Tuesday, March 9, 2021
Home विचार मीडिया हलचल होली के पर्व पर 'पानी' की तरह बर्बाद होती किराए की कलमों की स्याही

होली के पर्व पर ‘पानी’ की तरह बर्बाद होती किराए की कलमों की स्याही

पानी की सबसे ज्यादा जहाँ बर्बादी होती हो, पहले उसपर नजर डालनी होगी। बाकी होली पर पानी की बर्बादी का रोना रोने से मिलने वाली जो टीआरपी है, उसका लालच तो कुछ किराये की कलमों को रहेगा ही।

कुछ ही वर्ष पहले तक मार्च की दस तारीख के आसपास गर्मियों का मौसम शुरू हो चुका होता था। होली के वक्त बदन पर पानी पड़ जाना सुखद होता था। मौसम के चक्र का समय बदलना हम लोग हाल के वर्षों में देख चुके हैं। ग्लोबल वार्मिंग की वजह से जो होगा वो सब अब किताबों और अंग्रेजी फिल्मों की कल्पना से निकलकर हकीकत की जमीन पर उतर आई घटनाएँ हैं।

हाल के वर्षों के समाचारों में लातूर दिखा। महाराष्ट्र में इस नाम की कोई जगह है, इसके बारे में ज्यादातर भारतीय लोग जानते भी नहीं होंगे। जब वहाँ रेल और टैंकर से पानी भेजे जाने की जरूरत पड़ने लगी तो ये अज्ञात सा इलाका अचानक सुर्ख़ियों में आ गया। जैसा कि हम अक्सर कहा करते हैं, मीडिया के पत्रकारों लिए “अच्छी खबर वो है जो बुरी खबर हो”, वैसा ही इस घटना में भी देखने को मिला।

जब सूखा पड़ा और ट्रेन से पानी भेजा जाने लगा, तब तो लातूर की ख़बरें खूब छपीं। आज वहाँ हालात बदले हैं, या नहीं, ये झाँकने कोई नहीं गया। क्या लोगों को वहाँ बारिश का पानी बचाना सिखाया गया? क्या जल संरक्षण के परम्परागत उपायों को जीवित किया गया? क्या अनुपम मिश्र की “आज भी खरे हैं तालाब” जैसी किताबों से निकाल कर कोई योजना वहां की जमीन पर उतरी? ऐसी कहानियां ढूँढने किसी को भेजा नहीं जाता।

एक दिन की होली को पानी की बर्बादी घोषित करने वाले लोग आपको ये नहीं बताते कि तथाकथित शुद्ध जल आरओ (रिवर्स ओसमोसिस) से निकालना हो तो एक लीटर पानी निकालने में कम से कम नौ लीटर पानी बर्बाद होता है। स्कूलों में जो बच्चों को सूखी होली खेलने के प्रण दिलवा रहे थे, उन्होंने आरओ में इस वर्ष कितना पानी बर्बाद किया, इसका हिसाब उनसे कोई पूछने ही नहीं गया।

हाल के दौर में भारत के प्रधानमंत्री ही नहीं, बिहार के मुख्यमंत्री भी पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर अपनी ओर से पहल करते नजर आये हैं। बिहार में हाल ही में, शराब की ही तरह, प्लास्टिक को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। बिहार के आधे हिस्से के लिए पानी की समस्या सूखा-ग्रस्त क्षेत्रों वाली ही है, लेकिन बाकी आधा ज्यादातर बाढ़ से जूझ रहा होता है। ऐसे में प्लास्टिक से निपटना जरूरी भी था।

पानी के निकास के लिए बनी नालियाँ, ज्यादातर वक्त कचरे, ख़ास तौर पर प्लास्टिक से जाम रहती हैं। पटना शहर मामूली सी बारिश में ही बाढ़-ग्रस्त सा दिखने लगता है। सिर्फ प्लास्टिक रोक देने से ये ठीक हो जाएगा ऐसा भी नहीं है, लेकिन फिर भी, कुछ ना करने से बेहतर ये एक शुरुआत तो है। पर्यावरण को सुरक्षित रखने के प्रयासों में बोतलबंद पानी पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।

एक समस्या तो ये है कि इस तरह के बोतलबंद पानी के उत्पादन में, एक लीटर पानी निकालने के लिए कम से कम नौ लीटर पानी पूरी तरह बर्बाद हो रहा है। ये होली में हुई पानी की बर्बादी से कई सौ गुना ज्यादा है। होली में फेंका गया पानी तो जमीन सोख लेगी और वो फिर से पर्यावरण के चक्र में जाएगा। आरओ से खराब हुए पानी को दोबारा कृषि, सिंचाई इत्यादि में भी इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

बोतलबंद पानी से होने वाली दूसरी समस्या है उस पानी की बोतल। स्लमडॉग मिलियनेयर फिल्म जैसा उस पानी की बोतल का दोबारा इस्तेमाल ना हो, इसलिए तोड़ मरोड़ के प्लास्टिक की बोतल को फेंक दिया जाता है। शहरों के लिए ये कचरा कितना भारी होता है, इस बात का अंदाजा दिल्ली में हुई कुछ मौतों से लगाया जा सकता है। हाल ही में दिल्ली में चार लोग कचरे के ढेर के निचे दब कर मर गए थे जिन्हें देखने के लिए वहां के मुख्यमंत्री को जाना पड़ा था।

अगली पीढ़ी के लिए सोचना हो तो याद रखिये कि सबसे ज्यादा जहाँ बर्बादी होती हो, पहले उसपर नजर डालनी होगी। बाकी होली पर पानी की बर्बादी का रोना रोने से मिलने वाली जो टीआरपी है, उसका लालच तो कुछ किराये की कलमों को रहेगा ही।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

Anand Kumarhttp://www.baklol.co
Tread cautiously, here sentiments may get hurt!

