दिया गया था। फिर 23 जुलाई को पेश होने को कहा गया और उसी दिन शाम 4 बजे चार्जशीट दाखिल कर दी गई।
शेहला रशीद शोरा

डियर शेहला सबूत तो जरूरी है, वरना चर्चे तो आपके बैग में कंडोम मिलने के भी थे

हम आपकी आजादी का सम्मान करते हैं। लेकिन, नहीं चाहते कि य​ह आजादी उन टुच्चों को भी मिले जो आपके कंडोम प्रेम की अफवाहें फैलाते रहते हैं। बस यही हमारे और आपके बीच का फर्क है। और यही भक्त और लिबरल होने का भी फर्क है।
वीर सावरकर

वीर सावरकर की प्रतिमा पर पोती कालिख, पहनाया जूतों का हार: DU में कॉन्ग्रेसी छात्र संगठन की करतूत

सावरकर की प्रतिमा को एनएसयूआई दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष अक्षय ने जूते की माला पहनाई। उसने समर्थकों संग मिल कर प्रतिमा के चेहरे पर कालिख पोत दिया। इस दौरान एनएसयूआई के छात्रों की सुरक्षाकर्मियों से झड़प भी हुई।
2018 से अभी तक 20 लोगों को गौ तस्करों ने मार डाला है

गौतस्करों ने 19 हिन्दुओं की हत्या की, लेकिन गोपाल की हत्या उसे तबरेज़ या अखलाक नहीं बना पाती

सौ करोड़ की आबादी, NDA के 45% वोट शेयर में आखिर किसके वोटर कार्ड हैं? फिर सवाल कौन पूछेगा इन हुक्मरानों से? आलम यह है कि तीन चौथाई बहुमत वाले योगी जी के राज्य में, हिन्दुओं को अपने घरों पर लिखना पड़ रहा है कि यह मकान बिकाऊ है!
चापेकर बंधु

जिसके पिता ने लिखी सत्यनारायण कथा, उसके 3 बेटों ने ‘इज्जत लूटने वाले’ अंग्रेज को मारा और चढ़ गए फाँसी पर

अंग्रेज सिपाही प्लेग नियंत्रण के नाम पर औरतों-मर्दों को नंगा करके जाँचते थे। चापेकर बंधुओं ने इसका आदेश देने वाले अफसर वॉल्टर चार्ल्स रैंड का वध करने की ठानी। प्लान के मुताबिक जैसे ही वो आया, दामोदर ने चिल्लाकर अपने भाइयों से कहा "गुंडया आला रे" और...

मिस्टर चिदंबरम को, पूर्व गृह मंत्री, वित्त मंत्री को ऐसे उठाया CBI ने… तो? चावल के लोटे में पैर लगवाते?

अगर एनडीटीवी को सीबीआई के दीवार फाँदने पर मर्यादा और 'तेलगी को भी सम्मान से लाया गया था' याद आ रहा है तो उसे यह बात भी तो याद रखनी चाहिए पूर्व गृह मंत्री को कानून का सम्मान करते हुए, संविधान पर, कोर्ट पर, सरकारी संस्थाओं पर विश्वास दिखाते हुए, एक उदाहरण पेश करना चाहिए था।
शेहला रशीद

‘शेहला बिन बुलाए चली आई, अब उसे खदेड़ तो नहीं सकते… लेकिन हमने उसे बोलने नहीं दिया’

दिल्ली के जंतर-मंतर पर विपक्षी नेताओं का जमावड़ा लगा। मौक़ा था डीएमके द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन का। शेहला रशीद के बारे में बात करते हुए डीएमके नेता ने कहा कि कुछ लोग बिना बुलाए आ गए हैं तो अब भगाया तो नहीं जा सकता न।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

84,333फैंसलाइक करें
11,888फॉलोवर्सफॉलो करें
90,819सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

शेयर करें, मदद करें: