Homeराजनीतिजिस गुंडे के कुत्ते से हाथ मिला गदगद होते थे अखिलेश यादव के 'अब्बा',...

जिस गुंडे के कुत्ते से हाथ मिला गदगद होते थे अखिलेश यादव के ‘अब्बा’, धुरंधर-2 में उससे मिलते-जुलते किरदार को देख सपा प्रमुख भड़के

फिल्म 'धुरंधर द रिवेंज' को लेकर अखिलेश यादव समेत पूरी समाजवादी पार्टी केन्द्र सरकार पर आरोप लगा रही है। इसे प्रोपेगेंडा करार दे रही है। लेकिन आर्टिकल 15 और फायर जैसी फिल्मों पर इनकी जुबान नहीं खुलती, जिसमें ब्राह्मणों और हिन्दुओं को बदनाम किया गया है।

‘धुरंधर द रिवेंज’ ने सिनेमाघरों में कामयाबी के झंडे गाड़ दिए हैं। इसमें 7-9 मिनट का किरदार अतीफ अहमद नाम के शख्स का है, जो यूपी का माफिया है और इलाहाबाद से ताल्लुक रखता है।

पाकिस्तान के आईएसआई चीफ से उसका सीधा कनेक्शन है। पंजाब में ड्रोन से गिराए गए अवैध हथियारों को लोकल गैंग के सहारे उस तक पहुँचता है। उसके लश्कर ए तैयबा से संबंध हैं। देश में जाली नोट पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते भारत आता है। इसमें वह शामिल है। यूपी की राजनीति में उसका दखल है। कुल मिलाकर राजनीति से लेकर माफिया तंत्र तक वह हावी है।

अखिलेश यादव ने जताया विरोध

इस किरदार को एसपी के सांसद रहे माफिया अतीक अहमद से जोड़ा जा रहा है। इसको लेकर समाजवादी पार्टी आग बबूला है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि सरकार ऐसी फिल्में बनाने में पैसे खर्च कर रही है और विपक्ष को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, तभी तो फिल्म के रिलीज पर भी पैसे बहाए जा रहे हैं।

वहीं समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि किसी मृत व्यक्ति पर टिप्पणी करना ठीक नहीं है। सरकार असल मुद्दों से आम जनता का ध्यान भटकाने के लिए प्रोपेगेंडा फैला रही है। वहीं एसपी विधायक अबू आजमी ने कहा है कि उनकी पार्टी के किसी सांसद का आईएसआई से कभी संबंध नहीं हो सकता।

मुस्लिमों के खिलाफ नफरत फैलाना मकसद- अबू आजमी

फिल्म पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अबू आजमी ने कहा कि फिल्म का मकसद मुस्लिमों के खिलाफ नफरत फैलाना है।

समाजवादी पार्टी के नेता पूर्व सांसद एसटी हसन का कहना है कि अतीक के मामले में किसी भारतीय जाँच एजेंसी ने आईएसआई कनेक्शन का खुलासा नहीं किया था। लेकिन फिल्म में अतीफ अहमद के नाम के किरदार का कनेक्शन दिखाया गया है। जबकि हकीकत ये है कि अतीक अहमद का कनेक्शन आईएसआई के साथ-साथ जम्मू कश्मीर के आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा से था। अतीक अहमद के ISI से सीधे जुड़ाव को दिखाए जाने पर अगर समाजवादी पार्टी के नेता अतीक अहमद की पैरवी कर रहे हैं, तो ये काफी शर्म की बात है।

दरअसल इस फिल्म में जिस तरह से अतीफ अहमद का किरदार दिखाया गया है, वह माफिया डॉन अतीक अहमद से मिलता है। अतीक अहमद का पाकिस्तानी कनेक्शन था। ये पुलिस के चार्जशीट से भी साबित होता है।

उसकी हत्या से कुछ दिनों पहले प्रयागराज पुलिस ने अप्रैल 2023 में उमेश पाल हत्याकांड का चार्जशीट दाखिल किया था। इसमें अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद को हथियार तस्करी का भी आरोपी बनाया गया था।

चार्जशीट के मुताबिक, उसके आईएसआई और लश्कर ए तैयबा से सीधे संबंध थे। आईएसआई के एजेंट से फोन पर बात होती थी। पंजाब में पाकिस्तान से हथियार ड्रोन के माध्यम से गिराए जाते थे। कोई लोकल एजेंट इसे उठाता था और अतीक अहमद गैंग तक पहुँचाता था। लश्कर ए तैयबा और दूसरे आतंकियों को भी ये हथियार सप्लाई किए जाते थे।

अतीक के कुत्ते से मुलायम सिंह यादव ने हाथ मिलाए थे

राजनीतिक गलियारों में एक फोटो काफी चर्चित हुआ था, जिसमें एसपी नेता मुलायम सिंह यादव जब अतीक अहमद के घर गए थे, तो उन्होंने अती अहमद के कुत्ते ब्रूनों से हाथ मिलाई थी। अतीक के घर पर 5 कुत्ते थे, जो उसके घर की रखवाली करते थे।

समाजवादी पार्टी का नेता होने की वजह से अतीक अहमद के आईएसआई कनेक्शन को लेकर एसपी विरोध जता रही है। उसे ‘धुरंधर 2’ फिल्म में एक किरदार पर इतनी दिक्कत है, लेकिन वही समाजवादी पार्टी और उसके नेता दूसरी फिल्मों में जब किसी जाति या धर्म को बदनाम किया जाता है, तो चुप्पी साध लेते हैं।

याद कीजिए फिल्म ‘आर्टिकल 15’ को, जिसमें कथित तौर पर बदायूँ दुष्कर्म और हत्या को दिखाया गया था। इस फिल्म में आरोपियों को ‘ब्राह्मण’ दिखाने की कोशिश की गई। फिल्म में उनलोगों को ‘पंडित, पंडित’ कहा जा रहा था। इस पर अखिलेश यादव या समाजवादी पार्टी के किसी नेता की मुँह नहीं खुली।

ऐसी न जाने कितनी फिल्में हैं जिसके माध्यम से हिन्दू धर्म को बदनाम करने की कोशिश की गई। फिल्मों में ‘पुजारी’ से सारे कुकर्म कराए जाते हैं। इसको लेकर समाजवादी पार्टी ने कभी एतराज नहीं जताया। याद कीजिए समलैंगिक संबंधों पर आधारित फिल्म फायर में किरदार का नाम सीता और गीता था। क्या ये हिन्दू धर्म को बदनाम करने की कोशिश नहीं थी।

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रुपम
रुपम
रुपम के पास 20 साल से ज्यादा का पत्रकारिता का अनुभव है। जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा। जी न्यूज से टेलीविज़न न्यूज चैनल में कामकाज की शुरुआत। सहारा न्यूज नेटवर्क के प्रादेशिक और नेशनल चैनल में टेलीविज़न की बारीकियाँ सीखीं। सहारा प्रोग्रामिंग टीम का हिस्सा बनकर सोशल मुद्दों पर कई पुरस्कार प्राप्त डॉक्यूमेंट्री का निर्माण किया। एडिटरजी डिजिटल हिन्दी चैनल में न्यूज एडिटर के तौर पर काम किया।

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