Thursday, January 21, 2021
Home विचार राजनैतिक मुद्दे बेशुमार दौलत, रहस्यमयी सेक्सुअल लाइफ, तानाशाही और हिंसा: मार्क्स और उसके चेलों के स्थापित...

बेशुमार दौलत, रहस्यमयी सेक्सुअल लाइफ, तानाशाही और हिंसा: मार्क्स और उसके चेलों के स्थापित किए आदर्श

वामपंथ जब दूसरों को विभाजनकारी बताता है तो उसे जर्मनी की दीवार याद दिलाया जाना चाहिए, जिसने एक ही देश को दो हिस्सों में बाँट दिया था। वामपंथियों को 'एक ग्लास पानी' की भी याद दिलानी चाहिए, जिसका मतलब था कि जब प्यास लगे तो पानी पी लो और जब शरीर की माँग हो तो किसी के साथ भी बुझा लो।

कार्ल मार्क्स का जन्म मई 5, 1818 को हुआ था। इस हिसाब से 2018 में उसके जन्म के 200 वर्ष पूरे हुए थे। मार्क्स को वामपंथ का मसीह माना जाता है। वही वामपंथ, जिसने दुनिया में सिर्फ़ ख़ून बहाया। मार्क्स को कई जगह लाखों लोगों की मौत का जिम्मेदार माना जाता है। एक आँकड़े के अनुसार, वामपंथ ने पिछले 100 सालों में 10 करोड़ लोगों को मौत के घाट उतार दिया। एक उदाहरण से शुरू करते हैं। इससे आपको समझने में मदद मिलेगी कि वामपंथ कैसे ख़ूनी और विभाजनकारी है।

जर्मनी की दीवार: विभाजनकारी वामपंथ का नमूना

जर्मनी में हिटलर के शासन का अंत हुआ तो रूस सहित कई देशों ने उस पर कब्जा कर लिया। जहाँ ईस्ट जर्मनी पर रूस का कब्ज़ा हुआ, वेस्ट जर्मनी पर यूनाइटेड स्टेट्स, यूनाइटेड किंगडम और फ्रांस ने शासन किया। ईस्ट जर्मनी में रूस की वामपंथी सोशलिस्ट सरकार चली। हिटलर के राज को झेल चुके लोग कम्युनिस्ट शासन से इतने ही दिन में इतने ज्यादा तंग आ गए कि वो वेस्ट जर्मनी भागने लगे। 10 सालों में लगभग 26 लाख लोगों ने पलायन किया।

वामपंथ ने अपनी विभाजनकारी बुद्धि लगाई और बर्लिन को विभाजित करते हुए दीवार खड़ी कर दी। वेस्ट जर्मनी प्रगति के पथ पर बढ़ने लगा, ईस्ट जर्मनी पीछे छूट गया। आज भी सरकार से लेकर उद्योग धंधों तक में ईस्ट जर्मनी के इलाक़े तुलनात्मक रूप से पिछड़े हुए हैं। दोनों जर्मनी के बीच वामपंथियों ने दीवार बना दी। उस दीवार को फाँद-फाँद कर लोग भागने लगे। इसमें ईस्ट जर्मनी की वामपंथी सरकार के सैनिकों के हाथों सबसे ज्यादा यहीं के लोग मारे गए।

अंत में जब जर्मनी का एकीकरण हुआ तो दीवार तोड़ दी गई। ये काफ़ी ख़ुशी का माहौल था। दोनों तरफ के रिश्तेदार कई सालों से एक-दूसरे से नहीं मिले थे, उन सबको मिलने-जुलने का मौक़ा मिला। आज यही वामपंथ जब दूसरों को विभाजनकारी बताता है तो उसे जर्मनी की दीवार याद दिलाया जाना चाहिए, जिसने एक ही देश को दो हिस्सों में बाँट दिया था। कैपिटलिज्म तो गया लेकिन उसकी जगह सोशलिज्म और कम्युनिज्म कैसे अच्छा करेगा, इस बारे में मार्क्स ख़ुद कन्फ्यूज्ड थे।

मार्क्स और उसके चेले कास्त्रो और माओ

मार्क्स सालों तक लंदन में रहे थे, जहाँ उन्होंने जर्मन दार्शनिक फ्रेडरिक एंगेल्स के साथ मिल कर अपनी बातों को प्रकाशित करना शुरू कर दिया। सोवियत रूस के वामपंथ की बात करते हुए अनंत विजय अपनी पुस्तक ‘मार्क्सवाद का अर्धसत्य‘ में एक बहुत ही रोचक बात कहते हैं। उन्होंने बताया है कि रूस में जब 1917 में क्रांति हुई तो वहाँ ‘एक ग्लास पानी’ मुहावरा काफी प्रचलित हुआ। इसका मतलब ये था कि जब प्यास लगे तो पानी पी लो और जब शरीर की माँग हो तो किसी के साथ भी बुझा लो। मार्क्सवाद शादी-विवाह, परिवार और सभी समाजिक दायित्वों को नकार देता है। धर्म को अफीम तो इनका पसंदीदा वाक्य है।

अगर हम मार्क्सवाद के दो बड़े चेहरों की बात करें तो क्यूबा के फिदेल कास्त्रो और चीन का माओत्से तुंग, इन दोनों के ही राज में लोकतंत्र नाम की कोई चीज कभी रही ही नहीं। अनंत विजय मार्क्सवाद के इन दोनों बड़े चेहरों की तुलना करने पर अपनी पुस्तक में पाते हैं कि इन दोनों का ही सेक्सुअल लाइफ काफ़ी रहस्यमयी था। इन दोनों तानाशाहों ने विरोधियों को बर्दाश्त नहीं किया और हिंसात्मक तरीके अपना कर उन्हें शांत कराया। एक और बात, ये दोनों ही अपने लिए बेशुमार धन इकट्ठा करने की फिराक में लगे रहे। ये वही मार्क्सवाद है, जो कैपिटलिज्म को गाली देता है और बराबरी की बातें करता है।

पति-पत्नी के रिश्तों तक को मार्क्स ने एकदम पूँजीवादी वाले चश्मे से देखा। उनके मित्र एंगेल्स ने तो यहाँ तक लिखा था कि विवाह का उदय ही इसीलिए हुआ ताकि पुरुषों के हाथ में सत्ता और संपत्ति का केन्द्रीकरण हो और स्त्री से इसीलिए संतान पैदा किया जा सके। यही कारण रहा कि मार्क्सवादियों ने दासता को मुक्त करने के लिए परिवार नामक संस्था को ही नकार दिया। इसे भी दास्ता के भीतर घसीट लिया। मार्क्स समझ नहीं पाए एक स्त्री संपत्ति के लालच से परिवार का हिस्सा नहीं बनती है।

निजी जीवन में भी नहीं निभाया अपना ही सिद्धांत

मार्क्स के निजी जीवन की बात करें तो उनके घर में लम्बे समय तक काम करने वाली हेलेन देमुथ से उसका अवैध सम्बन्ध था और दोनों को एक बेटा भी हुआ था, जिसका नाम था- फ्रेड्रिक देमुथ। अपनी सार्वजनिक छवि को बिगड़ने और शादी को टूटने से बचाने के लिए मार्क्स ने बड़ी चालाकी से अपने इस कृत्य को छिपाने के लिए एक योजना तैयार की थी। मार्क्स ने इसके लिए अपने दोस्त फ्रेड्रिक एंजेल्स की मदद ली थी, जिसने उस बच्चे के पिता होने का दावा किया और हेलेन देमुथ ने इस बात की सार्वजनिक पुष्टि की

