Monday, March 8, 2021
Home राजनीति द वायर, कारवाँ, स्क्रॉल में छपी यौन उत्पीड़न वाली ख़बर: रंजन गोगोई ने बताया...

द वायर, कारवाँ, स्क्रॉल में छपी यौन उत्पीड़न वाली ख़बर: रंजन गोगोई ने बताया इसके पीछे बड़ी ताकतें

गोगोई ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका कार्यालय देश के दो सबसे स्वतंत्र कार्यालयों में से एक है। दूसरा उन्होंने प्रधनमंत्री कार्यालय को बताया।

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने अपने खिलाफ यौन उत्पीड़न का दावा करते हुए दाखिल किए गए शपथपत्र को हास्यास्पद करार दिया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ बड़ी ताकतें अगले हफ्ते सुनवाई होने वाले महत्वपूर्ण मुकदमों से पहले उन्हें असहज करके न्यायपालिका को अस्थिर बनाना चाहती हैं।

अवमानना, मोदी बायोपिक, चुनाव स्थगन हैं महत्वपूर्ण मुक़दमे   

न्यायमूर्ति गोगोई के समक्ष जो मुकदमे अगले सप्ताह सुनवाई के लिए सूचित हैं उनमें सबसे बड़े हैं राहुल गाँधी के खिलाफ अदालत की अवमानना (राफेल मुद्दे पर, भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी द्वारा दायर), प्रधानमंत्री मोदी की बायोपिक की चुनावों के दौरान रिलीज पर रोक (फिल्म निर्माताओं द्वारा निर्वाचन आयोग के आदेश के विरुद्ध दायर) और तमिलनाडु में भारी तादाद में मतदाताओं को रिश्वत दिए जाने का स्वतः संज्ञान ले वहाँ चुनाव स्थगित किए जाने की याचिका। इन सब पर सुनवाई से पहले ही इस मामले (यौन उत्पीड़न) पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की याचिका पर मुख्य न्यायाधीश गोगोई की अध्यक्षता वाली विशेष पीठ एकत्र हुई थी। अपनी याचिका में तुषार मेहता ने 4 ऑनलाइन पोर्टलों द वायर, कारवाँ, स्क्रॉल और लीफलेट में छपी हुई ख़बरों का हवाला देते हुए मामले को सार्वजनिक महत्त्व का बताते हुए संज्ञान लेने की प्रार्थना की थी।

आर्थिक दाग लगा नहीं सकते थे, इसलिए चरित्र-हनन  

गोगोई ने यह भी कहा कि उनका आर्थिक पक्ष पूर्णतः स्वच्छ है और उन पर आर्थिक भ्रष्टाचार का मुकदमा कभी नहीं टिकता। इसलिए इस आरोप के जरिए उनकी छवि बिगाड़ने और न्यायपालिका को अस्थिर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उपरोक्त पोर्टलों द्वारा उन्हें भेजे गए सवालों में समानता से उनके तार आपस में जुड़े नजर आते हैं।

मैं और PMO पूर्णतः स्वतंत्र, करता रहूँगा न्याय कार्यकाल के अंत तक

गोगोई ने साथ में यह भी जोड़ा कि उनका कार्यालय देश के दो सबसे स्वतंत्र कार्यालयों में से एक है (दूसरा उन्होंने प्रधनमंत्री कार्यालय को बताया) और आगामी चुनावी महीने में महत्वपूर्ण मुकदमों की सुनवाई के पहले यह उन्हें अस्थिर करने का प्रयास है।

उन्होंने न्यायिक स्वतंत्रता के भी गंभीर खतरे में होने के प्रति आगाह कराया। उन्होंने कहा, “अगर जजों को इस तरह खलनायक बना कर दिखाया जाएगा तो कौन भला इन्सान जज बनना चाहेगा? कौन जज बनकर महज ₹6.8 लाख के बैंक बैलेंस के साथ रिटायर होना चाहेगा?” गोगोई ने अपने दृढ़ निर्णय को भी दोहराया, “चाहे जो कुछ हो जाए, मैं अपने बचे हुए कार्यकाल के अगले सात महीनों तक मुकदमों का निपटारा करता रहूँगा। कोई मुझे रोक नहीं सकता।”

न्यायमूर्ति गोगोई से जुड़े इस मामले में हमारी पिछली कवरेज आप यहाँ पढ़ सकते हैं

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

BJP पैसे दे तो ले लो… वोट TMC के लिए करो: ‘अकेली महिला ममता बहन’ को मिला शरद पवार का साथ

“मैं आमना-सामना करने के लिए तैयार हूँ। अगर वे (भाजपा) वोट खरीदना चाहते हैं तो पैसे ले लो और वोट टीएमसी के लिए करो।”

‘सबसे बड़ा रक्षक’ नक्सल नेता का दोस्त गौरांग क्यों बना मिथुन? 1.2 करोड़ रुपए के लिए क्यों छोड़ा TMC का साथ?

तब मिथुन नक्सली थे। उनके एकलौते भाई की करंट लगने से मौत हो गई थी। फिर परिवार के पास उन्हें वापस लौटना पड़ा था। लेकिन खतरा था...

अनुराग-तापसी को ‘किसान आंदोलन’ की सजा: शिवसेना ने लिख कर किया दावा, बॉलीवुड और गंगाजल पर कसा तंज

संपादकीय में कहा गया कि उनके खिलाफ कार्रवाई इसलिए की जा रही है, क्योंकि उन लोगों ने ‘किसानों’ के विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया है।

‘मासूमियत और गरिमा के साथ Kiss करो’: महेश भट्ट ने अपनी बेटी को साइड ले जाकर समझाया – ‘इसे वल्गर मत समझो’

संजय दत्त के साथ किसिंग सीन को करने में पूजा भट्ट असहज थीं। तब निर्देशक महेश भट्ट ने अपनी बेटी की सारी शंकाएँ दूर कीं।

‘कॉन्ग्रेस का काला हाथ वामपंथियों के लिए गोरा कैसे हो गया?’: कोलकाता में PM मोदी ने कहा – घुसपैठ रुकेगा, निवेश बढ़ेगा

कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में अपनी पहली चुनावी जनसभा को सम्बोधित किया। मिथुन भी मंच पर।

मिथुन चक्रवर्ती के BJP में शामिल होते ही ट्विटर पर Memes की बौछार

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले मिथुन चक्रवर्ती ने कोलकाता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में भाजपा का दामन थाम लिया।

प्रचलित ख़बरें

माँ-बाप-भाई एक-एक कर मर गए, अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होने दिया: 20 साल विष्णु को किस जुर्म की सजा?

20 साल जेल में बिताने के बाद बरी किए गए विष्णु तिवारी के मामले में NHRC ने स्वत: संज्ञान लिया है।

मौलाना पर सवाल तो लगाया कुरान के अपमान का आरोप: मॉब लिंचिंग पर उतारू इस्लामी भीड़ का Video

पुलिस देखती रही और 'नारा-ए-तकबीर' और 'अल्लाहु अकबर' के नारे लगा रही भीड़ पीड़ित को बाहर खींच लाई।

‘40 साल के मोहम्मद इंतजार से नाबालिग हिंदू का हो रहा था निकाह’: दिल्ली पुलिस ने हिंदू संगठनों के आरोपों को नकारा

दिल्ली के अमन विहार में 'लव जिहाद' के आरोपों के बाद धारा-144 लागू कर दी गई है। भारी पुलिस बल की तैनाती है।

‘शिवलिंग पर कंडोम’ से विवादों में आई सायानी घोष TMC कैंडिडेट, ममता बनर्जी ने आसनसोल से उतारा

बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए टीएमसी ने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। इसमें हिंदूफोबिक ट्वीट के कारण विवादों में रही सायानी घोष का भी नाम है।

14 साल के किशोर से 23 साल की महिला ने किया रेप, अदालत से कहा- मैं उसके बच्ची की माँ बनने वाली हूँ

अमेरिका में 14 साल के किशोर से रेप के आरोप में गिरफ्तार की गई ब्रिटनी ग्रे ने दावा किया है कि वह पीड़ित के बच्चे की माँ बनने वाली है।

आज मनसुख हिरेन, 12 साल पहले भरत बोर्गे: अंबानी के खिलाफ साजिश में संदिग्ध मौतों का ये कैसा संयोग!

मनसुख हिरेन की मौत के पीछे साजिश की आशंका जताई जा रही है। 2009 में ऐसे ही भरत बोर्गे की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,301FansLike
81,968FollowersFollow
393,000SubscribersSubscribe