Wednesday, June 23, 2021
Home विचार राजनैतिक मुद्दे कैसे मंज़र सामने आने लगे हैं, गाते-गाते लोग चिल्लाने लगे हैं: BJP को ट्रोल...

कैसे मंज़र सामने आने लगे हैं, गाते-गाते लोग चिल्लाने लगे हैं: BJP को ट्रोल करने वाले जावेद अख़्तर को समर्पित पंक्तियाँ

गाने लिखते-लिखते जावेद अख़्तर अब चिल्लाने लगे हैं। वो चिल्लाते हैं, कभी बुर्क़े और घूँघट को समान दिखाने के लिए तो कभी लादेन और साध्वी प्रज्ञा की तुलना करने के लिए। चिल्लाना उनका पेशा हो चुका है। वो ट्विटर ट्रोल हो चुके हैं।

अब तो इस तालाब का पानी बदल दो, ये कँवल के फूल कुम्हलाने लगे हैं” जावेद अख़्तर ने नरेन्द्र मोदी सरकार पर निशाना साधने के लिए इन पंक्तियों का इस्तेमाल किया। महान कवि दुष्यंत कुमार की यह कविता इंदिरा गाँधी के दौर में लिखी गई थी, उनके तानाशाही रवैये पर इससे चोट की गई थी। उसी दौर में, जब जावेद अख़्तर और सलीम ख़ान मिल कर अमिताभ बच्चन के लिए दीवार और शोले जैसी फ़िल्में लिख रहे थे। उस दौर में हो सकता है कि जावेद अख्तर जैसे ‘चाटुकारों’ की चाँदी रही हो, लेकिन जयप्रकाश नारायण की विचारधारा पर चलने वाले कवि, जैसे दुष्यंत और दिनकर इंदिरा के प्रखर विरोधी के रूप में सामने आए थे। वो अलग बात है कि कॉन्ग्रेस को अपदस्थ करने के लिए दुष्यंत द्वारा लिखी गई कविता का प्रयोग आज जावेद अख़्तर उसी कॉन्ग्रेस को (प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से) सत्ता दिलाने के लिए कर रहे हैं। विडम्बना इसे देख कर हज़ार मौतें मरेंगी।

जावेद अख़्तर द्वारा पिछली कुछ फ़िल्मों में लिखे गए गानों कोई सुनने वाला ही नहीं मिला। अब आपसे कोई पूछे कि ‘रॉक ऑन 2’, ‘पलटन’ और ‘नमस्ते इंग्लैंड’ का कोई गाना बताइए, तो आप क्या जवाब देंगे? कुछ नहीं, क्योंकि ये गाने आप तक पहुँचे ही नहीं, फ्लॉप हो गए। कहानियाँ लिखना तो जावेद लम्बे अरसे पहले छोड़ चुके हैं। सलीम ख़ान के साथ उनकी जोड़ी आज से 3 दशक पहले ही टूट चुकी है। कुल मिलकर जनता ने उन्हें बदल दिया है। अर्थात, उनकी प्रासंगिता ख़त्म हो गई है, उनकी जगह दूसरों ने ले ली है, अब उनमें वो बात नहीं रही। जिन कुम्हलाए हुए कँवल के फूलों का वह उदाहरण दे रहे हैं, उसकी जगह वो ही फिट बैठते हैं क्योंकि इंडस्ट्री में अब उनके गाने नहीं चलते।

ऐसा उन्होंने स्वाति चतुर्वेदी की एक ट्वीट के रिप्लाई में लिखा है। स्वाति चतुर्वेदी ने अपने ट्वीट में दावा किया कि भाजपा का एक पूर्व मंत्री इसलिए नाराज़ है क्योंकि पार्टी ने एक ‘आतंकवादी’ को टिकट दिया है। वो अनाम मंत्री इसीलिए भी नाराज़ हैं क्योंकि पीएम मोदी ने राजीव गाँधी को भ्रष्टाचारी कह दिया है। स्वाति चतुर्वेदी, जो ट्रोल है, बकलोल है, ने उस मंत्री की पहचान नहीं बताई और जताना चाहा कि उनके गुप्त सूत्रों की पहुँच काफ़ी दूर-दूर तक है। स्वाति के बारे में यहाँ चर्चा नहीं की जाएगी क्योंकि उनकी बातों को अब लोगों ने गंभीरता से लेना छोड़ दिया है लेकिन उम्रदराज जावेद अख़्तर की बातों का जवाब देना आवश्यक है।