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

त्रिवेंद्र सिंह रावत नहीं रहेंगे उत्तराखंड के CM? BJP आलाकमान में मंथन का दौर जारी, मीडिया में अटकलों का बाजार गर्म

उत्तराखंड भाजपा के प्रभारी ने कहा, "त्रिवेंद्र सिंह रावत अभी मुख्यमंत्री हैं। अच्छा कार्य किया है, उन्होंने योजनाओं को सब तक पहुँचाया।"

‘भारतीय सेना रेप करती है’: DU में आपत्तिजनक पोस्टर, विरोध करने पर ABVP छात्रा के कपड़े फाड़े

ABVP ने आरोप लगाया कि कुछ पूर्व छात्रों और बाहरी लोगों द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में 'भारतीय सेना हमारा रेप करती है' लिखे पोस्टर्स लहराए गए।

मौलवियों, NGO, नेताओं की मिलीभगत से जम्मू में बसाए गए रोहिंग्या: डेमोग्राफी बदलने की साजिश, मदरसों-मस्जिदों में पनाह

म्यांमार की सीमा जम्मू कश्मीर से नहीं लगी हुई है, फिर भी प्रदेश में रोहिंग्या मुस्लिमों की संख्या इतनी कैसे? जानिए कैसे चल रहा था ये पूरा खेल।

Women’s Day पर महिला कॉन्ग्रेस नेता से अभद्रता, बुलाया था सम्मान के लिए: अल्पसंख्यक अध्यक्ष शाहनवाज आरोपी

कॉन्ग्रेस के 'महिला दिवस' के कार्यक्रम में महिला नेता के साथ अभद्रता का आरोप अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष शाहनवाज आलम पर लगा है।

‘सोनिया जी रोई या नहीं? आवास में तो मातम पसरा होगा’: बाटला हाउस केस में फैसले के बाद ट्रोल हुए सलमान खुर्शीद

"सोनिया गाँधी, दिग्वियजय सिंह, सलमान खुर्शीद, अरविंद केजरीवाल और अन्य लोगों जिन्होंने बाटला हाउस एनकाउंटर को फेक बताया था, इस फैसले के बाद पुलिसवालों के परिवार व पूरे देश से माफी माँगेंगे।"

मिथुन दा के बाद क्या बीजेपी में शामिल होंगे सौरभ गांगुली? इंटरव्यू में खुद किया बड़ा खुलासा: देखें वीडियो

लंबे वक्त से अटकलें लगाई जा रही हैं कि बंगाल टाइगर के नाम से प्रख्यात क्रिकेटर सौरव गांगुली बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। गांगुली ने जो कहा, उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि दादा का विचार राजनीति में आने का है।

प्रचलित ख़बरें

‘मासूमियत और गरिमा के साथ Kiss करो’: महेश भट्ट ने अपनी बेटी को साइड ले जाकर समझाया – ‘इसे वल्गर मत समझो’

संजय दत्त के साथ किसिंग सीन को करने में पूजा भट्ट असहज थीं। तब निर्देशक महेश भट्ट ने अपनी बेटी की सारी शंकाएँ दूर कीं।

‘हराम की बोटी’ को काट कर फेंक दो, खतने के बाद लड़कियाँ शादी तक पवित्र रहेंगी: FGM का भयावह सच

खतने के जरिए महिलाएँ पवित्र होती हैं। इससे समुदाय में उनका मान बढ़ता है और ज्यादा कामेच्छा नहीं जगती। - यही वो सोच है, जिसके कारण छोटी बच्चियों के जननांगों के साथ इतनी क्रूर प्रक्रिया अपनाई जाती है।

मौलवियों, NGO, नेताओं की मिलीभगत से जम्मू में बसाए गए रोहिंग्या: डेमोग्राफी बदलने की साजिश, मदरसों-मस्जिदों में पनाह

म्यांमार की सीमा जम्मू कश्मीर से नहीं लगी हुई है, फिर भी प्रदेश में रोहिंग्या मुस्लिमों की संख्या इतनी कैसे? जानिए कैसे चल रहा था ये पूरा खेल।

‘सोनिया जी रोई या नहीं? आवास में तो मातम पसरा होगा’: बाटला हाउस केस में फैसले के बाद ट्रोल हुए सलमान खुर्शीद

"सोनिया गाँधी, दिग्वियजय सिंह, सलमान खुर्शीद, अरविंद केजरीवाल और अन्य लोगों जिन्होंने बाटला हाउस एनकाउंटर को फेक बताया था, इस फैसले के बाद पुलिसवालों के परिवार व पूरे देश से माफी माँगेंगे।"

तेलंगाना के भैंसा में फिर भड़की सांप्रदायिक हिंसा, घर और वाहन फूँके; धारा 144 लागू

तेलंगाना के निर्मल जिले के भैंसा नगर में सांप्रदायिक झड़प के बाद धारा 144 लागू कर दी गई है। अतिरिक्त फोर्स तैनात।

सलमान खुर्शीद ने दिखाई जुनैद की तस्वीर, फूट-फूट कर रोईं सोनिया गाँधी; पालतू मीडिया गिरते-पड़ते पहुँची!

पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद के एक तस्वीर लेकर 10 जनपथ पहुँचने की वजह से सारा बखेड़ा खड़ा हुआ है।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,359FansLike
81,953FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe