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5 सीट की लड़ाई में टूट गया महागठबंधन! कॉन्ग्रेस, RJD की बैठक तक नहीं, छोटे दल भी उतार रहे उम्मीदवार

महागठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी राजद पर आरोप लग रहा है कि उसने महागठबंधन के नेताओं के साथ औपचारिक बैठक और विमर्श किए बिना ही 5 में 4 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए।

बिहार में पाँच विधानसभा सीटों पर हो रहे उपचुनावों में सीट के बँटवारे के कारण महागठबंधन खतरे में आ गया है। जानकारी के मुताबिक एक ओर जहाँ कॉन्ग्रेस चुनाव समिति ने विधानसभा की सभी सीटों पर खुद चुनाव लड़ने के संकेत दिए हैं। वहीं, महागठबंधन की एक पार्टी वीआइपी ने सिमरी बख्तियारपुर की सीट से अपना उम्मीदवार उतारने की बात कर दी है और दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम माँझी ने बुधवार को राजद पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए नाथनगर की सीट पर अपने उम्मीदवार अजय राय को लड़ाने का ऐलान किया है। जबकि रालोसपा इस जंग में पहले ही अलग रहने की जानकारी दे चुकी है, लेकिन किशनगंज की एक सीट कॉन्ग्रेस के लिए छोड़कर बाकी चारों सीटों पर राजद ने भी दावेदारी ठोंक दी है।

अब ऐसी उलझी राजनीति में राज्य के डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने ट्वीट करके गठबंधन पर चुटकी लेते हुए सभी पार्टियों को खरी खरी सुनाई है। उन्होंने ट्वीट करके कहा है कि महागठबंधन को बाँधने वाली गाँठे कितनी मजबूत हैं, इसका अंदाजा इसी से लग रहा है कि उपचुनाव की पाँच सीट आपस में बाँटने में ही टूट गई। ये 2020 में 243 सीटों पर कैसे फैसला कर पाएँगे? राजद पर निशाना साधते हुए सुशील मोदी ने कहा कि बड़े भाई बनने वाले दल ने सभी चार सीटें अपने नाम कर लीं और सहयोगी दलों को ठेंगा दिखा दिया, वहीं कॉन्ग्रेस है जो अपमान के घूँट पीकर भी लालू प्रसाद की बंधुआ मजदूर बनी हुई है।

उल्लेखनीय है कि बुधवार को सदाकत आश्रम में कॉन्ग्रेस के बिहार प्रभारी शक्ति सिंह की अध्यक्षता में हुई चुनाव समिति की मैराथन बैठक में विधानसभा की सभी पाँच सीटों को तीन-तीन उम्मीदवारों के नामों का पैनल तैयार करके केंद्रीय चुनाव समिति को भेजने का फैसला लिया गया।

वहीं महागठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी राजद पर आरोप लग रहा है कि उसने महागठबंधन के नेताओं के साथ औपचारिक बैठक और विमर्श किए बिना ही 5 में 4 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए। जानकारी के मुताबिक राजद ने सिर्फ किशनगंज विधानसभा और समस्तीपुर लोकसभा सीट कॉन्ग्रेस के लिए छोड़ा है, बाकी और गठबंधन के किसी दल के लिए कोई सीट नहीं छोड़ी गई है।

अपने ऊपर लग रहे आरोपों पर राजद का दावा है कि औपचारिक बैठक भले ही न हुई हो लेकिन सभी नेताओं से राय लेकर ही टिकट का बँटवारा हुआ है। यहाँ बता दें कि राजद ने जिन चार सीटों के लिए नाम तय किए हैं, उनमें नाथनगर सीट से रबिया खातून को उम्मीदवार बनाया गया है। सिमरी बख्तियारपुर से जफर आलम को प्रत्याशी के तौर पर उतारा है। दरौंदा विधानसभा की टिकट के लिए उमेश सिंह के नाम पर मुहर लगी है और बेलहर से रामदेव राय को पार्टी का टिकट दिया गया है।
 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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