Friday, October 22, 2021
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पीएम मोदी ने बदली पूर्वोत्तर की सोच, अब आंदोलन और हिंसा की जगह हो रहा विकास: असम में विरोधियों पर गरजे शाह

"असम की सबसे बड़ी समस्या दो ही हैं, घुसपैठ और बाढ़। कॉन्ग्रेस और बाकी दल क्या घुसपैठ रोक सकते हैं? घुसपैठ नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ही रोक सकती है। पूर्वी भारत में कभी आंदोलन और हिंसा हुआ करती थी। अलग-अलग समूह हाथ में हथियार लिए दिखते थे, आज वो सारे मुख्यधारा के साथ जुड़े दिखते हैं।"

केंद्रीय गृह मंत्री व भाजपा नेता अमित शाह ने शनिवार को असम दौरे के दौरान विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी। वहीं इस मौके पर उन्होंने कॉन्ग्रेस और अलगाववादी संगठनों पर जमकर हमला बोला है।

गुवाहाटी में आयोजित एक कार्यक्रम में अमित शाह ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि एक जमाने में यहाँ के सारे राज्यों (पूर्वोत्तर) में अलगाववादी अपना एजेंडा चलाते थे, युवाओं के हाथों में बंदूक पकड़ाते थे। आज वो सभी संगठन मुख्य धारा में शामिल हो गए हैं और आज युवा अपने नए स्टार्टअप के साथ विश्व भर के युवाओं के साथ स्पर्धा कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, “असम की सबसे बड़ी समस्या दो ही हैं, घुसपैठ और बाढ़। कॉन्ग्रेस और बाकी दल क्या घुसपैठ रोक सकते हैं? घुसपैठ नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ही रोक सकती है। पूर्वी भारत में कभी आंदोलन और हिंसा हुआ करती थी। अलग-अलग समूह हाथ में हथियार लिए दिखते थे, आज वो सारे मुख्यधारा के साथ जुड़े दिखते हैं। एक बहुत बड़े परिवर्तन की शुरुआत नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हुई है।”

अमित शाह ने कहा, “मोदी जी ने पूर्वाेत्तर के विकास को केंद्र में रखकर 6 साल तक सरकार चलाई है, आगे भी हमारी सरकार पूर्वाेत्तर की सेवा करती रहेगी। 5 साल में कभी-कभी कोई प्रधानमंत्री पूर्वाेत्तर आ जाए तो आए जाए, मोदी जी ने 6 साल में 30 बार पूर्वाेत्तर का दौरा किया और हर बार तोहफा लेकर आए।”

अमित शाह ने बताया, “बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र समझौते पर हस्ताक्षर करके, मोदी सरकार ने असम में शांति स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की है। बोडो युवा, जिन्होंने हथियार उठाए थे, अब मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं।”

केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर देश के विकास के केन्द्र (इंजन) के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा, “असम में लगभग साढ़े 4 साल से जो विकास की यात्रा मोदी जी के नेतृत्व में यहाँ सर्वानंद सोनोवाल और हेमंत विश्वा शर्मा की जोड़ी ने आगे चलाई है, इसका एक महत्वपूर्ण पड़ाव आज है।”

अमित शाह ने कहा, “असम में एक समय आंदोलनों का दौर आया, अलग-अलग बातों को लेकर आंदोलन हुए, सैकड़ों युवा मारे गए। असम की शांति को भंग कर दिया गया साथ ही असम के विकास को रोक दिया गया।” उन्होंने कहा कि आगे का रास्ता क्या है? विकास ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है। विकास हो रहा है और आगे भी होगा लेकिन वैचारिक परिवर्तन की भी आवश्यकता है और यह केवल विकास से नहीं हो सकता है।

उन्होंने कहा, “मुझे आज बड़ा आनंद है कि श्रीमंत शंकरदेव का जो जन्मस्थान था, वो घुसपैठियों ने कब्जाया हुआ था। उसे खाली करके आज शंकर देव की महान स्मृति को चीर काल तक स्थायी करने का काम हेमंत विश्वा शर्मा और हमारे मुख्यमंत्री जी करने जा रहे हैं।”

वहीं दिल्ली और उसके आसपास हो रहे किसान आंदोलन को लेकर शाह ने कहा, “अभी कुछ लोग कृषि सुधार कानूनों को लेकर बड़ा आंदोलन कर रहे हैं। मैं सभी से इस मौके पर अपील करना चाहता हूँ कि आप मुख्यधारा में आइए, सरकार के साथ चर्चा कीजिये और समस्या का समाधान ढूँढ़िए।”

बता दें आज राज्य के अंतर्गत 11 विधि कॉलेजों की स्थापना की आधारशिला रखी गई है। असम में निजी विधि महाविद्यालय हैं और बहुत पुराना एक विद्यालय भी है। असम ने इस देश को गोगोई साहब के रूप में CJI देने का काम किया है।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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