Sunday, April 14, 2024
Homeराजनीति'राम-कृष्ण पूर्वज हैं तो इतिहास में क्यों नहीं पढ़ाया जाता' - AAP नेता की...

‘राम-कृष्ण पूर्वज हैं तो इतिहास में क्यों नहीं पढ़ाया जाता’ – AAP नेता की विवादित टिप्पणी

"राम और कृष्ण अगर पूर्वज हैं तो इतिहास में पढ़ाया क्यों नहीं जाता। पूर्वजों का कोई इतिहास होता है, जबकि इनका कोई प्रमाणिक इतिहास नहीं है। यह पौराणिक कथाएँ हैं, ऐतिहासिक नहीं।"

आम आदमी पार्टी के नेता राजेंद्र पाल गौतम ने भगवान राम और कृष्ण को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि राम और कृष्ण अगर पूर्वज हैं तो इतिहास में पढ़ाया क्यों नहीं जाता। पूर्वजों का कोई इतिहास होता है, जबकि इनका कोई प्रमाणिक इतिहास नहीं है। केजरीवाल सरकार में मंत्री राजेंद्र पाल इतने पर ही नहीं रुके। इसके आगे उन्होंने कहा कि यह पौराणिक कथाएँ हैं, ऐतिहासिक नहीं। जबकि पेरियार का दृष्टिकोण प्रमाणिकता और तार्किकता के आधार पर था। बता दें कि उन्होंने यह सवाल योगगुरु बाबा रामदेव के एक ट्वीट के जवाब में पूछा।

हालाँकि, आम आदमी पार्टी नेता राजेंद्र पाल गौतम ने अपना यह ट्वीट डिलीट कर दिया है, और एक अन्य ट्वीट करते हुए बताया कि किसी ने उनके ट्विटर हैंडल का दुरुपयोग या हैक किया और चुनाव के समय पार्टी (आप) को नुक़सान पहुँचाने के लिए धार्मिक प्रतीकों पर कुछ ट्वीट किया है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए सभी धर्म बराबर हैं, हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं।

इससे पहले एक ट्वीट में, योग गुरु रामदेव बाबा ने कहा था कि जो कोई भी अपने पूर्वजों भगवान राम और भगवान कृष्ण का सम्मान करेगा, वे उनका बचाव करेंगे। डॉ भीमराव अंबेडकर, ज्योतिबा फुले, सावित्रीबाई फुले और अन्य नेताओं का हवाला देते हुए उन्होंने कहा था कि वह उनका बहुत सम्मान करते हैं। लेकिन, प्रसिद्ध समाजवादी और ‘फादर ऑफ़ द द्रविड़ियन आंदोलन’ पेरियार की विचारधारा पौराणिक कथाओं के ख़िलाफ़ थी, जिससे कोई सहमत नहीं हो सकता।

जानकारी के अनुसार, पेरियार पर रामदेव बाबा के बयानों पर डीएमके प्रमुख एम के स्टालिन ने तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि वह ऐसी ताक़तों के ख़िलाफ़ द्रविड़ विचारधारा का बचाव करेंगे। तब रामदेव बाबा ने यह स्पष्ट किया कि उन्होंने प्रमुख दलित नेता बी आर अंबेडकर का अपमान नहीं किया बल्कि वो उनका सम्मान करते हैं।

वहीं, आप नेता राजेन्द्र पाल के बारे में बता दें कि वो केजरीवाल सरकार में समाज कल्याण, एससी/ एसटी, सहकारी गुरुद्वारा चुनाव मंत्रालय की ज़िम्मेदारी उठा चुके हैं। फ़िलहाल, वो दिल्ली की सीमापुरी विधानसभा से विधायक हैं। उनकी इस तरह की टिप्पणियाँ मुख्यमंत्री केजरीवाल के लिए एक नहीं बल्कि कई मुसीबतें खड़ी कर सकती हैं। 

दिल्ली में BJP के साथ है मुकाबला, कॉन्ग्रेस का तो कोई नहीं करता जिक्र: AAP नेता

‘दिल्ली में प्रदूषण 25% कम’- केजरीवाल के इस दावे को ग्रीन पीस ने किया ख़ारिज, कहा- AAP का विज्ञापन गलत

केजरीवाल सरकार कुछ कर नहीं सकती तो सत्ता में क्यों हैं?: AAP को SC ने लताड़ा

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

BJP की तीसरी बार ‘पूर्ण बहुमत की सरकार’: ‘राम मंदिर और मोदी की गारंटी’ सबसे बड़ा फैक्टर, पीएम का आभामंडल बरकार, सर्वे में कहीं...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में बीजेपी तीसरी बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाती दिख रही है। नए सर्वे में भी कुछ ऐसे ही आँकड़े निकलकर सामने आए हैं।

‘राष्ट्रपति आदिवासी हैं, इसलिए राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में नहीं बुलाया’: लोकसभा चुनाव 2024 में राहुल गाँधी ने फिर किया झूठा दावा

राष्ट्रपति मुर्मू को राम मंदिर ट्रस्ट का प्रतिनिधित्व करने वाले एक प्रतिनिधिमंडल ने अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया गया था।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe