6000 या 72 हजार… सब भूल जाइए क्योंकि अब हर परिवार को मिलेगा 2 लाख रुपए वो भी हर साल!

टीडीपी ने केंद्र की किसान सम्मान योजना को राज्य के मेल खाते अनुदान के साथ जारी रखने का वादा किया है। इस योजना के तहत प्रत्येक किसान को सालाना ₹15,000 का फायदा मिलेगा।

लोकसभा चुनाव के नजदीक आते ही सभा पार्टियाँ आम जनता को लुभाने में लग गई हैं। कॉन्ग्रेस ने सत्ता में आने के बाद गरीबों को साल में ₹72,000 देने की बात कही थी। अब इसी कड़ी में आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ पार्टी तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) का भी नाम जुड़ गया है। टीडीपी ने आम चुनावों के लिए शनिवार (अप्रैल 6, 2019) को अपना घोषणापत्र जारी करते हुए प्रत्येक परिवार को हर साल ₹2 लाख देने का वादा किया है।

टीडीपी अध्यक्ष एवं आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने पार्टी का घोषणापत्र जारी करते हुए कहा कि कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने जहाँ हर गरीब परिवार को ₹72,000 सालाना देने का वादा किया है, वहीं अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है, तो हर साल प्रत्येक परिवार को ₹2 लाख दिए जाएँगे। इसके साथ ही टीडीपी ने 12वीं पास कर चुके छात्रों को बेरोजगारी भत्‍ता देने की बात कही है। इतना ही नहीं, पार्टी ने राज्‍य के सभी शहरों में इनोवेशन हब स्‍थापित करने की भी घोषणा की है।

उन्होंने कहा कि कोई कल्पना में भी हमारी इस उदारता के साथ मेल खाने के बारे में नहीं सोच सकता है। टीडीपी ने केंद्र की किसान सम्मान योजना को राज्य के मेल खाते अनुदान के साथ जारी रखने का वादा किया है। इस योजना के तहत प्रत्येक किसान को सालाना ₹15,000 का फायदा मिलेगा। मुख्य विपक्षी पार्टी वाईएसआर कॉन्ग्रेस ने भी टीडीपी के घोषणापत्र जारी करने के कुछ घंटों बाद अपना घोषणापत्र जारी किया। पार्टी के घोषणा पत्र में हर किसान परिवार को लागत के लिए पचास हजार रुपए देने का आश्वासन दिया गया है। इसके साथ-साथ घर के लिए सस्ता और अतिरिक्त लोन देने की भी बात कही गई है।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

आंध्र प्रदेश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव साथ-साथ होने हैं। राज्य में 11 अप्रैल को पहले चरण में मतदान होगा। राज्‍य के मुख्‍यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने पिछले दिनों यह भी ऐलान किया था कि यदि टीडीपी वापस राज्‍य की सत्‍ता में आती है तो वह एक मुस्लिम को अपना उपमुख्‍यमंत्री बनाएँगे। इतना ही नहीं, नायडू ने मुसलमानों के लिए इस्‍लामिक बैंक खोलने की भी घोषणा की है।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by paying for content

यू-ट्यूब से

ये पढ़ना का भूलें

लिबरल गिरोह दोबारा सक्रिय, EVM पर लगातार फैला रहा है अफवाह, EC दे रही करारा जवाब

ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

ओपी राजभर

इतना सीधा नहीं है ओपी राजभर को हटाने के पीछे का गणित, समझें शाह के व्यूह की तिलिस्मी संरचना

ये कहानी है एक ऐसे नेता को अप्रासंगिक बना देने की, जिसके पीछे अमित शाह की रणनीति और योगी के कड़े तेवर थे। इस कहानी के तीन किरदार हैं, तीनों एक से बढ़ कर एक। जानिए कैसे भाजपा ने योजना बना कर, धीमे-धीमे अमल कर ओपी राजभर को निकाल बाहर किया।
उत्तर प्रदेश, ईवीएम

‘चौकीदार’ बने सपा-बसपा के कार्यकर्ता, टेंट लगा कर और दूरबीन लेकर कर रहे हैं रतजगा

इन्होंने सीसीटीवी भी लगा रखे हैं। एक अतिरिक्त टेंट में मॉनिटर स्क्रीन लगाया गया है, जिसमें सीसीटीवी फुटेज पर लगातार नज़र रखी जा रही है और हर आने-जाने वालों पर गौर किया जा रहा है। नाइट विजन टेक्नोलॉजी और दूरबीन का भी प्रयोग किया जा रहा है।
राहुल गाँधी

सरकार तो मोदी की ही बनेगी… कॉन्ग्रेस ने ऑफिशली मान ली अपनी हार

कॉन्ग्रेस ने 23 तारीख को चुनाव नतीजे आने तक का भी इंतजार करना जरूरी नहीं समझा। समझे भी कैसे! देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कॉन्ग्रेस भी उमर अबदुल्ला के ट्वीट से सहमत होकर...
उपेंद्र कुशवाहा

‘सड़कों पर बहेगा खून अगर मनमुताबिक चुनाव परिणाम न आए, समर्थक हथियार उठाने को तैयार’

एग्जिट पोल को ‘गप’ करार देने से शुरू हुआ विपक्ष का स्तर अब खुलेआम हिंसा करने और खून बहाने तक आ गया है। उपेंद्र कुशवाहा ने मतदान परिणाम मनमुताबिक न होने पर सड़कों पर खून बहा देने की धमकी दी है। इस संभावित हिंसा का ठीकरा वे नीतीश और केंद्र की मोदी सरकार के सर भी फोड़ा है।
पुण्य प्रसून वाजपेयी

20 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली पार्टी को 35+ सीटें: ‘क्रन्तिकारी’ पत्रकार का क्रन्तिकारी Exit Poll

ऐसी पार्टी, जो सिर्फ़ 20 सीटों पर ही चुनाव लड़ रही है, उसे वाजपेयी ने 35 सीटें दे दी है। ऐसा कैसे संभव है? क्या डीएमके द्वारा जीती गई एक सीट को दो या डेढ़ गिना जाएगा? 20 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली पार्टी 35 सीटें कैसे जीत सकती है?
राशिद अल्वी

EVM को सही साबित करने के लिए 3 राज्यों में कॉन्ग्रेस के जीत की रची गई थी साजिश: राशिद अल्वी

"अगर चुनाव परिणाम एग्जिट पोल की तरह ही आते हैं, तो इसका मतलब पिछले साल तीन राज्यों के विधानसभा के चुनाव में कॉन्ग्रेस जहाँ-जहाँ जीती थी, वह एक साजिश थी। तीन राज्यों में कॉन्ग्रेस की जीत के साथ ये भरोसा दिलाने की कोशिश की गई कि ईवीएम सही है।"

यूट्यूब पर लोग KRK, दीपक कलाल और रवीश को ही देखते हैं और कारण बस एक ही है

रवीश अब अपने दर्शकों से लगभग ब्रेकअप को उतारू प्रेमिका की तरह ब्लॉक करने लगे हैं, वो कहने लगे हैं कि तुम्हारी ही सब गलती थी, तुमने मुझे TRP नहीं दी, तुमने मेरे एजेंडा को प्राथमिकता नहीं माना। जब मुझे तुम्हारी जरूरत थी, तब तुम देशभक्त हो गए।
स्वरा भास्कर

प्रचार के लिए ब्लाउज़ सिलवाई, 20 साड़ियाँ खरीदी, ताकि बड़े मुद्दों पर बात कर सकूँ: स्वरा भास्कर

स्वरा भास्कर ने स्वीकार करते हुए बताया कि उन्हें प्रचार के लिए बुलाया गया क्योंकि वो हीरोइन हैं और इस वजह से ही उन्हें एक इमेज बनाना आवश्यक था। इसी छवि को बनाने के लिए उन्होंने 20 साड़ियाँ खरीदीं और और कुछ जूलरी खरीदी ताकि ‘बड़े मुद्दों पर’ बात की जा सके।
राजदीप सरदेसाई

राजदीप भी पलट गए? विपक्ष के EVM दावे को फ़रेब कहा… एट टू राजदीप?

राजदीप ने यहाँ तक कहा कि मोदी के यहाँ से चुनाव लड़ने की वजह से वाराणसी की सीट VVIP संसदीय सीट में बदल चुकी है। जिसका असर वहाँ पर हो रहे परिवर्तन के रूप में देखा जा सकता है।
राहुल गाँधी, बीबीसी

2019 नहीं, अब 2024 में ‘पकेंगे’ राहुल गाँधी: BBC ने अपने ‘लाडले’ की प्रोफाइल में किया बदलाव

इससे भी ज्यादा बीबीसी ने प्रियंका की तारीफ़ों के पुल बांधे हैं। प्रियंका ने आज तक अपनी लोकप्रियता साबित नहीं की है, एक भी चुनाव नहीं जीता है, अपनी देखरेख में पार्टी को भी एक भी चुनाव नहीं जितवाया है, फिर भी बीबीसी उन्हें चमत्कारिक और लोकप्रिय बताता है।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

41,476फैंसलाइक करें
7,944फॉलोवर्सफॉलो करें
64,172सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

शेयर करें, मदद करें: