Monday, June 21, 2021
Home विचार राजनैतिक मुद्दे मोदी के ग्रेजुएशन की डिग्री बनाम राहुल का बर्थ सर्टिफ़िकेट: सबूत नहीं माँगोगे शोना...

मोदी के ग्रेजुएशन की डिग्री बनाम राहुल का बर्थ सर्टिफ़िकेट: सबूत नहीं माँगोगे शोना बाबू?

यह बात जाननी ज़रूरी है कि वह व्यक्ति जो सत्ता के शीर्ष पर बैठना चाहता है, उसकी पार्टी के मुख्यमंत्री देश के बड़े राज्यों में हैं जहाँ मिलिट्री एवं अन्य सुरक्षा संबंधी संस्थान हैं, उसकी प्रतिबद्धता एक व्यवसाय के लिए अंग्रेज़ होने से है, एक चुनाव के लिए भारतीय होने से है, या फिर उस हिन्दुस्तान से जहाँ उसकी बहन ने कहा कि वो सबके सामने पैदा हुए थे।

माताजी इटली की हैं। पिता जी भारत के प्रधानमंत्री थे। शादी हुई थी, तब प्रधानमंत्री दादी थीं। बालक पैदा हुआ, सबके सामने पैदा हुआ ऐसा बहन प्रियंका गाँधी का ताजा बयान है। बालक का नाम रखा गया राहुल। सुब्रह्मण्यम स्वामी कहते हैं कि असली नाम राओल विंची है, लेकिन हम उतने भीतर नहीं जाएँगे क्योंकि हम इन बातों पर चालीस मिनट के सत्रह प्राइम टाइम नहीं करते कि देश जानना चाहता है।

देश को कुछ नहीं जानना होता है। देश जान भी ले तो क्या कर लेगा इस सूचना का? लेकिन लोग लगे रहे, केस हुआ, सूचना का अधिकार इस्तेमाल किया गया, डिग्रियाँ निकलवाई गईं, डिग्री सही निकली तो उसे ही फेक कहा जाने लगा। मतलब यह है कि मतलब इस बात से नहीं था कि मोदी कितना पढ़ा लिखा है, बल्कि मतलब इससे था कि इनका झूठ सच साबित हो जाए। हुआ कुछ नहीं, खलिहर पत्रकार नौटंकी करते रहे और ‘देश जानना चाहता है’ के नाम पर वाहियात बातें परोसते रहे।

मुझे भी इससे कोई मतलब नहीं है कि राहुल गाँधी का नाम राओल है कि राकरेला। नाम चाहे जो भी हो, वो रहेगा राहुल गाँधी ही जिसका दैनिक कार्य है सहजता से झूठ बोलना और देश की हर संस्था को अपनी जेब का सिक्का समझकर जहाँ-तहाँ उछालते रहना। कभी सीआरपीएफ़ पर झूठ, कभी सैन्य कार्रवाई पर झूठ, कभी सुप्रीम कोर्ट का नाम लेकर झूठ और बाकी टाइम तो प्रपंच चलता ही रहता है।

इसलिए, ऐसे आदमी के शर्ट में एक छेद हो, तो उँगली डाल कर पूरा फाड़ कर देख ही लेना चाहिए कि भाई तुम्हारे 2009, 2014 और 2019 के चुनावी हलफ़नामे में इतने बदलाव क्यों हैं? आखिर बैकऑप्स नामक कम्पनी का डायरेक्टर प्रियंका को चुनावों के तुरंत पहले क्यों बना दिया गया था? ऐसे काग़ज़ात क्यों बाहर आ रहे हैं जिसमें राहुल गाँधी को ब्रिटिश नागरिक बताया गया है? फिर भारत में जो दस्तावेज हैं उसमें कुछ और क्यों लिखा हुआ है?

