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अनुसूचित जाति की महिला MLA से कॉन्ग्रेसी भूपिंदर हुड्डा ने खिंचवाया ट्रैक्टर, खुद बैठे रहे सीट पर: सदन में रो पड़े CM खट्टर

"अगर महिलाओं को लगता है कि उन पर दबाव बना कर ये सब करवाया गया, तो वो हमारे पास आ सकती हैं। ट्रैक्टर पर बैठे व्यक्ति को सोचना चाहिए कि ऐसा नहीं किया जाना चाहिए था। अगर हमारे पास कोई शिकायत आती है तो हम कार्रवाई करेंगे।"

हरियाणा में ‘किसान आंदोलन’ को मुद्दा बना कर सरकार गिराने के सपने देख रही कॉन्ग्रेस पार्टी को न सिर्फ सदन में झटका लगा, बल्कि अब एक नया विवाद भी शुरू हो गया है। बुधवार (मार्च 10, 2021) को सदन में आए अविश्वास प्रस्ताव को गिराने के लिए सरकार को 45 विधायकों का समर्थन चाहिए था। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की सरकार के पक्ष में 55 वोट पड़े। अब भूपिंदर हुड्डा द्वारा महिलाओं से ट्रैक्टर खिंचवाने का मामला सामने आया है, जिससे NCW नाराज़ है।

इस पर बात करते हुए भावुक सीएम खट्टर ने सदन में कहा, “बहुत भारी मन से एक विषय को उठाना चाहता हूँ। सारी रात नींद नहीं आई मुझे। कल महिला दिवस था। पूरे देश-दुनिया ने महिला दिवस बहुत अच्छी तरह से मनाया। विधानसभा में भी पूरे सत्र का संचालन महिला विधायकों ने किया। लेकिन, यहाँ से जाने के बाद जब मैं टीवी देखता हूँ तो एक भौंडा दृश्य देखने को मिला। महिलाओं के साथ बंधुआ मजदूरों से भी ज्यादा बुरा व्यवहार हुआ।”

दरअसल, सीएम खट्टर उस विरोध प्रदर्शन की बात कर रहे थे, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री व कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा ट्रैक्टर पर बैठे हुए थे और कुछ लोग उस ट्रैक्टर को खींच रहे थे। इस दौरान एक महिला विधायक भी ट्रैक्टर को खींचने में शामिल थीं। सीएम खट्टर ने कहा कि हमारी बहनों से उस ट्रैक्टर को खिंचवाया गया। बता दें कि सीएम खट्टर रोहतक के कलानौर से विधायक शंकुन्तला खटक की बात कर रहे थे।

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अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित विधानसभा क्षेत्र से विधायक खटक तीसरी बार जीत कर विधानसभा पहुँची हैं। मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा कि टीवी पर ये पूरा दृश्य चला है। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर कॉन्ग्रेस नेता हुड्डा को प्रदर्शन करना ही था तो वो महिलाओं को ऊपर बिठाते और खुद नीचे आकर ट्रैक्टर खींचते। बकौल खट्टर, तब उन्हें विरोध प्रदर्शन का मजा भी आता। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस नेताओं को शर्म आनी चाहिए।

राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी इस मामले को संज्ञान में लिया है। NCW की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा कि अगर कोई महिला अपनी जीविका चलाने के लिए परिश्रम कर रही है तो ये समझ में आता है लेकिन एक नेता का ट्रैक्टर पर बैठना और महिलाओं द्वारा उसे खिंचवाने से महिलाओं और ट्रैक्टर पर बैठे नेता की प्रतिष्ठा को गिराता है। उन्होंने कहा कि भूपिंदर सिंह हुड्डा को इस बारे में सोचना चाहिए था।

NCW की मुखिया ने कहा, “अगर महिलाओं को लगता है कि उन पर दबाव बना कर ये सब करवाया गया, तो वो हमारे पास आ सकती हैं। लेकिन, अगर वो ये सब कुछ स्वेच्छा से कर रही हैं तो ट्रैक्टर पर बैठे व्यक्ति को सोचना चाहिए कि ऐसा नहीं किया जाना चाहिए था। अगर हमारे पास कोई शिकायत आती है तो हम कार्रवाई करेंगे। अगर कोई शिकायत नहीं भी आती है तो भी ये निंदनीय कृत्य है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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