Tuesday, August 3, 2021
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तबलीगी जमात का थूक साफ कर रहे लिबरल मूर्खों से पाला पड़े तो क्या करें?

‘मूर्ख लिबरल’ लौट आए हैं। फिलहाल वे तबलीगी जमात का थूक साफ करने में लगे हैं ।क्या कभी आपका पाला ऐसे कूढ़मगज से पड़ा है? यदि नहीं तो आप सौभाग्यशाली हैं। लेकिन यदि पाला पड़ जाए तो आप इनके कुतर्कों से कैसे बचेंगे?

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) पर मूर्ख लिबरलों से कैसे बात करें, इसके बारे में मैंने बीते साल दिसंबर में लिखा था। वैसे तो मूर्खों के साथ बहस करना हमेशा व्यर्थ ही होता है, लेकिन इनको जवाब देने के भी अपने मजे हैं। इसलिए मैं फिर से हाजिर हूॅं, क्योंकि ‘मूर्ख लिबरल’ भी लौट आए हैं। फिलहाल वे तबलीगी जमात का थूक साफ करने में लगे हैं।

जाहिल और दिमाग से पैदल ऐसे लोग आपको फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप जैसी जगहों पर आसानी से दिख जाएँगे। यहाँ न भी दिखें तो कुछ आपको अपने आस-पास टहलते हुए अवश्य मिल जाएँगे। क्या कभी आपका पाला ऐसे कूढ़मगज से पड़ा है? यदि नहीं तो आप सौभाग्यशाली हैं। लेकिन यदि पाला पड़ जाए तो आप इनके कुतर्कों से कैसे बचेंगे? नीचे कुछ उनके ऐसे ही बेतुके सवालों के जवाब दिए गए हैं। इन्हें पढ़ने के बाद आप आसानी से न केवल उन्हें जवाब दे पाएँगे, बल्कि उन्हें भागने को भी मजबूर कर देंगे।

लिबरल इडियट: तब्लीगी जमात वाले वायरस नहीं फैला रहे हैं। सरकार अन्य लोगों की तुलना में उन्हें ज्यादा ट्रेस कर रही। उनकी ज्यादा टेस्टिंग कर रही। लिहाजा उनकी संख्या ज्यादा है।

आप: उन्हें बताइए कि सरकार पूर्वाग्रह से किसी एक संगठन के सदस्यों की तलाश नहीं कर रही। उनकी जॉंच इस​लिए करनी पड़ रही है क्योंकि उनके साथ निजामुद्दीन के मरकज में रहे कुछ लोग संक्रमित पाए गए थे। क्या कनिका कपूर के पॉजीटिव पाए जाने के बाद सरकार ने उनकी पार्टी में शामिल सभी लोगों को ट्रेस नहीं किया था।?

लिबरल इडियट: बिल्कुल भक्त! तो क्या आप कनिका कपूर पर भी संक्रमण फैलाने का आरोप लगा रहे हैं? फिर यह नफरत सिर्फ तबलीगी जमात के लिए ही क्यों?

आप:  हाँ, बेवकूफों, कनिका कपूर को हर किसी ने दोषी बोला है। साथ में उस पर वायरस फैलाने का आरोप लगाया गया था। लोगों ने उसे जेल भेजने की भी माँग की हैं। यहाँ तक उसके खिलाफ़ पुलिस केस भी दर्ज है। आप बेवकूफों की समस्या यह है कि आप यह भी नहीं जानते कि आप किस बारे में बात कर रहे हैं।

लिबरल इडियट: लेकिन आप लोगों ने यह नहीं कहा कि कनिका कपूर किसी साजिश के तहत ऐसा कर रही थीं। आपने उस पर किसी तरह के नफ़रत का आरोप नहीं लगाया। लेकिन इस घटना के बाद से आप लोग ‘कोरोना जिहाद’ का उपयोग कर रहे हैं, क्या वो सही है!