इससे हासिल क्या होगा? वही, जो मोदी की डिग्री का पोस्टमॉर्टम कर के हुआ था। अगर मोदी को डिग्री के नाम पर घेरने वाला आदमी इंग्लैंड में व्यवसाय करने के लिए ब्रितानी हो जाता है, और भारत में चुनाव लड़ने के लिए भारतीय, तो फिर रवीश कुमार के गंभीर शब्दों में, “इसकी जाँच क्यों नहीं करवा ली जाए। अगर इतने लोग कह रहे हैं तो क्या दिक्कत है, जाँच करा ली जाए।”

इससे किसी बात पर फ़र्क़ नहीं पड़ेगा, बस यह बात जाननी ज़रूरी है कि वह व्यक्ति जो सत्ता के शीर्ष पर बैठना चाहता है, उसकी पार्टी के मुख्यमंत्री देश के बड़े राज्यों में हैं जहाँ मिलिट्री एवम् अन्य सुरक्षा संबंधी संस्थान हैं, उसकी प्रतिबद्धता एक व्यवसाय के लिए अंग्रेज़ होने से है, एक चुनाव के लिए भारतीय होने से है, या फिर उस हिन्दुस्तान से जहाँ उसकी बहन ने कहा कि वो सबके सामने पैदा हुए थे।

सवाल यह उठता है कि इस आदमी ने नागरिकता के बारे में झूठ क्यों लिखा। कहीं तो लिखा ही, या तो भारत के दस्तावेज़ों में, या ब्रिटेन के। अंग्रेज़ों को अगर पागल बनाया तो ठीक है क्योंकि उन्होंने दो सौ साल राज किया, तो थोड़ी टैक्स चोरी भी अगर कर ली तो माफ किया जाए, लेकिन भारत सरकार को उस कमाई का टैक्स दिया कि नहीं?

टैक्स भी छोड़िए, बस यह बता दीजिए कि सच क्या है। ब्रिटेन के अंग्रेज़ ही हैं तो कोई दिक्कत नहीं। आपकी माताजी को देश के लोगों ने दस साल ‘प्रधानमंत्री’ के तौर पर स्वीकारा ही है। उन्होंने देश चलाया है। आप भी चला लीजिएगा, इसमें संदेह नहीं। लेकिन देश की राष्ट्रीय सुरक्षा की चाभी क्या ऐसे व्यक्ति के हाथ में दी जा सकती है जो इटली में राओल विंची है, लंदन में ब्रिटिश नागरिक है, और भारत में राहुल गाँधी है जिसके कुर्ते की जेब फटी हुई है, जो दीवारों में कुछ ढूँढता रहता है, जो आँख मारता है, जो प्यार की बातें करता है, जो महिलाओं की बात करते हुए पता नहीं क्या-क्या बोल जाता है!

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अजीत भारती
पूर्व सम्पादक (फ़रवरी 2021 तक), ऑपइंडिया हिन्दी

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

पृथ्वी की गति, आकार, समय, संख्या, अंतरिक्ष… इस्लाम-ईसाई धर्म के उदय से पहले फल-फूल चुकी थी सनातन ज्ञान परंपरा

सनातन ज्ञान परंपरा को समझेंगे तो पाएँगे कि खगोल से लेकर धातु विज्ञान, गणित, चिकित्सा और अन्य कई क्षेत्रों में भारतीयों का योगदान...

ट्रेन में चोरी करता था उम्मेद पहलवान, नेता बनने के चक्कर में लोनी कांड की साजिश: 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

आपराधिक जीवन की शुरुआत में उम्मेद अटैची चोरी करके चलती ट्रेन से कूद जाता था, इसीलिए वह उम्मेद कूदा के नाम से कुख्यात हो गया। उम्मेद के अब तक तीन निकाह करने की बात सामने आई है।

PM मोदी के साथ जुड़ने से मिलेगा फायदा: शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक ने लिखा उद्धव ठाकरे को पत्र

“हम आप पर और आपके प्रतिनिधित्व पर विश्वास करते हैं, लेकिन कॉन्ग्रेस और NCP हमारी पार्टी को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। मेरा मानना है कि अगर आप पीएम मोदी के करीब आते हैं तो बेहतर होगा।"

वो ब्राह्मण राजा, जिनका सिर कलम कर दिया गया: जिन मुस्लिमों को शरण दी, उन्होंने ही अरब से युद्ध में दिया धोखा

राजा दाहिर ने जब कई दिनों तक शरण देने की एवज में खलीफा के उन दुश्मनों से मदद माँगी, तो उन्होंने कहा, "हम आपके आभारी हैं, लेकिन हम इस्लाम की फौज के खिलाफ तलवार नहीं उठा सकते। हम जा रहे हैं।"

‘जो इस्लाम छोड़े उसकी हत्या कर दो’: ऑनलाइन क्लास में बच्चों को भड़काते दिखा मदरसा टीचर, गिरफ्तारी की माँग

शफी वीडियो में कहता है, "क्या यह हिंसा है? नहीं। यह इस्लाम के अनुयायियों को याद दिलाने के लिए है कि मजहब छोड़ने का क्या परिणाम होता है और मौत के बाद उसके साथ कैसा बर्ताव किया जाएगा। वह नरक में जाएगा।"

‘किसानों’ की छेड़खानी, शराब, अपराध: OpIndia ने किया उजागर, महापंचायत ने कहा- खाली करो सड़क

महापंचायत का विशेष कारण- किसानों की तरफ से लगातार बॉर्डर पर बढ़ रही हिंसा। 'किसान' प्रदर्शनकारियों को अल्टीमेटम दिया गया है कि वह...

प्रचलित ख़बरें

‘…इस्तमाल नहीं करो तो जंग लग जाता है’ – रात बिताने, साथ सोने से मना करने पर फिल्ममेकर ने नीना गुप्ता को कहा था

ऑटोबायोग्राफी में नीना गुप्ता ने उस घटना का जिक्र भी किया है, जब उन्हें होटल के कमरे में बुलाया और रात बिताने के लिए पूछा।

70 साल का मौलाना, नाम: मुफ्ती अजीजुर रहमान; मदरसे के बच्चे से सेक्स: Video वायरल होने पर केस

पीड़ित छात्र का कहना है कि परीक्षा में पास करने के नाम पर तीन साल से हर जुम्मे को मुफ्ती उसके साथ सेक्स कर रहा था।

‘नाइट चार्ज पर भेजो रं$* सा*$ को’: दरगाह परिसर में ‘बेपर्दा’ डांस करना महिलाओं को पड़ा महंगा, कट्टरपंथियों ने दी गाली

यूजर ने मामले में कट्टरपंथियों पर निशाना साधते हुए पूछा है कि ये लोग दरगाह में डांस भी बर्दाश्त नहीं कर सकते और चाहते हैं कि मंदिर में किसिंग सीन हो।

असम में 2 बच्चों की नीति (Two-Child Policy) लागू, ‘भय का माहौल है’ का रोना रो रहे लोग

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने के लिए 2 बच्चों की नीति को लागू करने का फैसला किया है।

2 से अधिक बच्चे हैं तो सुविधाओं में कटौती, सरकारी नौकरी भी नहीं: UP में जनसंख्या नियंत्रण कानून पर काम शुरू

बड़ा मुद्दा ये है कि किस समय सीमा के आधार पर ऐसे अभिभावकों को कानून के दायरे में लाया जाए और सरकारी नौकरी में उनके लिए क्या नियम तय किए जाएँ।

वो ब्राह्मण राजा, जिनका सिर कलम कर दिया गया: जिन मुस्लिमों को शरण दी, उन्होंने ही अरब से युद्ध में दिया धोखा

राजा दाहिर ने जब कई दिनों तक शरण देने की एवज में खलीफा के उन दुश्मनों से मदद माँगी, तो उन्होंने कहा, "हम आपके आभारी हैं, लेकिन हम इस्लाम की फौज के खिलाफ तलवार नहीं उठा सकते। हम जा रहे हैं।"
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
105,140FollowersFollow
392,000SubscribersSubscribe