भोपाल से प्रज्ञा की जीत, बेगूसराय से कन्हैया की हार और अमेठी में स्थिति संदिग्ध: एग्जिट पोल्स

टुकड़े-टुकड़े गैंग के सरगना कन्हैया के प्रचार के लिए भले ही बुर्क़ा डिफ़ेंडर जावेद अख़्तर से लेकर, भाड़े की प्रोटेस्टर शेहला रशीद और स्वघोषित फ्रीलान्स कलाकार-विचारक स्वरा भाष्कर तक बेगूसराय आए, लेकिन, एग्जिट पोल्स की मानें तो कन्हैया तीसरे स्थान पर ही आ जाएँ, वही बहुत होगा।

बीते कुछ घंटों में एक के बाद एग्जिट पोल के मुताबिक़ भाजपा समर्थित राजग को पूर्ण बहुमत मिलने के आसार हैं। लोकसभा चुनाव 2019 कई मायनों में ऐतिहासिक है, लगभग 50 सालों में यह ऐसा पहला चुनाव होगा जहाँ किसी प्रधानमंत्री को लगातार दूसरी बार पूर्ण बहुमत मिला हो।

साथ ही, ‘हिन्दू टेरर’ के कलंक से कलंकित और कॉन्ग्रेस की तुष्टीकरण एवम् साम्प्रदायिक नीतियों का शिकार बनी साध्वी प्रज्ञा के भोपाल से प्रत्याशी होने को भाजपा द्वारा लगातार प्रखर समर्थन देने के कारण भी यह चुनाव चर्चा में रहा। अगर एग्जिट पोल्स पर नजर दौराएँ तो लगभग सारे ही एग्जिट पोलों में साध्वी प्रज्ञा भाजपा के लिए भोपाल की सीट जीतती दिखती हैं।

इसके अलावा, ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ के सरगना और नक्सली आतंकियों को शहीद बताने वाले, लिंग लहरा कर लड़कियों को धमकाने वाले वामपंथी कामरेड कन्हैया के कारण भी यह चुनाव गहमागहमी से भरा रहा। राष्ट्रकवि दिनकर की पावन धरती बेगूसराय पर बुर्क़ा डिफ़ेंडर जावेद अख़्तर से लेकर, भाड़े की प्रोटेस्टर शेहला रशीद और स्वघोषित फ्रीलान्स कलाकार-विचारक स्वरा भाष्कर तक के पैर पड़े। लेकिन, एग्जिट पोल्स की मानें तो कन्हैया तीसरे स्थान पर ही आ जाएँ, वही इनके लिए एक सांत्वना वाली बात होगी।

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अमेठी की सीट भी इस बार चर्चित रही क्योंकि स्मृति ईरानी ने अपने लगातार किए गए प्रयासों के कारण राहुल गाँधी को ‘सेफ़ सीट’ वायनाड का रुख़ करा दिया। एग्जिट पोल्स में इस सीट पर कोई साफ आकलन नहीं है। कुछ जगहों पर भाजपा को जीतता बताया गया है, और कहीं-कहीं भाजपा-कॉन्ग्रेस में कड़ी टक्कर है। कुल मिला कर यहाँ की स्थिति संदिग्ध बनी हुई है।

10 में से 7 ने दिए भाजपा समर्थित राजग को 300+ सीटें

अगर सभी एग्जिट पोल्स पर नज़र डालें तो पता चलता है कि भाजपा के नेतृत्व वाली राजग गठबंधन को आसान बहुमत मिलती दिख रही है। नीचे हमने सभी एग्जिट पोल्स की जो सूची तैयार की है, उनमें से अगर एक को छोड़ दिया जाए तो बाकी सभी में एनडीए स्पष्ट बहुमत की ओर जाता दिख रहा है। अर्थात, जनता ने जोड़-तोड़ वाली सरकार को नकार कर सभी संभावनाओं पर विराम लगा दिया है।

इन एग्जिट पोल्स की मानें तो, न तो कॉन्ग्रेस के समर्थन से कोई सरकार बन सकती है और न ही विपक्षी एकता से कोई खिचड़ी सरकार खड़ी हो सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दूसरे कार्यकाल के लिए तैयार हैं।

नीचे सूचीबद्ध की गई 10 मीडिया एजेंसियों में से 7 ने राजग को 300 से अधिक सीटें दी है, जो 272 के जादुई आँकड़े से ज्यादा है।

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