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वारंट लेकर आई गुजरात पुलिस, AAP विधायक गोपाल इटालिया ने माँ से बदसलूकी का लगा दिया आरोप: निकाय चुनावों से पहले ‘विक्टिम कार्ड’ का दाँव पड़ा उलटा

गुजरात में आम आदमी पार्टी के नेता गोपाल इटालिया ने पुलिस पर माँ से दुर्व्यवहार का आरोप लगाया, लेकिन बाद में सामने आया कि पुलिस गैर-जमानती वारंट की तामील करने उनके घर पहुँची थी।

गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, राजनीतिक माहौल भी तेजी से गरमाता जा रहा है। इसी बीच आम आदमी पार्टी के विधायक गोपाल इटालिया के एक दावे ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है।

उन्होंने गुजरात पुलिस पर आरोप लगाया कि वह उनके सूरत स्थित घर पर पहुँची और उनकी माँ के साथ दुर्व्यवहार किया। उन्होंने यह भी कहा कि यह सब राज्य के गृह मंत्री हर्ष संघवी के इशारे पर हुआ।

सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ विवाद

गोपाल इटालिया ने एक्स पर भावुक पोस्ट लिखते हुए सवाल उठाया कि क्या एक साधारण किसान परिवार से आने वाले व्यक्ति का राजनीति में आना अपराध है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी बुजुर्ग माँ को डराने-धमकाने की कोशिश की और सोसायटी के गार्ड से भी उनके आने-जाने के बारे में पूछताछ कर माहौल बनाने की कोशिश की गई।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार को उनसे कोई समस्या है तो उन्हें सीधे बुलाया जाए या गिरफ्तार किया जाए, लेकिन उनके परिवार को परेशान करना गलत है। इस दौरान उन्होंने खुद को एक ऐसे व्यक्ति के रूप में पेश किया जो राजनीति में बदलाव लाने आया है, लेकिन अब उनके परिवार को इसका खामियाजा उठाना पड़ रहा है।

पुराने विवाद भी आए चर्चा में

अहम बात ये भी है कि गोपाल इटालिया पहले भी विवादों में रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री और दूसरे नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की थीं। संतों और कथाकारों के बारे में भी अश्लील बयान दिए थे।

ऐसे में उनके साफ राजनीति वाले दावे पर भी सवाल उठने लगे। गोपाल के आरोपों को आम आदमी पार्टी के समर्थकों ने तेजी से वायरल किया। पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने भी सोशल मीडिया के जरिए गुजरात पुलिस पर निशाना साधा और इसे राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बताया। माहौल ऐसा बनाया गया कि चुनाव से पहले विपक्षी नेताओं को डराने की कोशिश की जा रही है।

कुछ ही घंटों में सामने आई सच्चाई

लेकिन यह पूरा नैरेटिव ज्यादा देर तक नहीं टिक पाया। कुछ ही घंटों में पुलिस ने घटना की जानकारी दी। दरअसल, गोपाल इटालिया के खिलाफ 2020 में मेहसाणा में एक FIR दर्ज हुई थी, जो अभी अदालत में लंबित है।

कोर्ट के बार-बार समन भेजे जाने के बावजूद वह पेश नहीं हुए, तो अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया। ऐसे में पुलिस ने कोर्ट के ऑर्डर को मानते हुए उनको गिरफ्तार करने पहुँची थी।

पुलिस क्यों पहुँची थी घर?

पुलिस के अनुसार, गोपाल घर पर नहीं मिले, इसलिए उनकी माँ से सामान्य पूछताछ की गई। इसके बाद टीम ने रिकॉर्ड के लिए घर की तस्वीर ली और बिना किसी विवाद के वापस लौट गई।

पुलिस ने साफ कहा कि किसी को न तो धमकाया गया और न ही किसी तरह का दुर्व्यवहार किया गया। यह केवल कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा था।

वारंट की बात छुपाने पर सवाल

यहाँ सबसे बड़ा सवाल यही उठा कि गोपाल इटालिया ने अपने पोस्ट में यह नहीं बताया कि पुलिस वारंट लेकर आई थी। उन्होंने पूरे मामले को भावनात्मक रूप देकर एकतरफा कहानी पेश की, जिससे लोगों में सहानुभूति पैदा हो सके।

इस बीच सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप भी वायरल हो गई, जिसमें कथित तौर पर गोपाल इटालिया की आवाज सुनी गई। बातचीत में सामने वाला व्यक्ति जीतू कहता है कि पुलिस वारंट लेकर आ सकती है।

इस पर गोपाल जवाब देते हैं कि चिंता की बात नहीं है। वह स्थिति संभाल लेंगे। बाद में ऑडियो के सामने आने के बाद गोपाल इटालिया ने एक और वीडियो जारी किया और दावा किया कि यह AI से बनाया गया है और इसके पीछे हर्ष संघवी का हाथ है। आम आदमी पार्टी ने भी इसे फर्जी बताया।

हालाँकि, यहाँ एक महत्वपूर्ण सवाल उठता है कि अगर ऑडियो फर्जी है, तो इसकी फॉरेंसिक जाँच (FSL) की माँग क्यों नहीं की गई? ऐसा करने से सच्चाई सामने आ सकती थी। लेकिन खबर लिखे जाने तक ऐसी कोई माँग नहीं की गई।

(मूल रूप से ये रिपोर्ट गुजराती में लिखी हुई है। जिसको पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करे)

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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