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न्यूड वीडियो कॉल कर साध्वी प्रज्ञा को फँसाने की साजिश, राजस्थान से धरे गए रवीन और वरिस: कम पढ़े-लिखे, पर साइबर क्राइम में एक्सपर्ट

दोनों ने भले ही पढ़ाई ठीक से न की हो, लेकिन साइबर क्राइम के मामलों को अंजाम देते रहे हैं। उन्हें ठगी करते समय इसका अंदाज़ा नहीं था कि किसके साथ वो इस तरह की हरकत कर रहे हैं।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से सांसद भाजपा नेता साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को ब्लैकमेल करने की कोशिश करने वाले दो आरोपितों को राजस्थान के भरतपुर से गिरफ्तार किया गया है। इन दोनों युवकों ने भाजपा सांसद को ‘सेक्सटॉरशन’ के जाल में फँसा कर वसूली की साजिश रची थी। मध्य प्रदेश पुलिस ने भरतपुर के सिकरी में छापेमारी कर के इन्हें दबोचने में सफलता पाई। दोनों सगे भाई हैं। उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर भोपाल लाया गया है। राजस्थान में हाल के दिनों में अपराध के कई मामले देखने को मिले हैं।

भरतपुर के IG प्रसन्न कुमार खमेसरा के अनुसार, ये मामला साइबर क्राइम का था और दोनों को गिरफ्तार कर के एमपी पुलिस को सौंप दिया गया है। भोपाल के टीटी नगर में एक सप्ताह से भी पहले इस मामले में FIR दर्ज कराई गई है। 23 वर्षीय रवीं और 21 वर्षीय वरिस सालों से ठगी के धंधे में लिप्त हैं। दोनों ने भले ही पढ़ाई ठीक से न की हो, लेकिन साइबर क्राइम के मामलों को अंजाम देते रहे हैं। उन्हें ठगी करते समय इसका अंदाज़ा नहीं था कि किसके साथ वो इस तरह की हरकत कर रहे हैं।

ये दोनों गाँव में खेती-बाड़ी भी करते हैं। ये घटना 6 फरवरी, 2022 की है जब साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के मोबाइल फोन पर एक वीडियो कॉल आया। उससे पहले उन्हें व्हाट्सएप्प पर मैसेज आया था, “हैली, मुझे आपसे बात करनी है।” इस पर सांसद ने समझा कि ये उनके क्षेत्र की कोई लड़की है और किसी समस्या पर बात करना चाहती है। उन्होंने उसे ‘बेटा’ कह कर सम्बोधित किया और अपना पूरा परिचय लिख कर भेजने को कहा। लेकिन, उधर से वीडियो कॉल आ गया और लड़की अपने कपड़े उतारने लगी।

सांसद ने जल्दी-जल्दी में वीडियो कॉल काट कर उस नंबर को ब्लॉक किया। इसके बाद उन्हें दूसरे नंबर से एक फोटो भेजी गई। उस तस्वीर में उस वीडियो कॉल का स्क्रीनशॉट था। धमकी दी गई कि इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा। रात के ढाई बजे तक उन्हें फोन कॉल आते रहे, लेकिन उन्होंने इसे रिसीव नहीं किया। 7 फरवरी को मामला दर्ज कराए जाने के बाद उन नंबरों को भोपाल पुलिस ने ट्रेस किया। मूवमेंट की जानकारी मिलते ही पुलिस एक्टिव हो गई।

सोमवार (14 फरवरी, 2022) को भोपाल सब इंस्पेक्टर देवेंद्र साहू अपनी टीम के साथ सिकरी थाने पहुँचे और उनके लोकेशन ट्रेस कर के ‘चंदा का बास बनेगी’ गाँव से उन्हें धर-दबोचा गया। दोपहर के तीन बजे रवीन और वरिस को दबोचा गया। साध्वी प्रज्ञा हाल ही में कोरोना पॉजिटिव हो गई थीं और अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद 5 फरवरी से अपने आवास पर ही स्वास्थ्य लाभ ले रही थीं। इसी दौरान इन युवकों ने उन्हें फँसाने की साजिश रची। अब दोनों पर कार्रवाई की जा रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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