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राहुल गाँधी की सांसदी में हुआ टॉयलेट घोटाला, स्मृति ईरानी पर इल्जाम लगा कॉन्ग्रेस खुद बुरे फँसी

कॉन्ग्रेस ने स्मृति ईरानी पर टॉयलेट घोटाले का आरोप तो लगा दिया लेकिन खबर ढंग से पढ़ना भूल गए। खबर पढ़ते तो पता चलता कि इससे संबंधित शिकायत 2018-2019 का है। यानी तब जब राहुल गाँधी अमेठी के सांसद हुआ करते थे। तभी टायलेट बनाने के लिए...

कॉन्ग्रेस पार्टी इन दिनों ट्विटर के जरिए केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की छवि को धूमिल करने में प्रयासरत है। हालाँकि, ये बात और है कि ऐसी कोशिशों के दौरान उनकी स्वयं की मंशा पर सवाल उठने लगे हैं। 

जानकारी के अनुसार, कॉन्ग्रेस ने स्मृति इरानी पर टॉयलेट स्कैम का आरोप मढ़ा है। इस संबंध में उन्होंने कल अपने आधिकारिक अकॉउंट से एक ट्वीट करते हुए दावा किया कि अमेठी में शौचालय निर्माण भ्रष्टाचार के साथ किया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश कॉन्ग्रेस सेवादल ने अपने ट्वीट में लिखा, “स्मृति इरानी जी यह शौचालय का घोटाला अंताक्षरी के बीच में हुआ है या उससे पहले? इस घोटाले से जाहिर है कि अमेठी के लोग शौच के लिए खेतों का इस्तेमाल कर रहे होंगे।” 

इस ट्वीट को पार्टी ने एक लेख के साथ शेयर किया। मगर, कॉन्ग्रेस के ऐसे दावे देखकर लगता है जैसे उन्होंने स्वयं इस आर्टिकल को एक बार ढंग से पढ़ना मुनासिब नहीं समझा। जिसकी वजह से शायद उन्हें ये नहीं पता चल पाया कि आरोपित मुख्यत: कौन है? उन्होंने बस घोटाले के बारे में पढ़ा और उसे स्मृति इरानी से जोड़ दिया।

अब आखिर सच्चाई क्या है? कॉन्ग्रेस के ट्विटर हैंडल से शेयर किए गए आर्टिकल के अनुसार अमेठी के विकास खंड भादर के एक गाँव के प्रधान ने करोड़ों रुपए का घोटाला किया। इसमें यह भी लिखा है कि यह मामला प्रकाश में उस समय आया जब ग्रामीणों ने इस संबंध में जिलाधिकारी अरुण कुमार के पास हलफनामा दायर करते हुए मामले में जाँच की माँग की।

आर्टिकल के अनुसार, “मोचवा गाँव के ग्राम प्रधान ने शौचालय निर्माण में जमकर गोलमोल किया। यही नहीं, अपात्र लोगों का नाम कई बार सूची में शामिल किया गया तथा कई पति पत्नी के नाम पर शौचालय बना दिखाकर पैसा निकाल लिया गया।  शिकायत पत्रों के अनुसार, जिला पंचायत राज विभाग की तरफ से गाँव में वित्तीय वर्ष 2018 में 1920 और 2019 में 240 शौचालय निर्माण का लक्ष्य दिया गया था। इसमें कई शौचालयों का निर्माण तक नहीं हुआ और जो हुआ भी, वह मानक के विपरीत है।”

अब इसी मामले को कॉन्ग्रेस ने भाजपा केंद्रीय मंत्री पर मढ़ा है और ये जताने की कोशिश की है कि उनके राज में यह सब हुआ। लेकिन यदि शिकायतकर्ताओं की शिकायत का समय देखें, तो वह 2018-2019 का है। यानी जब राहुल गाँधी अमेठी के सांसद हुआ करते थे और वहाँ होने वाले हर प्रकार के विकास कार्य के लिए जिम्मेदार थे।

गौरतलब है कि पिछले वर्ष मई माह में हुए लोकसभा चुनाव में स्मृति इरानी ने कॉन्ग्रेस का गढ़ कहे जाने वाले अमेठी में राहुल गाँधी को हराकर वो सीट अपने नाम की थी। इसलिए, शौचालय स्कैम के नाम पर, इस तरह के निराधार आरोप केंद्रीय मंत्री के अपमान से अतिरिक्त कुछ नहीं हैं। अगर कॉन्ग्रेस सेवादल वाकई ग्रामीणों की भलाई चाहता है तो उन्हें राहुल गाँधी से प्रश्न करना चाहिए कि उनकी नाक के नीचे ऐसे कितने स्कैम हुए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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