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‘मस्जिद तोड़ कर बनाए गए मंदिर में मेरा राम नहीं बस सकता’: अयोध्या पहुँचे केजरीवाल तो लोगों ने याद दिलाई ‘नानी’

"जब बाबरी मंदिर का ध्वंस हुआ तब मैंने अपनी नानी से पूछा कि नानी आप तो अब बहुत खुश होंगी? अब तो आपके भगवान राम का मंदिर बनेगा। नानी ने जवाब दिया - ना बेटा, मेरा राम किसी की मस्जिद तोड़ कर ऐसे मंदिर में नहीं बस सकता।"

अब तक राम मंदिर को कोसते आए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अयोध्या जाकर रामलला का दर्शन किया। इस दौरान AAP सुप्रीमो ने सरयू आरती में भी हिंसा लिया। साथ ही उन्होंने लोगों को अयोध्या के मुफ्त में दर्शन कराने का भी वादा किया। नए-नए ‘रामभक्त’ बने अरविंद केजरीवाल ने हनुमानगढ़ी में हनुमान जी का भी दर्शन किया और अयोध्या को ‘श्री राम की पवित्र जन्मस्थली’ बताया।

लेकिन, क्या आपको पता है कि इससे पहले अरविंद केजरीवाल राम मंदिर को लेकर क्या-क्या कहते आए हैं? भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें अयोध्या और राम मंदिर को लेकर अरविंद केजरीवाल के पुराने बयान दिखाए गए हैं। दिल्ली में उनकी सरकार ने मुल्ले-मौलवियों के वेतन में इजाफा किया है और उनकी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान अक्सर इस्लामी कट्टरपंथी बयान देते रहते हैं।

अरविंद केजरीवाल ने एक रैली में कहा था, “जब बाबरी मंदिर का ध्वंस हुआ तब मैंने अपनी नानी से पूछा कि नानी आप तो अब बहुत खुश होंगी? अब तो आपके भगवान राम का मंदिर बनेगा। नानी ने जवाब दिया – ना बेटा, मेरा राम किसी की मस्जिद तोड़ कर ऐसे मंदिर में नहीं बस सकता।” केजरीवाल ने मार्च 2014 में ये बयान दिया था। एक अन्य बयान में उन्होंने ‘मंदिर वहीं बनाएँगे, पर तारीख़ नहीं बताएँगे’ वाले नैरेटिव को आगे बढ़ाया था।

अरविंद केजरीवाल ने तब कहा था, “अब ये बार-बार भाजपा ने भी कहना चालू कर दिया है कि मंदिर वहीं बनाएँगे, मंदिर वहीं बनाएँगे। हम पूछते हैं कि कब बनाओगे? तो वो जवाब देते हैं कि तारीख़ नहीं बताएँगे। लेकिन, हर 5 साल बाद कहते हैं कि मंदिर वहीं बनाएँगे।” वहीं 2018 में उन्होंने कहा था कि अगर प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने ‘स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया’ की जगह मंदिर बनाया होता तो देश का विकास नहीं होता।

वहीं दिल्ली के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा, “अयोध्या में राम लला के मंदिर में आज केजरीवाल को सिर झुकाना पड़ रहा है। ये नमन केवल रामलला को नहीं , 6 दिसम्बर 1992 के घटनाक्रम, कारसेवकों के पराक्रम को नमन है। ये हनुमान जैसे कारसेवकों का पराक्रम है कि आज के कालनेमि और मारीच भी राम-नाम जप रहे है।” दिल्ली भाजपा के उपाध्यक्ष अशोक गोयल ने कहा कि केजरीवाल की राजनीति से गिरगिट को भी शर्म आ जाए।

वहीं दिल्ली भाजपा ने तंज कसा, “बाबरी के समर्थक, श्री राम मंदिर के विरोधी, दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल अब चुनावों के चलते भगवान श्री रामलला के दर्शन करने अयोध्या जी जाने पर मजबूर हैं। केजरीवाल जी, सच में आप दोहरे चरित्र के धनी हैं।” कई लोगों ने दीवाली पर दिल्ली में पटाखों को प्रतिबंधित किए जाने के उनके फैसले की याद दिलाई। लोगों ने याद दिलाया कि यही AAP अयोध्या में राम मंदिर की जगह स्कूल और अस्पताल की बातें कर रही थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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