इस तरह से मार्क्स और हेलन का बेटा अब एंजेल्स और हेलेन का बेटा हो गया। 40 वर्षों तक इस राज़ को कोई और नहीं जान पाया। 1895 में जब एंजेल्स मृत्युशैया पर थे, तब उन्होंने मार्क्स की बेटी इलिनर मार्क्स को यह बात बताई। इलिनर यह बात सुन कर सन्न रह गई। हालाँकि, मार्क्स की संतानों में तब तक 2 ही बचे थे, और 3 वर्षों बाद इलिनर ने भी आत्महत्या कर ली। इसी तरह 1911 में मार्क्स की एक अन्य बेटी लौरा ने भी आत्महत्या कर ली।

इतिहासकार पॉल जॉनसन अपनी पुस्तक ‘इंटेलेक्टुअल्स’ में लिखते हैं कि कार्ल मार्क्स ने मजदूरों के लिए आवाज़ उठाने का दावा किया, उनके लिए लड़ने का दावा किया, जिन्हें काम के बदले उचित रुपए नहीं मिलते थे लेकिन वो अपने घर काम करने वाली नौकरानी को क्या देते थे? कुछ नहीं। मार्क्स ने अपनी फैमिली मेड हेलेन डेमुथ को एक कौड़ी तक नहीं दी। वो उनके घर का सारा काम करती थी, उनका बजट भी मैनेज करती थी लेकिन उसे उसके काम के एवज में कभी रुपए नहीं मिले। मार्क्स उसके साथ सेक्स भी करते थे।

इस तरह से दुनिया भर के मजदूरों के लिए आवाज़ उठाने और स्त्रियों को संपत्ति का मालिक बनाने का दावा करने वाले ने अपने ही घर में एक महिला को उसके काम के बदले वेतन नहीं दिया और उससे हुए बेटे को उचित सम्मान देना तो दूर, उसे एक राज बना दिया ताकि उसके क्रान्तिकारी छवि को चोट न पहुँचे। मार्क्स के दोनों चेले माओ और कास्त्रो के साथ भी ये चीजें कॉमन थीं। उन्होंने भी स्त्रियों को ‘सेक्स ऑब्जेक्ट’ समझा और कभी सम्मान नहीं दिया। आज भी मार्क्सवादी यही करते हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अनुपम कुमार सिंहhttp://anupamkrsin.wordpress.com
चम्पारण से. हमेशा राइट. भारतीय इतिहास, राजनीति और संस्कृति की समझ. बीआईटी मेसरा से कंप्यूटर साइंस में स्नातक.

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मोदी सरकार निकम्मों की तरह क्यों देख रही है किसान आंदोलन को?

किसान आंदोलन को ले कर मोदी सरकार का रवैया ढीला, हल्का और निकम्मों जैसा क्यों दिख रहा है? मोदी की क्या मजबूरी है आखिर?

आएँगे हम.. अंगद के पाँव की तरह: कश्मीर घाटी से पलायन की पीड़ा कविता और अभिनय से बयाँ करती अभिनेत्री भाषा

डेढ़ साल की थीं भाषा सुंबली जब अपनी माँ की गोद में रहते हुए उन्हें कश्मीर घाटी छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। 19 जनवरी 1990 की उस भयावह रात को अब 31 साल बीत गए हैं।

एक ही जामा मस्जिद 2-2 जगहों पर.. नई बन गई, फिर भी पुरानी पर अवैध कब्जा: टिहरी डैम की सरकारी जमीन को लेकर एक्शन...

विस्थापन नीति के तहत जब पुरानी टिहरी से मंदिर-मस्जिद का विस्थापन कर दिया गया था तो अब भी THDC क्षेत्र में यह जामा मस्जिद कैसे जारी है?

‘अल्लाह’ पर टिप्पणी के कारण कंगना के अकॉउंट पर लगा प्रतिबंध? या वामपंथियों ने श्रीकृष्ण से जुड़े प्रसंग को बताया ‘हिंसक’?