आप: मैं जरूर कनिका पर साजिश का आरोप लगाता। लेकिन मैंने उसके सभी वीडियो खोजे और कहीं भी उसने यह बात नहीं कहीं कि उसका गाना सबसे अच्छा था और अन्य लोग उससे नीचे थे। वो ये भी नहीं मानती की उसे जन्नत नसीब हो, क्योंकि वह अच्छा गाती है और बाकी वे सभी लोग नरक में चले जाएँ जो उसके एलबम को नहीं खरीदते हैं। उसका कोई भी वीडियो आज तक ऐसा नहीं आया, जिसमें उसने दावा किया हो कि दिन में पाँच बार ‘बेबी डॉल मैं सोने दी’ गाकर वायरस ठीक किया जा सकता है।

लिबरल इडियट: आपकी बातों का कोई मतलब नहीं है।

आप: हाहाहा… इतने मासूम होने का दिखावा नहीं करते। आप जानते हैं कि मैं किस बारे में बात कर रहा हूँ। मुद्दा यह है, यदि आप अपने विश्वास को दिखाते हैं तो आपकी मान्यताओं पर सवाल उठाया जाएगा।

लिबरल इडियट: फिर आप उन हिंदुओं की मान्यताओं पर सवाल क्यों नहीं उठाते जो मंदिरों में एकत्र हुए थे (बॉलीवुड की बेवकूफ स्वरा भास्कर) द्वारा साझा किए गए एक व्हाट्सएप संदेश को पढ़ता है?

आप: स्वरा भास्कर और अनुराग कश्यप द्वारा साझा किए गए बकवास की जगह कुछ और पढ़ें। क्या आपको ऐसी किसी सभा को समर्थन देने वाला कोई मिला? कुछ ऐसी सभाएँ उन राज्यों में थीं, जो आपकी धर्मनिरपेक्ष सरकारों द्वारा शासित हैं। जैसे केरल और महाराष्ट्र में। आप उन धर्मनिरपेक्ष सरकारों को आक्रामक तरीके से ट्रेस करने और उन सभी का टेस्ट करने के लिए क्यों नहीं कहते हैं, जिन्होंने किसी मंदिर में हुए समारोह में भाग लिया हो? इस तरह से आप यह साबित कर सकते हैं कि इन सभाओं में भी वायरस फैलता है, न कि सिर्फ तबलीगी जमात के जमावड़े से। आप “टेस्ट-टेस्ट-टेस्ट” चिल्लाते रहते हैं। इसलिए उन हिंदुओं का टेस्ट करें जो आपके द्वारा दावा किए गए किसी भी कार्यक्रम में शामिल हुए थे। जाइए और अपने दावे को साबित करिए। तब आप ये देखना कि जब इन लोगों का पता लगा कर टेस्ट किया जायेगा तो वे पुलिस पर पत्थर नहीं फेंकेंगे, वे डॉक्टर का सिर नहीं फोड़ेंगे और वे नर्सों पर थूकेंगे भी नहीं।

लिबरल इडियट: ये सभी फर्जी खबरें हैं। मजहब का कोई भी आदमी ऐसी चीजें नहीं कर रहा है। 

आप: चुप चु###

लिबरल इडियट: आप केवल गाली दे सकते हैं।

आप: वीडियो और फ़ोटो जिसमें वे पुलिसकर्मियों, स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला करते नजर आते हैं पेश करिए।

लिबरल इडियट: मजहब के लोग इस हिंदुत्ववादी व्यवस्था पर यकीन नहीं करते। अयोध्या में मंदिर बनाकर, सीएए जैसे सांप्रदायिक कानून बनाकर, कश्मीर का विशेष दर्जा छीन कर, आपने समुदाय विशेषको एक कोने में धकेल दिया है। अब वे यह मानने को तैयार नहीं हैं कि कोई भी सरकारी अधिकारी या टीम उनके इलाके का दौरा करे।

आप: उन्हें पाकिस्तान में पुलिस और सरकारी टीमों पर भी ख़ास समुदाय ने किस तरह पथराव किया है, इस बारे में समाचार दिखाएँ। उसके बाद उनसे पूछिए कि क्या उनके कहने का मतलब है कि भाजपा पाकिस्तान में भी शासन कर रही है?

लिबरल इडियट: तो आप कहना चाहते हैं कि हर जगह इस समुदाय के लोग बुरे हैं? यह और कुछ नहीं बल्कि इस्लामोफोबिया है।

आप: और आप क्या कहना चाहते हैं कि कोई भी ‘शांतिप्रिय’ कभी कुछ गलत कर ही नहीं सकता? आप हमेशा उनके अपराधों पर पर्दा डालने पर क्यों तुले रहते हैं।

लिबरल इडियट: हमने कभी इस बारे में ऐसा कुछ नहीं कहा।

आप: आपने जहाँ से शुरू किया था, वहाँ वापस जाएँ। और यहाँ से चले जाइए।

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Amit Kelkar
a Pune based IT professional with keen interest in politics

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