जावेद अख़्तर ने अगर दुष्यंत कुमार की यह कविता पढ़ी होगी, जिससे उन्होंने ये पंक्तियाँ ली हैं, तो शायद वह ज़रूर ख़ुद को उससे जुड़ा हुआ महसूस कर रहे होंगे। जावेद अख़्तर ने जो पंक्तियाँ ट्वीट की हैं, उसके पहले की पंक्तियाँ कुछ यूँ हैं:

कैसे मंज़र सामने आने लगे हैं,
गाते गाते लोग चिल्लाने लगे हैं

गाने लिखते-लिखते जावेद अख़्तर अब चिल्लाने लगे हैं। वह एक ट्विटर ट्रोल हो चुके हैं। वो चिल्लाते हैं, कभी बुर्क़े और घूँघट को समान रूप से दिखाने के लिए तो कभी ओसामा बिन लादेन और साध्वी प्रज्ञा की तुलना करने के लिए। चिल्लाना उनका पेशा हो चुका है, वो भी सोशल मीडिया पर। अब जावेद अख़्तर ने जो पंक्तियाँ भाजपा सरकार के लिए उद्धृत की हैं, उसकी अगली पंक्तियों को देखें, क्योंकि जावेद अख़्तर पर वह भी काफ़ी फिट बैठती हैं:

वो सलीबों के क़रीब आए तो
हम को क़ाएदे क़ानून समझाने लगे है

गानें फ्लॉप होने के कारण अब जावेद अख़्तर नियम-क़ानून बताने पर उतर आए हैं, वरना कॉन्ग्रेस के दौर में शायद ही उन्होंने इस कदर लोगों से लड़ाइयाँ की हों। पंक्तियाँ तो दुष्यंत कुमार की एकदम सटीक हैं, एक महान कवि द्वारा रचित हैं, लेकिन इसे कॉन्ग्रेस सरकार के लिए लिखा गया था। अतः, जावेद अख़्तर ने उसे दोहरा कर अच्छा ही किया है। अगर वो ये पंक्तियाँ आज ट्विटर पर नहीं लिखते तो शायद हम भी आपको दुष्यंत कुमार और उनकी इस कविता के बारे में नहीं बता पाते। धन्यवाद जावेद अख़्तर का, जिनके कारण हमने दुष्यंत कुमार को फिर से विजिट किया। जावेद अख़्तर को दुष्यंत की ही इन पंक्तियों के साथ ‘बुर्का सलाम’:

एक गुड़िया की कई कठपुतलियों में जान है
आज शायर यह तमाशा देखकर हैरान है

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अनुपम कुमार सिंहhttp://anupamkrsin.wordpress.com
चम्पारण से. हमेशा राइट. भारतीय इतिहास, राजनीति और संस्कृति की समझ. बीआईटी मेसरा से कंप्यूटर साइंस में स्नातक.

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

जानिए कैसे श्याम प्रताप सिंह बन गया मौलाना मोहम्मद उमर, पूर्व PM का रिश्तेदार है परिवार: AMU से मिल चुका है सम्मान

जानिए कैसे श्याम प्रताप सिंह बन गया मौलाना मोहम्मद उमर गौतम, जिसने 1000 हिंदुओं को मुस्लिम बनाया। उसका परिवार दिवंगत पूर्व PM वीपी सिंह का रिश्तेदार है। उसका कहना था कि वो 'अल्लाह का काम' कर रहा है।

‘टोपी-कुर्ता-दाढ़ी वाला ही होता है हैवानियत का शिकार’: AAP विधायक अमानतुल्लाह खान ने शेयर किया वीडियो, जानिए सच्चाई

"हर बार की तरह 'टोपी-कुर्ता-दाढ़ी' वाला शख्स ही हैवानियत का शिकार होता दिखेगा। BJP सरकार भले ही विकास करने में असमर्थ रही हो, लेकिन नफ़रत फैलाने में अव्वल साबित हुई। दुःखद!"

मूक-बधिर बच्चों को बनाने वाले थे ‘मानव बम’, देश-विदेश में होना था इस्तेमाल: इस्लामी धर्मांतरण गिरोह को पाक-अरब से फंडिंग

पाकिस्तान और अरब देशों से इन्हें भारी फंडिंग मिल रही थी, जिससे इस्लामी धर्मांतरण का गिरोह फल-फूल रहा था। गाजियाबाद के डासना मंदिर में घुसने वालों से भी इनका कनेक्शन सामने आया है।

‘CM योगी पहाड़ी, गोरखपुर मंदिर मुस्लिमों की’: धर्मांतरण पर शिकंजे से सामने आई मुनव्वर राना की हिंदू घृणा