"जो लिब्रु डर के मारे मम्मी की गोद में रो रहे हैं। वो ये पढ़ लें कि मैंने तुम्हारा सिर काटने के लिए नहीं कहा। इतना तो मैं भी जानती हूँ कि कीड़े मकोड़ों के लिए कीटनाशक आता है।"

‘मस्जिदों से घोषणा होती थी कौन कब मरेगा, वो चाहते थे निजाम-ए-मुस्तफा’: पत्रकार ने बताई कश्मीरी पंडितों के साथ हुई क्रूरता की दास्ताँ

आरती टिकू सिंह ने अपनी आँखों से कश्मीरी पंडितों के पलायन का खौफनाक मंजर देखा है। उनसे ही सुनिए उनके अनुभव। जानिए कैसे मीडिया ने पीड़ितों को ही विलेन बना दिया।

स्वामीये शरणम् अय्यप्पा: गणतंत्र दिवस के दिन राजपथ पर सुनाई देगा ब्रह्मोस रेजिमेंट का यह वॉर क्राई

861 मिसाइल रेजिमेंट, राजपथ पर इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान ब्रह्मोस मिसाइल का प्रदर्शन करेगी। रेजिमेंट का 'वॉर क्राई' हो- स्वामीये शरणम् अय्यप्पा

प्रचलित ख़बरें

‘उसने पैंट से लिंग निकाला और मुझे फील करने को कहा’: साजिद खान पर शर्लिन चोपड़ा ने लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप

अभिनेत्री-मॉडल शर्लिन चोपड़ा ने फिल्म मेकर फराह खान के भाई साजिद खान पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।

‘अल्लाह का मजाक उड़ाने की है हिम्मत’ – तांडव के डायरेक्टर अली से कंगना रनौत ने पूछा, राजू श्रीवास्तव ने बनाया वीडियो

कंगना रनौत ने सीरीज के मेकर्स से पूछा कि क्या उनमें 'अल्लाह' का मजाक बनाने की हिम्मत है? उन्होंने और राजू श्रीवास्तव ने अली अब्बास जफर को...

‘टॉप और ब्रा उतारो’ – साजिद खान ने जिया को कहा था, 16 साल की बहन को बोला – ‘…मेरे साथ सेक्स करना है’

बॉलीवुड फिल्म निर्माता साजिद खान के खिलाफ एक बार फिर आवाज उठनी शुरू। दिवंगत अभिनेत्री जिया खान की बहन करिश्मा ने वीडियो शेयर कर...

‘नंगा कर परेड कराऊँगा… ऋचा चड्ढा की जुबान काटने वाले को ₹2 करोड़’: भीम सेना का ऐलान, भड़कीं स्वरा भास्कर

'भीम सेना' ने 'मैडम चीफ मिनिस्टर' को दलित-विरोधी बताते हुए ऋचा चड्ढा की जुबान काट लेने की धमकी दी। स्वरा भास्कर ने फिल्म का समर्थन किया।

‘अश्लील बातें’ करने वाले मुफ्ती को टिकटॉक स्टार ने रसीद किया झन्नाटेदार झापड़: देखें वायरल वीडियो

टिकटॉक स्टार कहती हैं, "साँप हमेशा साँप रहता है। कोई मलतलब नहीं है कि आप उससे कितनी भी दोस्ती करने की कोशिश करो।"

‘शक है तो गोली मार दो’: इफ्तिखार भट्ट बन जब मेजर मोहित शर्मा ने आतंकियों के बीच बनाई पैठ, फिर ठोक दिया

मरणोपतरांत अशोक चक्र से सम्मानित मेजर मोहित शर्मा एक सैन्य ऑपरेशन के दौरान बलिदान हुए थे। इफ्तिखार भट्ट बन उन्होंने जो ऑपरेशन किया वह आज भी कइयों के लिए प्रेरणा है।
- विज्ञापन -

 

00:30:41

मोदी सरकार निकम्मों की तरह क्यों देख रही है किसान आंदोलन को?

किसान आंदोलन को ले कर मोदी सरकार का रवैया ढीला, हल्का और निकम्मों जैसा क्यों दिख रहा है? मोदी की क्या मजबूरी है आखिर?

TMC की धमकी- ‘गोली मारो… से लेकर बंगाल माँगोगे तो चीर देंगे’ पर BJP का पलटवार, पूछा- क्या यह ‘शांति’ की परिभाषा है?

