Tuesday, June 18, 2024
HomeराजनीतिRaGa के सिर फिर चढ़ी 'गर्मी' कहा, 'कमलछाप चौकीदार...' - लोगों ने कमजोरी-कबूतर शब्द...

RaGa के सिर फिर चढ़ी ‘गर्मी’ कहा, ‘कमलछाप चौकीदार…’ – लोगों ने कमजोरी-कबूतर शब्द फेंक कर मारा

राहुल गाँधी अगर चाहें भी तो भी वो पीएम मोदी को बेवजह घेरने से बाज नहीं आएँगे। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि उनके पास कोई दूसरा चारा या बहाना ही नहीं है जिसके दम पर वो...

चुनावी दौर के बीच सियासी घमासान की रफ़्तार ज़ोरों पर है। आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने अपने ट्विटर हैंडल से पीएम मोदी के ख़िलाफ़ फिर से निशाना साधा है। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा कि 23 मई को जनता की अदालत में फैसला होकर रहेगा कि कमलछाप चौकीदार ही चोर है। साथ ही चौकीदार को सज़ा मिलेगी जैसी बात भी लिखी।

‘चौकीदार चोर है’ की टिप्पणी के लिए 10 अप्रैल को भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने राहुल गाँधी के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की थी। इस याचिका पर कार्रवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गाँधी को नोटिस जारी कर 22 अप्रैल तक जवाब देने को कहा था।

सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के जवाब में राहुल गाँधी ने आज जो हलफ़नामा दाखिल किया उसमें उन्होंने अपनी टिप्पणी के लिए चुनावी जोश यानी चुनावी गर्मी को इसका कारण बताया। राहुल ने अपने हलफ़नामे में यह भी स्पष्ट किया वो भविष्य में कोर्ट का हवाला देकर ऐसा कुछ नहीं कहेंगे जो कोर्ट ने न कहा हो।

कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी का यह चेहरा समझ से परे है, वो स्वांग रचने में माहिर हैं। एक तरफ तो कोर्ट में वो अपनी ग़लती के लिए हाथ जोड़कर माफ़ी माँगने का स्वांग रचते दिखते हैं, तो दूसरे ही पल कोर्ट से बाहर आते ही फिर से अपना वही हमलावर रुख़ अख़्तियार करते हैं। अपने माफ़ीनामे के बाद भी आदतन पीएम मोदी को आड़े हाथों लेना उनकी कुंठित मानसिकता और हताशा को दर्शाता है।

जनता को बरगलाने के लिए राहुल गाँधी जिन ज़ुबानी अल्फ़ाज़ों का इस्तेमाल करते हैं वो सब धरे के धरे ही रह जाते हैं, जब सोशल मीडिया पर यूज़र्स उन्हें आईना दिखाते हैं।

एक यूज़र ने तो यह तक लिख दिया कि राहुल जी, अब आपके पास बोलने को बचा क्या है?

एक अन्य यूज़र ने अपने ट्वीट में लिखा कि कमलछाप का तो पता नहीं लेकिन 281 करोड़ रुपए वाला कमलनाथ जरूर चोर है, और जिसको 20 करोड़ रुपए पहुँचे वो भी !!!

राहुल गाँधी अगर चाहें भी तो भी वो पीएम मोदी को बेवजह घेरने से बाज नहीं आएँगे। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि उनके पास कोई दूसरा चारा या बहाना ही नहीं है जिसके दम पर वो अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेंक सकें। अब वो इसे अगर चुनावी गर्मी का नाम देना चाहते हैं तो यह उनका भ्रम है, जिसमें वो बने रहना चाहते हैं।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

BJP की एक महिला नेता की हार के बाद 4 लोगों ने की आत्महत्या, पीड़ित परिवार से मिल खुद भी फूट-फूटकर रोईं: देखिए Video,...

बीजेपी नेता पंकजा मुंडे की लोकसभा चुनाव 2024 में नजदीकी हार से परेशान कम से कम 4 कार्यकर्ता अपनी जान दे चुके हैं।

‘यहीं काटेंगे बकरा… जो करना है कर लो’ : मुंबई के मीरा रोड की सोसायटी में बकरीद पर हंगामा, कुर्बानी का विरोध करने पर...

मुंबई के मीरा रोड इलाके में एक सोसाइटी के अंदर मुस्लिम पक्ष के लोग बकरों की कुर्बानी देने पर आमादा हो गए। इस दौरान उन्होंने हिन्दुओं के देवताओं को भी गाली दी।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -