Wednesday, November 25, 2020
Home विचार सामाजिक मुद्दे होमवर्क बनाम गृहकार्य में नहीं उलझती हैं अब लड़कियाँ... वो टॉप करती हैं और...

होमवर्क बनाम गृहकार्य में नहीं उलझती हैं अब लड़कियाँ… वो टॉप करती हैं और हेडलाइन बनती हैं

कढ़ाई, बुनाई और सिलाई वाली सृजनात्मकता लड़कियों की उत्तर पुस्तिका में। अच्छी गृहणी के गुण मतलब लगन शक्ति और स्मरण शक्ति का प्रयोग कर परीक्षा में अव्वल - यह कर रही हैं आज की लड़कियाँ।

बीते कुछ सालों से लगातार लड़कियाँ हर बोर्ड परीक्षा में लड़कों को पछाड़ते हुए मीडिया को “लड़कियों ने फिर मारी बाजी” जैसी हेडलाइन लिखने पर मजबूर कर देती हैं। इसे लड़कियों के भीतर की इच्छाशक्ति और लगन समझिए या फिर ‘बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ’ जैसे अभियानों की सफलता। आप बीते कुछ सालों के रिकॉर्ड देख लीजिए – लड़कियों की छाप हर बोर्ड परीक्षा में लड़कों के मुकाबले ज्यादा प्रभावशाली रही है। आज CBSE के नतीजे इसके हालिया उदाहरण हैं। कुछ लोगों को लग सकता है कि ये बातें लिखते हुए मैं अपने भीतर हावी हुए नारीवाद के कारण लड़कों की मेहनत को कम आँकने की कोशिश कर रही हूँ। लेकिन यकीन करिए ऐसा कुछ भी नहीं है। हम जिस समाज में रहते हैं वहाँ लड़कियों का इस तरह उभरना वाकई किसी के लिए भी गर्व की बात है। जिनकी शिक्षा उचित दिशा में हुई है वो मेरी इस बात को जरूर समझ पाएँगे।

लड़कों के मुकाबले लड़कियों का अव्वल आना किसी भी प्रगतिशील समाज के लिए इसलिए इतना प्रफुल्लित करने वाला है क्योंकि लड़कियों की स्थिति ही समाज की मानसिकता का आईना होती है। अभी के समय से थोड़ा पीछे जाकर याद कीजिए। इतिहास में लड़कियों को उनके अधिकार दिलाने के लिए कितने आंदोलन हुए हैं? देश की पहली महिला डॉक्टर (आनंदी) जैसी अनेकों महिलाओं को अपनी डिग्री हासिल करने के लिए न जाने कितनी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। ऐसे में यदि इन संघर्षों के नतीजे परीक्षाओं के परिणामों में दिखने लगे हैं तो मेरे जैसे वो लोग क्यों न खुश हों, जिन्होंने देखा है कि पढ़े-लिखे माहौल में भी लड़की को होमवर्क बनाम गृह कार्य में किस तरह उलझ कर रह जाना पड़ता है। जिन्हें मालूम है कि समाज में लड़के का शिक्षित होना आम बात है लेकिन एक लड़की का शिक्षित होना पूरे समाज के लिए सफलता की बात है। आसपास देखिए और खुद सोचिए लड़की होने के जो मानदंड समाज द्वारा तय किए गए हैं, उन पर शत-प्रतिशत देते हुए लड़की की छोटी सी सफलता भी कितनी बड़ी बात है।

आज जब मैं ‘लड़कियों ने फिर मारी बाजी’ पर बात कर रही हूँ तो मैं सिर्फ़ उन लड़कियों तक सीमित नहीं हूँ जिन्होंने 500 में से 499 अंक लाकर किसी लड़के को पछाड़ा है। मैं उन सभी लड़कियों की बात कर रही हूँ जिन्होंने सामाजिक और परिवारिक जद्दोजहद के बावजूद अकादमिक क्षेत्र में आगे बढ़ने का सपना देखा और उस सपने को पूरा करने के लिए उसने अपना एक-एक पल झोंक दिया। इस बात में कोई संदेह नहीं है कि लड़कों की सफलता भी उनकी लगन और मेहनत का परिणाम होती है, लेकिन इस बात में भी कोई दो-राय नहीं है कि समाज द्वारा निर्धारित नियमों और मानदंडों के बाद लड़कियों की कामयाबी किसी भी क्षेत्र में ज्यादा ‘खास’ होती है।

आमतौर पर हम देखते हैं कि नारी सशक्तिकरण की बहसों के बीच समाज का एक बड़ा तबका लड़कियों को इमोशनली वीक कहता है, और हर दूसरी बात पर उन्हें ‘तुमसे न हो पाएगा’ कह कर दरकिनार कर देता है, लेकिन कभी किसी ने सोचा है कि लड़कियों को इमोशनली वीक बताने वाला समाज कैसे और कब तैयार हुआ है? इन गुणों की सूची तैयार करने वाले ये वही लोग हैं, जिनका एक समय तक मानना था कि लड़कियों को शिक्षित करना ‘परिवार के लिए और समाज के लिए खतरनाक है।’ आज जब लड़कियों को खुद को समाज में आगे बढ़ाने का मौका मिल रहा है तो यकीनन वो सभी पुरानी भ्रांतियों को तोड़ने के लिए प्रयासरत हैं, जिनका निर्माण समाज ने उनके लिए किया है।

लड़कियों की इन बोर्ड परीक्षाओं में जीत बताती हैं कि अब वो अपने भीतर निहित मूल्यों को पहचानने और समझने लगी हैं। वो समझ चुकी हैं कि शिक्षा यदि उनका एक मात्र लक्ष्य है तो फिर उन्हें कोई नहीं रोक सकता है। आज उनका अव्वल आना बताता है कि वो न केवल खुद के औचित्य और अपने सपनों को बचाए रखने के लिए बल्कि औरों के लिए प्रेरणा बनने को भी जुझारू रूप से जुटी हुई हैं। क्लासरूम की शिक्षा और गृहणी बनने की ट्रेंनिंग की लड़ाई में वह तालमेल बिठाना सीख चुकी हैं। वह जान चुकी हैं कि जिन गुणों को गलत परिभाषित करके समाज ने उन्हें आगे बढ़ने से रोका है, उन्हें उन गुणों का इस्तेमाल अपनी बेहतरी के लिए कैसे करना है।

एक समय में लड़कियों की सृजनात्मकता को कढ़ाई, बुनाई और सिलाई के जरिए आँका जाता था, लेकिन आज लड़कियों के ये गुण उनकी उत्तर पुस्तिका में स्पष्ट देखा जाता है। एक समय में लड़कियों की लगन शक्ति और स्मरण शक्ति को अच्छी गृहणी होने का पर्याय माना जाता था, लेकिन अब उनके इन्हीं गुणों के सही प्रयोग से वह परीक्षा परिणामों में अव्वल आ रही हैं। समाज उन्हें जितना दबाने का प्रयास कर रहा है, लड़कियाँ अब उतना ही उभरने को तैयार हैं।

सीबीएसई के मुताबिक लड़कों की तुलना में 9 फीसदी अधिक लड़कियाँ इस बार पास हुईं हैं। सीबीएसई 12वीं बोर्ड में 88.70 फीसदी लड़कियाँ पास होने में सफल रहीं, जबकि लड़कों का पासिंग पर्सेंटेज 79.4 फीसदी रहा।
इस बार कुल 83.4 फीसदी बच्‍चे पास होने में सफल हुए। लेकिन पिछली बार की तरह इस बार भी लड़कियों ने बाजी मारी है। उम्मीद करती हूँ ऐसे परिणाम साल दर साल आएँगे और एक समय ऐसा आएगा जब लड़कियों का न सिर्फ शिक्षित होना बल्कि हर क्षेत्र में अव्वल होना सबके लिए ‘आम’ बात होगी। लोग समझ पाएँगे कि जिस तरह के समाज का निर्माण लड़कियों के लिए इतिहास में किया गया था, वो एक ब्लर तस्वीर जैसी थी जिसमें लड़की के अस्तित्व का पता तो उनकी शारीरिक बनावट से लग जाता था लेकिन उनके गुणों को धुंधला दिया जाता था।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अहमद पटेल की मौत का कॉन्ग्रेस को कितना दुख? सुबह किया पहले राहुल को कोट, फिर जताया अपने नेता की मृत्यु पर शोक

कॉन्ग्रेस के लिए पहला काम था-राहुल गाँधी का संदेश शेयर करना ताकि किसी मायने में उसकी गंभीरता सोशल मीडिया यूजर्स के सामने न दब जाए और लोग अहमद पटेल के गम में राहुल गाँधी के कोट को पढ़ना न भूल जाएँ।

उत्तर प्रदेश में 9357 करोड़ रुपए का निवेश करेंगी 28 विदेशी कंपनियाँ: कोरोना काल में मिलेगा लाखों लोगों को रोजगार

28 विदेशी कंपनियों ने 9357 करोड़ रुपए के निवेश के लिए करार किया है। एक जूता बनाने वाली कंपनी ऐसी है, जो चीन से शिफ्ट होकर भारत आई है और तीन सौ करोड़ रुपए के निवेश से आगरा में उत्पादन शुरू किया है।

वो सीक्रेट बैठक, जिससे उड़ी इमरान खान की नींद: तुर्की की गोद में बैठा कंगाल Pak अब चीन के लिए होगा खिलौना

पाकिस्तान समेत ज़्यादातर मुस्लिम देश इजरायल को अपना दुश्मन नंबर एक मानते हैं। सऊदी अरब व इजरायल के रिश्ते मजबूत होने से इमरान की उड़ी नींद।

‘PFI वाले मुझे घर, नौकरी और रुपए देंगे’: इस्लाम अपनाने की घोषणा करने वाली केरल की दलित महिला

केरल की दलित महिला ऑटोरिक्शा ड्राइवर चित्रलेखा ने इस्लामी धर्मांतरण की घोषणा की थी। अब सामने आया है कि PFI ने उन्हें इसके लिए प्रलोभन दिया।

उमर खालिद नास्तिकता का ढोंग करता है, वस्तुतः वह कट्टर मुस्लिम है जो भारत को तोड़ना चाहता है: दिल्ली पुलिस

खालिद के लिए दिल्ली में रहने वाले बांग्लादेशी और रोहिंग्या अप्रवासी ऐसे लोग थे, जिनका इस्तेमाल करना आसान था। उसने इस्लाम और अल्ट्रा लेफ्ट...

वो अहमद पटेल, जिसे राज्यसभा सीट जिताने के लिए कॉन्ग्रेस ने खो दिया था पूरे गुजरात को

71 साल के अहमद पटेल का इंतकाल हो गया। उनकी मौत का कारण मल्टिपल ऑर्गन फेलियर रहा। उनसे यूपीए काल में हुए कई घोटालों के...

प्रचलित ख़बरें

‘मेरे पास वकील रखने के लिए रुपए नहीं हैं’: सुप्रीम कोर्ट में पूर्व सैन्य अधिकारी की पत्नी से हरीश साल्वे ने कहा- ‘मैं हूँ...

साल्वे ने अर्णब गोस्वामी का केस लड़ने के लिए रिपब्लिक न्यूज नेटवर्क से 1 रुपया भी नहीं लिया। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में उन्होंने कुलभूषण जाधव का केस भी मात्र 1 रुपए में लड़ा था।

बहन से छेड़खानी करता था ड्राइवर मुश्ताक, भाई गोलू और गुड्डू ने कुल्हाड़ी से काट डाला: खुद को किया पुलिस के हवाले

गोलू और गुड्डू शाम के वक्त मुश्ताक के घर पहुँच गए। दोनों ने मुश्ताक को उसके घर से घसीट कर बाहर निकाला और जम कर पीटा, फिर उन्होंने...

रहीम ने अर्जुन बनकर हिंदू विधवा से बनाए 5 दिन शारीरिक संबंध, बाद में कहा- ‘इस्लाम कबूलो तब करूँगा शादी’

जब शादी की कोई बात किए बिना अर्जुन (रहीम) महिला के घर से जाने लगा तो पीड़िता ने दबाव बनाया। इसके बाद रहीम ने अपनी सच्चाई बता...

इतिहास में गुम हैं मुगलों को 17 बार हराने वाले अहोम योद्धा: देश भूल गया ब्रह्मपुत्र के इन बेटों को

राजपूतों और मराठों की तरह कोई और भी था, जिसने मुगलों को न सिर्फ़ नाकों चने चबवाए बल्कि उन्हें खदेड़ कर भगाया। असम के उन योद्धाओं को राष्ट्रीय पहचान नहीं मिल पाई, जिन्होंने जलयुद्ध का ऐसा नमूना पेश किया कि औरंगज़ेब तक हिल उठा। आइए, चलते हैं पूर्व में।

कंगना को मुँह तोड़ने की धमकी देने वाले शिवसेना MLA के 10 ठिकानों पर ED की छापेमारी: वित्तीय अनियमितता का आरोप

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को शिवसेना नेता प्रताप सरनाईक के आवास और दफ्तर पर छापेमारी की। यह छापेमारी सरनाईक के मुंबई और ठाणे के 10 ठिकानों पर की गई।

‘मुस्लिमों ने छठ में व्रती महिलाओं का कपड़े बदलते वीडियो बनाया, घाट पर मल-मूत्र त्यागा, सब तोड़ डाला’ – कटिहार की घटना

बिहार का कटिहार मुस्लिम बहुत सीमांचल का हिस्सा है, जिसकी सीमाएँ पश्चिम बंगाल से लगती हैं। वहाँ के छठ घाट को तहस-नहस कर दिया गया।
- विज्ञापन -

TRP मामले में रिपब्लिक की COO प्रिया मुखर्जी को 20 दिन की ट्रांजिट बेल, कर्नाटक हाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस की दलील को नकारा

