Homeराजनीतिरॉबर्ट वाड्रा को मिलना चाहिए भारत रत्न: भाजपा ने बुरे वक़्त में 'दिया साथ'

रॉबर्ट वाड्रा को मिलना चाहिए भारत रत्न: भाजपा ने बुरे वक़्त में ‘दिया साथ’

हाल ही में रॉबर्ट ने अपनी पत्नी प्रियंका के समान स्वयं भी सक्रिय राजनीति में आने का संकेत दिया था। लेकिन अब उन्होंने यह बयान भी दे दिया है कि वह जब तक अपने नाम पर लगे दाग को मिटा नहीं लेते तब तक राजनीति से नहीं जुड़ेंगे।

बीजेपी ने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी के जीजा और प्रियंका वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि उन्हें भारत रत्न सम्मान से नवाजा जाना चाहिए। बीजेपी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से यह ट्वीट किया है।

भाजपा ने ट्विटर एकाउंट से ट्वीट में लिखा, “रॉबर्ट वास्तव में ईमानदार हैं। आपने स्वीकार किया कि आपने लूटा है, इसके लिए धन्यवाद। अब आप अपने परिवार के कोटे के मुताबिक भारत रत्न सम्मान के योग्य हैं।”

बीजेपी ने यह ट्वीट इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट को शेयर करते हुए किया, जिसमें रॉबर्ट वाड्रा ने अपने बयान में कहा था, “मैं इस देश में ही हूँ। ऐसे बहुत से लोग हैं, जिन्होंने देश को लूटा है और भाग गए। उनके खिलाफ क्या हुआ? मैं हमेशा इस देश में ही रहने वाला हूँ। मैं देश छोड़कर भी नहीं जा रहा हूँ और जब तक पूरे मामले से मेरा नाम नहीं हट जाता है, तब तक सक्रिय राजनीति में भी हिस्सा नहीं लूँगा।”

हाल ही में रॉबर्ट ने अपनी पत्नी प्रियंका के समान स्वयं भी सक्रिय राजनीति में आने का संकेत दिया था। लेकिन अब उन्होंने यह बयान भी दे दिया है कि वह जब तक अपने नाम पर लगे दाग को मिटा नहीं लेते तब तक राजनीति से नहीं जुड़ेंगे। फिलहाल के लिए बता दें कि दिल्ली की अदालत ने उनकी लंदन वाली संपत्ति पर चल रहे केस में मिलने वाली अंतरिम जमानत की तारीख़ को 19 मार्च तक के लिए बढ़ा दिया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

वामपंथियों से कांग्रेस का पुराना ‘लप्रेक’: अपनों को किनारे कर लेफ्ट के पीछे भागने की आदत क्यों नहीं छूटती?

NSUI को छोड़कर AISA के चेहरों को मंच देना कोई इत्तेफ़ाक नहीं है। सरदार पटेल से लेकर हिमंत बिस्वा सरमा तक... कांग्रेस ने हमेशा अपने मजबूत नेताओं को किनारे कर वामपंथियों को गले क्यों लगाया?

मुफ्त इलाज का ढकोसला और महँगे मेडिकल बिल: कहाँ खर्च हो रहा है आम आदमी का पैसा?

सरकार ने उन दवाओं को इस प्राइस कंट्रोल से बाहर रखा है जिन्हें कंपनियाँ 'पेशेंट असिस्टेंस प्रोग्राम' (PAPs) के तहत भारी छूट पर देती हैं।
- विज्ञापन -