Sunday, August 1, 2021
Homeराजनीति'गाजियाबाद वाली घटना को इंटरनेशनल मीडिया में फैला दो': 'जय श्री राम' वाले झूठ...

‘गाजियाबाद वाली घटना को इंटरनेशनल मीडिया में फैला दो’: ‘जय श्री राम’ वाले झूठ के प्रचार में लगी AAP की सोशल मीडिया टीम

पीड़ित अब्दुल समद की पिटाई वाले वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने वालों में फैक्ट-चेक का दावा करने वाले प्रोपेगंडा पोर्टल AltNews के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर का भी हाथ था।

गाजियाबाद में अब्दुल समद नामक एक बुजुर्ग की पिटाई और उसकी दाढ़ी काट लेने के मामले में जबरन ‘जय श्री राम’ जोड़ कर इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई, जबकि आरोपितों में मुस्लिम भी शामिल थे। आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं ने भी इसे बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया था। AAP की सोशल मीडिया टीम भी इस घटना को लेकर झूठ फैला रही है। टीम के एक सदस्य कपिल के ट्वीट से तो ऐसा ही लगता है।

दरअसल, पीड़ित अब्दुल समद की पिटाई वाले वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने वालों में फैक्ट-चेक का दावा करने वाले प्रोपेगंडा पोर्टल AltNews के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर का भी हाथ था। उसने इस वीडियो को पोस्ट कर के ‘जबरन जय श्री राम बुलवाने’ वाला झूठा नैरेटिव फैलाया। उसने दावा किया कि 5 गुंडों ने बन्दूक की नोंक पर डरा कर और धमकी देकर बुजुर्ग से ‘जय श्री राम’ कहलवाया।

AAP सोशल मीडिया टीम के कपिल ने इस वीडियो को कोट करते हुए सलाह दी कि अंतरराष्ट्रीय न्यूज़ एजेंसियों, राजनेताओं और एक्टिविस्ट्स को ज्यादा से ज्यादा टैग किया जाए, ताकि उन्हें बताया जा सके कि भारत में सत्ताधारी पार्टी के इशारे पर क्या हो रहा है। ये कॉन्ग्रेस के टूलकिट के भी अनुरूप है, जिसमें इंटरनेशनल मीडिया के जरिए देश और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बदनाम करने का खाका पेश किया गया था।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सूचना सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी ने इस ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, अरविंद केजरीवाल की टीम अपने एजेंटों से एक झूठी खबर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलाने की अपील कर रही है, ये कहते हुए कि दुनिया भर में छवि खराब करने के लिए अफवाह फैलाओ कि भारत में कितनी बुरे हालात हैं। ऐसे में गद्दार बोलो तो बुरा मान जाते हैं। ये ग़द्दारी है या नहीं केजरीवाल जी?

जबकि यूपी पुलिस की जाँच में ये घटना ताबीज के झगड़े के कारण होने की बात पता चली। खुलासा हुआ है कि सद्दाम के जीजा इंतज़ार ने अब्दुल समद को परवेश गुज्जर से मिलवाया था। इंतजार, अब्दुल समद का एजेंट के रूप में काम करता था। अपने बयान में सद्दाम ने बताया है कि अब्दुल समद के ताबीज़ से उसके बेटे पर भी बुरा असर हुआ था। उसके बेटे की भी तबीयत खराब हुई थी। अब्दुल समद तीन बार परवेश गुज्जर से मिल चुका था।

अपनी शिकायत में अब्दुल समद ने बताया था कि उसे ऑटो से अज्ञात लोग पकड़ कर ले गए थे, जिसके बाद मारपीट की गई थी। परवेश ने आदिल को बुलाया, फिर इंतजार को। इसके बाद वहाँ दस-बारह लड़के पहुँच गए थे। इनमें से कल्लू नाम के आरोपित ने बुजुर्ग की दाढ़ी काटी थी। सद्दाम ने बताया कि उस वक़्त वो भी वहाँ मौजूद था। पुलिस अब तक इस मामले में कुल 5 आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘ममता बनर्जी महान महिला’ – CPI(M) के दिवंगत नेता की बेटी ने लिखा लेख, ‘शर्मिंदा’ पार्टी करेगी कार्रवाई

माकपा नेताओं ने कहा ​कि ममता बनर्जी पर अजंता बिस्वास का लेख छपने के बाद से वे लोग बेहद शर्मिंदा महसूस कर रहे हैं।

‘मस्जिद के सामने जुलूस निकलेगा, बाजा भी बजेगा’: जानिए कैसे बाल गंगाधर तिलक ने मुस्लिम दंगाइयों को सिखाया था सबक

हिन्दू-मुस्लिम दंगे 19वीं शताब्दी के अंत तक महाराष्ट्र में एकदम आम हो गए थे। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक इससे कैसे निपटे, आइए बताते हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
112,404FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe