Homeदेश-समाजWFI अध्यक्ष बृजभूषण सिंह 4 हफ्ते नहीं करेंगे संस्था के कामकाज, आरोपों की जाँच...

WFI अध्यक्ष बृजभूषण सिंह 4 हफ्ते नहीं करेंगे संस्था के कामकाज, आरोपों की जाँच के लिए कमेटी गठित: घोषणा के बाद कुश्ती पहलवानों ने खत्म किया धरना

अनुराग ठाकुर ने कहा कि कमिटी 4 हफ्ते में जाँच पूरी करेगी। जब तक जाँच चलेगी, तब तक बृजभूषण शरण सिंह संस्था के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं करेंगे। खिलाड़ियों ने कुछ दूसरे मुद्दे भी उठाए थे। उन पर भी काम करने का आश्वासन दिया गया है।

खेल मंत्रालय ने यौन शोषण का आरोप झेल रहे भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) को जाँच पूरा होने तक महासंघ के दैनिक कार्यों से दूर रहने के लिए कहा है। खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर (Anurag Singh Thakur) के आश्वासन के बाद कुश्ती पहलवानों ने जंतर-मंतर पर अपना धरना खत्म कर दिया है।

खेल मंत्री ने पहलवानों के आरोपों की जाँच के लिए भी एक ओवरसाइट कमिटी बनाने का भी ऐलान किया गया है। यह कमिटी जाँच की अवधि तक संस्था के दैनिक मुद्दों पर फैसला लेगी। जाँच चार सप्ताह यानी 1 महीने में पूरी हो जाएगी। कमिटी के सदस्यों के नामों की घोषणा शनिवार (21 जनवरी 2023) को की जाएगी। 

खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के घर पर शुक्रवार की देर रात तक करीब 5:30 घंटे चली बैठक के बाद निर्णय लिया गया। इस बैठक में आरोप लगाने वाली खिलाड़ी विनेश फोगाट, बबीता फोगाट, बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक के साथ-साथ कुछ और खिलाड़ी भी शामिल थे। बैठक खत्म होने के बाद अनुराग ठाकुर ने मीडिया से बात की।

अनुराग ठाकुर ने कहा कि कमिटी 4 हफ्ते में जाँच पूरी करेगी। जब तक जाँच चलेगी, तब तक बृजभूषण शरण सिंह संस्था के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं करेंगे। खिलाड़ियों ने कुछ दूसरे मुद्दे भी उठाए थे। उन पर भी काम करने का आश्वासन दिया गया है।

खेल मंत्री की घोषणा के बाद पहलवान बजरंग पुनिया ने कहा कि खिलाड़ियों की बात सुनी गई है और उन्हें निष्पक्ष जाँच की उम्मीद है। पुनिया ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे धरने को वापस लेने की भी घोषणा की। बता दें कि यह धरना तीन दिनों से चल रहा था और खिलाड़ी बृजभूषण शरण सिंह को हटाने और महासंघ को भंग करने की माँग पर अड़े थे।

उधर, पहलवानों के आरोपों पर भारतीय ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) ने मामले की जाँच के लिए 7 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। मशहूर खिलाड़ी एमसी मैरीकॉम को इस कमिटी का अध्यक्ष बनाया गया है। मैरीकॉम के अलावा कमिटी में तीरंदाज डोला बनर्जी, अलकनंदा अशोक, योगेश्वर दत्त, सहदेव यादव और दो वकीलों को शामिल किया गया है।

   

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -