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कृषि कानूनों की वापसी पर मोदी कैबिनेट की मुहर, मार्च 2022 तक गरीबों को मिलता रहेगा फ्री राशन

केंद्र की मोदी सरकार ने 19 नवंबर 2021 को तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला लिया था। उन्होंने देश को संबोधित करते हुए आंदोलनरत किसानों से अपने-अपने घर लौटने का आग्रह किया था।

कैबिनेट की बैठक में बुधवार (24 नवंबर 2021) को तीनों कृषि कानूनों की वापसी का प्रस्ताव मंजूर कर लिया गया है। इसे 29 नवंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा। इसके ​अलावा कैबिनेट ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को मार्च 2022 तक बढ़ाने का अहम फैसला लिया है। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कैबिनेट के फैसलों पर यह जानकारी दी। अनुराग ठाकुर ने बताया कि आज पीएम के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की औपचारिकताएँ पूरी कीं। संसद के शीतकालीन सत्र में इन तीनों कृषि कानूनों को वापस लेना हमारी प्राथमिकता होगी। 

मालूम हो कि केंद्र की मोदी सरकार ने 19 नवंबर 2021 को तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला लिया था। उन्होंने देश को संबोधित करते हुए आंदोलनरत किसानों से अपने-अपने घर लौटने का आग्रह किया था। साथ ही पीएम ने यह भी कहा था कि किसानों के एक वर्ग को इन कानूनों के बारे में नहीं समझा पाने के लिए देश से माफी माँगता हूँ।

बात करें प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) की तो, इसके तहत 80 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलो राशन मुफ्त दिया जा रहा है। कोरोना महामारी के बीच गरीब लोगों को राहत प्रदान करने के लिए यह योजना अप्रैल 2020 से तीन महीने के लिए शुरू की गई थी। इसके बाद से इसे कई बार बढ़ाया जा चुका है।

बता दें कि जिस तरह कानून बनाने के लिए संसद की मंजूरी जरूरी होती है, उसी तरह रद्द करने के लिए भी संसद की मंजूरी जरूरी है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इस प्रस्ताव को संसद में पेश किया जाएगा। इस पर बहस होगी और वोटिंग होगी। इस प्रस्ताव के पास होते ही तीनों कृषि कानून रद्द हो जाएँगे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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