टीएमसी की रैली में 'बंगाल के गद्दारों को गोली मारो सालो को' जैसे नारे लगा कर BJP कार्यकर्ताओं को जान से मारने की धमकी दी तो वहीं ममता सरकार में परिवहन मंत्री ने भाजपा को लेकर कहा, "अगर दूध माँगोगे तो खीर देंगे, लेकिन अगर बंगाल माँगोगे तो चीर देंगे।"

मंदिर की दीवारों पर ईसाई क्रॉस पेंट कर चर्च में बदलने की कोशिश, पहले भी मूर्तियों और दानपात्र को पहुँचाई गई थी क्षति

तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में एक हिंदू मंदिर की दीवारों पर ईसाई क्रॉस चिन्ह पेंट कर उसे एक चर्च में बदलने का प्रयास किया गया है।

आएँगे हम.. अंगद के पाँव की तरह: कश्मीर घाटी से पलायन की पीड़ा कविता और अभिनय से बयाँ करती अभिनेत्री भाषा

डेढ़ साल की थीं भाषा सुंबली जब अपनी माँ की गोद में रहते हुए उन्हें कश्मीर घाटी छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। 19 जनवरी 1990 की उस भयावह रात को अब 31 साल बीत गए हैं।

3 में 3 स्टार, 4 लाख में 4… ऐसे दी जाती है बॉलीवुड फिल्मों की रेटिंग: फिल्ममेकर ने खुद बताई हकीकत

विकास खन्ना ने कहा कि उन्हें 'पक्षपात और भाई-भतीजावाद का पहला अनुभव' हुआ जब क्रिटिक्स में से एक ने उन्हें उनकी फिल्म के रिव्यू के लिए पैसे देने के लिए कहा और इसके लिए राजी नहीं होने पर उन्हें बर्बाद करने की धमकी भी दी गई थी।

चारों ओर से घिरी Tandav: मुंबई, UP में FIR के बाद अब इंदौर के न्यायालय में हुई शिकायत दर्ज

UP पुलिस 'तांडव' की पूरी टीम और अमेजन प्रबंधन से पूछताछ कर रही है तो दूसरी ओर इंदौर में अब तांडव को लेकर जारी आक्रोश न्यायालय तक पहुँ च गया है।

‘हर बच्चा एक मुसलमान के रूप में पैदा होता है’: भगोड़े जाकिर नाइक का एक और ‘हास्यास्पद’ दावा, देखें वीडियो

डॉ. जाकिर नाइक ने इस बार एक और विवादित दावा किया है। यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए गए अपने एक वीडियो में उसने दावा किया है कि 'हर बच्चा मुसलमान पैदा होता है।'

127 साल पुरानी बाइबिल से शपथ लेंगे अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन: जानिए क्या है ऐसा करने की खास वजह

यह बाइबिल बाइडेन के पिता की ओर से है। जोकि 1893 से उनके परिवार के पास है। उन्होंने अपने सभी सात शपथ ग्रहण समारोहों के लिए एक ही बाइबिल का उपयोग किया है।

एक ही जामा मस्जिद 2-2 जगहों पर.. नई बन गई, फिर भी पुरानी पर अवैध कब्जा: टिहरी डैम की सरकारी जमीन को लेकर एक्शन...

विस्थापन नीति के तहत जब पुरानी टिहरी से मंदिर-मस्जिद का विस्थापन कर दिया गया था तो अब भी THDC क्षेत्र में यह जामा मस्जिद कैसे जारी है?

ऐलान के बाद केजरीवाल सरकार ने नहीं दिया 1 करोड़ का मुआवजा: कोरोना से मृत दिल्ली पुलिस जवानों के परिवार को अभी भी है...

केजरीवाल ने दिवंगत दिल्ली पुलिस अधिकारी द्वारा किए गए बलिदान के बारे में ट्विटर पर बताते हुए कुमार के परिवार को 1 करोड़ रुपए के मुआवजे की घोषणा की थी।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
383,000SubscribersSubscribe