उन्होंने दावा किया कि योगी आदित्यनाथ को प्रधानमंत्री बनने की इतनी जल्दी है कि 1000 क्या, वो ये भी कह सकते हैं कि यूपी में 1 करोड़ हिन्दू धर्मांतरण कर के मुस्लिम बन गए हैं।

भारत ने कोरोना संकटकाल में कैसे किया चुनौतियों का सामना, किन सुधारों पर दिया जोर: पढ़िए PM मोदी का ब्लॉग

भारतीय सार्वजनिक वित्त में सुधार के लिए हल्का धक्का देने वाली कहानी है। इस कहानी के मायने यह हैं कि राज्यों को अतिरिक्त धन प्राप्त करने के लिए प्रगतिशील नीतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।

पल्स पोलियो से टीके को पिटवा दिया अब कॉन्ग्रेस के कोयला स्कैम से पिटेगी मोदी की ईमानदारी: रवीश कुमार

ये व्यक्ति एक ऐसा फूफा है जो किसी और के विवाह में स्वादिष्ट भोजन खाकर यह कहने में जरा भी नहीं हिचकेगा कि; भोजन तो बड़ा स्वादिष्ट था लेकिन अगर नमक अधिक हो जाता तो खराब हो जाता। हाँ, अगर विवाह राहुल गाँधी का हुआ तो...

प्रचलित ख़बरें

‘एक दिन में मात्र 86 लाख लोगों को वैक्सीन, बेहद खराब!’: रवीश कुमार के लिए पानी पर चलने वाले कुत्ते की कहानी

'पोलियो रविवार' के दिन मोदी सरकार ने 9.1 करोड़ बच्चों को वैक्सीन लगाई। रवीश 2012 के रिकॉर्ड की बात कर रहे। 1950 में पहला पोलियो वैक्सीन आया, 62 साल बाद बने रिकॉर्ड की तुलना 6 महीने बाद बने रिकॉर्ड से?

TMC के गुंडों ने किया गैंगरेप, कहा- तेरी काली माँ न*गी है, तुझे भी न*गा करेंगे, चाकू से स्तन पर हमला: पीड़ित महिलाओं की...

"उस्मान ने मेरा रेप किया। मैं उससे दया की भीख माँगती रही कि मैं तुम्हारी माँ जैसी हूँ मेरे साथ ऐसा मत करो, लेकिन मेरी चीख-पुकार उसके बहरे कानों तक नहीं पहुँची। वह मेरा बलात्कार करता रहा। उस दिन एक मुस्लिम गुंडे ने एक हिंदू महिला का सम्मान लूट लिया।"

टीनएज में सेक्स, पोर्न, शराब, वन नाइट स्टैंड, प्रेग्नेंसी… अनुराग कश्यप ने बेटी को कहा- जैसी तुम्हारी मर्जी

ब्वॉयफ्रेंड के साथ सोने के सवाल पर अनुराग ने कहा, "यह तुम्हारा अपना डिसीजन है कि तुम किसके साथ रहती हो। मैं केवल इतना चाहता हूँ कि तुम सेफ रहो।"

‘तुम्हारे शरीर के छेद में कैसे प्लग लगाना है, मुझे पता है’: पूर्व महिला प्रोफेसर का यौन शोषण, OpIndia की खबर पर एक्शन में...

कॉलेज के सेक्रेटरी अल्बर्ट विलियम्स ने उन पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया। जोसेफिन के खिलाफ 60 आरोप लगा कर इसकी प्रति कॉलेज में बँटवाई गई। एंटोनी राजराजन के खिलाफ कार्रवाई की बजाए उन्हें बचाने में लगा रहा कॉलेज प्रबंधन।

‘नंदलाला की #$ गई क्या’- रैपर MC कोड के बाद अब मफ़ाद ने हिन्दुओं की आस्था को पहुँचाई चोट, भगवान कृष्ण को दी गालियाँ

रैपर ने अगली पंक्ति में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के लिए बेहद आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया जैसे, "मर गया तेरा नंदलाल नटखट, अब गोपियाँ भागेंगी छोड़के पनघट।"

शादीशुदा इमरान अंसारी ने जैन लड़की का किया अपहरण, कई बार रेप: अजमेर दरगाह ले जा कर पहनाई ताबीज, पुलिस ने दबोचा

इमरान अंसारी ने इस दौरान पीड़िता को बार-बार अपने साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाने के लिए मजबूर किया। उसने पीड़िता को एक ताबीज़ पहनने के लिए दिया।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
105,542FollowersFollow
392,000SubscribersSubscribe