कर्नाटक हाई कोर्ट ने बुधवार (नवंबर 25, 2020) को रिपब्लिक टीवी के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) प्रिया मुखर्जी को 20 दिन का ट्रांजिट बेल दिया है।

ऑस्ट्रेलिया ने आतंकी हरकतों में लिप्त मौलाना की नागरिकता छीनी, गृह मंत्री ने कहा- देश की सुरक्षा के लिए कोई भी कार्रवाई करेंगे

गृह मंत्री पीटर बटन ने कहा है कि ऑस्ट्रेलिया के लोगों को बचाने के लिए मौलाना अब्दुल नसीर बेनब्रीका की नागरिकता छीनना एक उचित कदम है।

‘ये प्राचीनतम है, सभी भाषाओं की जननी है’: न्यूजीलैंड में सत्ताधारी लेबर पार्टी के सांसद ने संस्कृत में ली शपथ, आलोचकों को लताड़ा

एक आलोचक ने ने संस्कृत को अत्याचार, जातिवाद, रूढ़िवादिता और हिंदुत्व की भाषा करार दिया। जानिए नव-निर्वाचित सांसद ने इसका क्या जवाब दिया....

‘भाजपा को हिंदुत्व की लौ लगी है, लव जिहाद उनका नया हथियार, बंगाल चुनाव के बाद ये भंगार में चले जाएँगे’: शिवसेना मुखपत्र

"सच कहें तो वैचारिक ‘लव जिहाद’ के कारण देश और हिंदुत्व का सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। कश्मीर में पाक समर्थक, अनुच्छेद 370 प्रेमी महबूबा मुफ्ती से भाजपा ने सत्ता का निकाह किया, इसलिए इसे भी वैचारिक लव जिहाद क्यों न माना जाए?"

अहमद पटेल की मौत का कॉन्ग्रेस को कितना दुख? सुबह किया पहले राहुल को कोट, फिर जताया अपने नेता की मृत्यु पर शोक

कॉन्ग्रेस के लिए पहला काम था-राहुल गाँधी का संदेश शेयर करना ताकि किसी मायने में उसकी गंभीरता सोशल मीडिया यूजर्स के सामने न दब जाए और लोग अहमद पटेल के गम में राहुल गाँधी के कोट को पढ़ना न भूल जाएँ।

उत्तर प्रदेश में 9357 करोड़ रुपए का निवेश करेंगी 28 विदेशी कंपनियाँ: कोरोना काल में मिलेगा लाखों लोगों को रोजगार

28 विदेशी कंपनियों ने 9357 करोड़ रुपए के निवेश के लिए करार किया है। एक जूता बनाने वाली कंपनी ऐसी है, जो चीन से शिफ्ट होकर भारत आई है और तीन सौ करोड़ रुपए के निवेश से आगरा में उत्पादन शुरू किया है।

रोशनी घोटाला में महबूबा मुफ्ती का नाम: जम्मू में सरकारी जमीन कब्ज़ा कर बनाया गया PDP का दफ्तर, CBI कर रही जाँच

गुजरे जमाने की फ़िल्मी हस्तियाँ फिरोज खान और संजय खान की बहन दिलशाद शेख ने भी राजधानी श्रीनगर में 7 कनाल सरकारी जमीन पर कब्ज़ा जमा लिया।

10 साल में 800% बढ़ी संपत्ति: उद्धव ठाकरे के बेहद करीबी सरनाईक कभी ऑटो रिक्शा चलाते थे, आज करोड़ों के मालिक

सरनाईक पर वित्तीय अनियमितता का आरोप है, जिसके कारण ईडी ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। तलाशी अभियान के बाद ईडी के अफसरों ने ठाणे स्थित ठिकाने से सरनाईक के बेटे विहंग सरनाईक को हिरासत में ले लिया।

‘उन्हें देश के गरीबों की समझ नहीं, राजनीति में नहीं आना चाहिए’: TMC ने सौरभ गांगुली पर साधा निशाना, अटकलों का बाजार गर्म

TMC के वरिष्ठ नेता ने कहा कि वो पूरे बंगाल के एक आइकॉन हैं और एकमात्र ऐसे बंगाली क्रिकेटर हैं, जिन्हें भारतीय टीम का नेतृत्व करने का मौका मिला।

राजस्थान में कोरोना संक्रमित कॉन्ग्रेसी मंत्री ने RUHS का दौरा कर उड़ाई प्रोटोकॉल की धज्जियाँ: तस्वीरें वायरल

“आरयूएचएस में पहले से सब पॉजिटिव हैं और मैं भी पॉजिटिव हूँ, इसलिए प्रश्न उठता है कि मुझसे कोरोना फैलेगा कैसे? मैं डॉक्टरों की सलाह के बाद इंतजामों को देखने गया था।”

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,380FollowersFollow
357,000SubscribersSubscribe