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‘CAB पर हिंसा करने वाले गजवा-ए-हिंद के समर्थक, पाकिस्तान की ताल पर नाच रहे राहुल गाँधी’

राहुल गाँधी पर निशाना साधते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि वो पाकिस्तान की ताल पर नाच रहे हैं और उनकी भाषा बोलकर हिन्दुस्तान को बदनाम और कमज़ोर करने की साज़िश रच रहे हैं।

नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध में उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ ज़िले में तनाव की स्थिति है। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्र नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं। भाजपा नेता गिरिराज सिंह ने नागरिकता क़ानून का विरोध करने वालों को गजवा-ए-हिंद का समर्थक बताया है। 

बीजेपी नेता ने रविवार (15 दिसंबर) को ट्वीट कर कहा, “CAB में नागरिकता देने का प्रावधान है लेने का नहीं…गजवा-ए-हिंद के समर्थक केरल, AMU या अन्य जगह पर उपद्रव कर रहे हैं। यह गजवा-ए-हिंद के समर्थक हो सकते हैं, हिंदुस्तान के नहीं।”

मोदी सरकार में पशुपालन मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि महादेव ने माँ भारती को सशक्त और सेवा करने के लिए भेजा, मोदी जी ने सर्जिकल स्ट्राइक, अनुच्छेद-370, तीन तलाक़, नागरिकता संशोधन क़ानून (CAB), NRC, राम मंदिर जैसे कई महान कार्य किए। 

राहुल गाँधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वो पाकिस्तान की ताल पर नाच रहे हैं और उनकी भाषा बोलकर हिन्दुस्तान को बदनाम और कमज़ोर करने की साज़िश रच रहे हैं। 

इसके अलावा, गिरिराज सिंह ने बिहार और बंगाल में भारतीय राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) लागू करने के लिए माँग फिर से दोहराई। उन्होंने कहा कि NRC आएगा तो इसे पूरे देश में लागू किया जाना चाहिए और राज्यों को इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। उनका कहना है कि लोकसभा और राज्यसभा से पारित होने के बाद यह क़ानून पूरे देश में एक साथ लागू होना चाहिए।

ग़ौरतलब है कि विपक्ष के विरोध के बावजूद नागरिकता (संशोधन) विधेयक बुधवार (11 दिसंबर) को राज्यसभा द्वारा और सोमवार (9 दिसंबर) को लोकसभा द्वारा पारित किया गया। मौजूदा क़ानून के मुताबिक किसी व्यक्ति को भारतीय नागरिकता लेने के लिए कम से कम 11 साल यहाँ रहना अनिवार्य था। नए कानून में पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यकों के लिए यह अवधि घटाकर 6 साल कर दी गई है। मौजूदा क़ानून के तहत भारत में अवैध तरीके से दाखिल होने वाले लोगों को नागरिकता नहीं मिल सकती थी और उन्हें वापस उनके देश भेजने या हिरासत में रखने का प्रावधान था।

वहीं, CAB के पारित होने के बाद विभिन्न मुस्लिम संगठनों से संबंधित कई सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन किए। हालाँकि, यह विरोध प्रदर्शन तक ही सीमित नहीं रहा, ये जल्द ही हिंसा में तब्दील हो गया। खासकर पश्चिम बंगाल में हिंसा का उग्र रूप देखने को मिला।

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद ज़िले में एक रेलवे स्टेशन परिसर में शुक्रवार शाम को हजारों लोगों द्वारा आग लगा दी गई, जिसमें अधिकतर लोग समुदाय विशेष से संबंधित थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बेलडांगा रेलवे स्टेशन परिसर में रेलवे पुलिस बल के कर्मियों की भी पिटाई की।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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