कॉन्ग्रेस का खुल गया पोल, बीच बजरिया फट गया ढोल: राफ़ेल पर BJP ने दी 10 ‘पटकनी’

भाजपा सरकार हर बार कॉन्ग्रेस द्वारा लगाए गए झूठे आरोपों का पर्दाफ़ाश करती आई है। एक बार फिर भाजपा ने अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से राफ़ेल पर कॉन्ग्रेस के झूठे दावों का जवाब दिया।

राफ़ेल सौदे पर कॉन्ग्रेस पार्टी की तरफ से मोदी नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को लगातार घेरने का प्रयास किया जा रहा है। राहुल गाँधी हमेशा से ही नए-नए तरीक़ों का इस्तेमाल करके भाजपा के ख़िलाफ़ टीका-टिप्पणी करते नज़र आते हैं। फिर भले ही कॉन्ग्रेस का हर दावा झूठा ही क्यों न साबित हो जाए।

भाजपा सरकार हर बार कॉन्ग्रेस द्वारा लगाए गए झूठे आरोपों का पर्दाफ़ाश करती आई है। एक बार फिर भाजपा ने अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से राफ़ेल पर कॉन्ग्रेस के झूठे दावों का जवाब दिया।

  • कॉन्ग्रेस का आरोप नंबर 1: राहुल गाँधी ने फ्रांसीसी मीडिया की रिपोर्ट के हवाले से बताने की कोशिश की कि भारत सरकार ने दसॉल्ट कंपनी पर अंबानी को ऑफसेट पार्टनर बनाने के लिए दवाब बनाया।
  • BJP का जवाब: भाजपा ने ट्विट करके कॉन्ग्रेस के इस आरोप का जवाब देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट और दसॉल्ट के सीईओ बता चुके हैं कि ऑफसेट पार्टनर के चयन में भारत सरकार का कोई लेना-देना नहीं था।
  • कॉन्ग्रेस आरोप नंबर 2: राहुल गाँधी ने सुप्रीम कोर्ट के हवाले से देश में अफ़वाह फैलाने की कोशिश की कि डील में गंभीर अनियमितता पाई गई। इस तरह कॉन्ग्रेस ने इस मामले में प्रोपेगेंडा फैलाने की भी कोशिश की।
  • BJP का जवाब: भाजपा ने कॉन्ग्रेस की इस अफ़वाह का जवाब में कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कॉन्ग्रेस के कहने पर कोर्ट में अपील करने वालों की याचिकाएँ ख़ारिज करते हुए कहा था कि भारत सरकार ने कुछ ग़लत नहीं किया है।
  • कॉन्ग्रेस आरोप नंबर 3: राहुल गाँधी ने दावा किया कि रक्षा मंत्रालय के एक बड़े अधिकारी को राफ़ेल डील के विरोध में डिसेंट नोट प्रस्तुत करने के लिए मोदी सरकार ने सज़ा दी।
  • BJP का जवाब: राहुल बेनक़ाब हो गए जब ख़ुद उस अधिकारी ने मीडिया को बताया कि किसी भी तरह की सज़ा उन्हें नहीं दी गई थी।
  • कॉन्ग्रेस आरोप नंबर 4: राहुल ने कहा था कि फ्राँस के पूर्व राष्ट्रपति ओलांद ने पीएम मोदी को चोर कहा, ऐसा इसलिए क्योंकि भारत सरकार ने उनसे रिलायंस कंपनी को डील में शामिल करने के लिए कहा था।
  • BJP का जवाब: भाजपा ने राहुल के इस आरोप पर जवाब देते हुए कहा कि ओलांद ने राहुल और उनकी पार्टी के इन आरोपों को ख़ुद ख़ारिज किया है। यही नहीं ज़रूरत पड़ने पर फ्राँस सरकार ने आधिकारिक बयान जारी करके भी इस मुद्दे पर सफ़ाई दी थी।
  • कॉन्ग्रेस आरोप नंबर 5: राहुल गांधी ने संसद में कहा था कि फ्राँस के राष्ट्रपति मैक्रों ने उनसे स्वयं कहा कि इसमें कोई गोपनीय धारा नहीं है।
  • BJP का जवाब: फ्राँस सरकार ने राहुल के आरोपों का जवाब दिया और कहा कि समझौते में शामिल सभी पार्टियों को इससे जुड़ी किसी तरह की जानकारी साझा करने की इजाज़त नहीं थी।
  • कॉन्ग्रेस आरोप नंबर 6: राहुल गाँधी ने यूपीए सरकार के दौरान राफ़ेल डील की कई क़ीमतें बताईं थी। संसद में राहुल ने ₹520 करोड़ बताया जबकि कर्नाटक में कहा ₹526 करोड़, राजस्थान में ₹540 करोड़ और दिल्ली में इसी डील की क़ीमत ₹700 करोड़ बताई थी।
  • BJP का जवाब: अपने ट्विटर पर भाजपा ने इस आरोप का जवाब देते हुए लिखा कि राहुल को झूठ बोलने के लिए नोबेल पुरस्कार दिया जाना चाहिए।
  • कॉन्ग्रेस आरोप नंबर 7: राहुल गाँधी ने कहा कि मोदी सरकार ने सैन्य अधिग्रहण के नियमों और प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया है।
  • BJP का जवाब: भाजपा ने इस आरोप का जवाब देते हुए कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा था कि वास्तव में इस प्रक्रिया पर संदेह करने की कोई वजह नहीं है।
  • कॉन्ग्रेस आरोप नंबर 8: राहुल गाँधी ने कहा कि यूपीए ने ₹526/ ₹520/ ₹540 में डील की, जबकि एनडीए ने यह डील ₹1600 करोड़ में की।
  • BJP का जवाब: वे सेब की तुलना संतरे से कर रहे हैं। एनडीए द्वारा बातचीत के ज़रिए राफ़ेल विमान की तय की गई क़ीमत पूरे परिचालन पैकेज़ के साथ है।
  • कॉन्ग्रेस आरोप नंबर 9: राहुल गाँधी ने कहा कि 36 विमान ख़रीदने का निर्णय वायुसेना को नुक़सान पहुँचाने और दोस्त को फ़ायदा पहुँचाने के लिए किया गया।
  • BJP का जवाब: इस सवाल के जवाब में कहा गया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने कहा था कि यह निर्णय सैन्य तैयारियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया और इससे वायुसेना ख़ुश है।
  • कॉन्ग्रेस आरोप नंबर 10: 8 फ़रवरी को राहुल ने द हिंदू में छपे आधे फोटो और रिपोर्ट को आधार बनाकर प्रधानमंत्री मोदी को बदनाम करने का प्रयास किया।
  • BJP का जवाब: हमें पहले से पता है कि कॉन्ग्रेस, भाजपा सरकार पर आरोप लगाने के लिए फोटोशॉप एडिटेड फोटो की मदद लेते हैं। लेकिन कोई कितना भी झूठ बोले आख़िरकार जीत सत्य की ही होती है।

इस सभी सवालों के जवाब में बीजेपी ने कॉन्ग्रेस की भ्रम फैलाने वाली राजनीति पर विराम लगाया। रक्षा सौदों में कुछ बातें गोपनीय रखना राष्ट्रहित में होता है, लेकिन कॉन्ग्रेस इस राष्ट्रहित को किनारे करके बेवजह ही उलझाने वाली नीति को अपनाती है जो देश के लिए सही नहीं है।

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