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‘CAA के खिलाफ प्रदर्शन में मारे गए लोग शहीद की तरह, सपा की सरकार बनी तो देंगे पेंशन’

"यह शहीद की तरह हैं। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन में मारे गए प्रदर्शनकारियों के परिजनों को पेंशन भी दी जा सकती है। सपा की सरकार आई तो..."

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में मारे गए लोगों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की है। अखिलेश यादव रविवार (जनवरी 5, 2019) को नागरिकता कानून के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में मारे गए मोहम्मद वकील अहमद के परिजनों से मिलने पहुँचे और संवेदना व्यक्त की।

मोहम्मद वकील के परिजन से मुलाकात के बाद अखिलेश ने कहा कि यूपी में सीएए के खिलाफ प्रदर्शन में जान गँवाने वाले सभी लोगों की मौत पुलिस की गोली लगने से ही हुई। उनकी पार्टी हिंसा में मारे गए सभी लोगों के परिवार को 5-5 लाख रुपए का मुआवजा देगी। इस बारे में ट्वीट करते हुए अखिलेश यादव लिखा, “उत्तर प्रदेश में पुलिस की गोली का शिकार हुए मृतक मोहम्मद वकील के परिजनों का दुख-दर्द बाँटकर व परिवार को 5 लाख की आर्थिक सहायता देकर हमने मदद के हाथ बढ़ाए हैं और हमेशा बढ़ाते रहेंगे।”

अखिलेश ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बीजेपी नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में जो कैंपेन चला रही है, वह लोगों को गुमराह करने वाला है। अखिलेश ने आरोप लगाते हुए कहा कि लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान जान गँवाने वाले मोहम्मद वकील की मौत कैसे हुई, इसकी जाँच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मोहम्मद वकील किसी प्रदर्शन का हिस्सा नहीं था, ऐसे में उसकी मौत किसकी गोली से हुई इसकी जाँच होनी चाहिए।

अखिलेश यादव का कहना है कि मोहम्मद वकील के पिता और पत्नी को सरकार की तरफ से मदद और आवास दोनों दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि परिवार के एक सदस्य को नौकरी के अलावा 25 लाख रूपए की आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश विधान सभा के नेता प्रतिपक्ष और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राम गोविंद चौधरी ने नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों को पेंशन देने का वादा किया है। उन्होंने कहा कि सपा की सरकार आई तो मृतकों के परिजनों को पेंशन भी दी जा सकती है। यह शहीद की तरह हैं।

अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि देश का हर इंसान नागरिकता संशोधन कानून, एनआरसी और एनपीआर के विरोध में है। जब आधार कार्ड में सारी डिटेल्स पहले ही ली जा चुकी हैं तो एनपीआर और एनआरसी जैसी चीजों की जरूरत क्या है। अखिलेश ने कहा कि बीजेपी भी यह जानती है कि उनके द्वारा बनाया गया कानून असंवैधानिक है। 

गौरतलब है कि नागरिकता कानून के खिलाफ उत्तर प्रदेश में हिंसक प्रदर्शन हुए थे और इस दौरान हिंसा भड़कने से 19 लोगों की मौत हो गई थी। इन हिंसक प्रदर्शनों में कई पुलिसकर्मियों भी जख्मी हुए। प्रदर्शनकारियों ने इन प्रदर्शनों के दौरान सरकारी संपत्ति को काफी नुकसान पहुँचाया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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