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शाहजहाँ शेख के गैंग ने रेखा पात्रा को ही नहीं किया टॉर्चर, TMC के गुंडों ने पति को भी इतना पीटा कि बंगाल छोड़ चले गए: संदेशखाली की ‘आवाज’ ने बच्चों को रिश्तेदारों के घर भेजा

रेखा ने बताया कि संदेशखाली में सिर्फ उन्होंने प्रताड़ना नहीं झेली। अन्य महिलाओं के संग उनके पति को भी यातना दी गई थी। अब जब वो लौट आए हैं तो सुरक्षा के चलते फिलहाल एक हफ्ते से अज्ञात स्थान पर हैं। वहीं उनका अपना भाजपा कार्यकर्ताओं से भरा रहता है।

बंगाल के बशीरहाट से भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार रेखा पात्रा इन दिनों खूब चर्चा में हैं। जगह-जगह उनके इंटरव्यू और बयान प्रकाशित हो रहे हैं। हाल में उन्होंने एक समाचार पत्र को बताया कि उनकी तैयारियाँ चुनाव के लिए कैसी चल रही है, कौन-कौन उनके साथ जुड़ा है और उनके यहाँ इस समय माहौल क्या है।

जनसत्ता की रिपोर्ट के अनुसार, रेखा पात्रा ने बताया है कि चुनाव में गाँव की माताएँ-बहनें उनके साथ खड़ी हैं। माहौल देखते हुए उन्होंने अपनी बेटियों को रिश्तेदार के घर भेज दिया है। वहीं उनके पति जो तृणमूल कॉन्ग्रेस के गुंडों के कारण तमिलनाडु मजदूरी करने चले गए थे वो भी प्रचार में उनकी मदद करने बंगाल लौट आए हैं, लेकिन सुरक्षा के चलते एक हफ्ते से अज्ञात स्थान पर हैं। वहीं उनका अपना घर रिश्तेदारों और भाजपा कार्यकर्ताओं से खचाखच भरा रहता है।

रेखा की बातों से लगता है कि उन्होंने शत-प्रतिशत देते हुए चुनाव प्रचार की शुरुआत कर दी है। वह अपने समर्थकों के साथ छोटे टोटो में बैठकर गाँव-गाँव के चक्कर लगाती हैं। वह बताती हैं कि इससे पहले वो अपना घर चलाने के लिए दूसरों के घर जाती थीं, तब हमेशा मन में डर रहता था। लेकिन अब गाँव-गाँव जाकर मिलने में भी उन्हें कोई डर नहीं लगता। जहाँ मंदिर मिलता है वह वहाँ रुककर प्रार्थना करती हैं और आगे बढ़ती हैं।

रेखा कहती हैं कि ये चुनाव में अगर वो खड़ी हुई हैं तो वो संदेशखाली की हर उस महिला पीड़िता का प्रतिनिधित्व कर रही हैं जिन पर सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कॉन्ग्रेस के गुंडो ने हमला किया। उन्होंने कहा कि संदेशखाली की महिलाएँ उनके साथ इस चुनाव में हैं, जिन्हें देख उन्हें आत्मविश्वास मिलता है।

रेखा ने बताया कि तृणमूल कॉन्ग्रेस ने सिर्फ महिलाओं को ही प्रताड़ित नहीं किया बल्कि उनके पति को भी कई बार यातना झेलनी पड़ी। टीएमसी के गुंडों ने उन्हें दो बार पीटा था जिसके बाद वो तमिलनाडु चले गए थे मगर अब दोबारा वो उनका साथ देने के लिए लौट आए हैं।

बता दें कि भाजपा की उम्मीदवार घोषित होने के बाद रेखा इस समय महिला समर्थकों के साथ संदेशखाली के चक्कर लगा रही हैं। उन्हें उम्मीद है कि संदेशखाली की पीड़िताओं की आवाज का साथ पूरा बशीरहाट देगा। पिछले दिनों पीएम मोदी ने भी उन्हें कॉल करके हिम्मत दी थी। उन्होंने रेखा पात्रा को ‘शक्ति स्वरूपा’ बताया था और कहा था कि वो बस प्रचार करें वो चुनाव में जरूर अच्छा करेंगी और उसे जीतेंगी भी। वहीं रेखा पात्रा ने भी पीएम मोदी का आभार व्यक्त किया था। भाजपा प्रत्याशी कहती हैं कि जब मीडिया उनसे कोई बात पूछता है कि वो कुछ बोलें तो उनके पास शब्द तक नहीं होते, लेकिन वो फिर भी सकारात्मक हैं क्योंकि उनकी संदेशखाली की माताएँ-बहनें उनके साथ होती हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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