Homeराजनीतिकॉन्ग्रेस 30 नवंबर को रामलीला मैदान में नहीं करेगी रैली, 'भारत बचाने' के लिए...

कॉन्ग्रेस 30 नवंबर को रामलीला मैदान में नहीं करेगी रैली, ‘भारत बचाने’ के लिए अभी समय नहीं

"सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी के आह्वान पर 25 नवंबर तक हर जिले में एक व्यापक आंदोलन का आगाज हमने किया था। 60 प्रतिशत मुल्क में यह आंदोलन संपूर्ण हो चुका है। 30 नवंबर को ‘भारत बचाओ’ रैली से यह आंदोलन समाप्त होगा।"

बेरोजगारी, आर्थिक मंदी और कृषि संकट को लेकर आगामी 30 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली कॉन्ग्रेस की रैली स्थगित कर दी गई है। कॉन्ग्रेस ने इसे ‘भारत बचाओ’ रैली का नाम दिया था। जानकारी के मुताबिक संसद के शीतकालीन सत्र के मद्देनजर रैली के आयोजन की तिथि आगे बढ़ाई गई है। 30 नवंबर को होने वाली यह रैली अब 14 दिसंबर को हो सकती है।

कॉन्ग्रेस ने देश के विभिन्न हिस्सों में आंदोलन करने की योजना बनाई थी। हालाँकि अयोध्या मामले का फैसला आने के कारण में कुछ राज्यों में पार्टी ने इस कार्यक्रम को थोड़ा आगे बढ़ा दिया था। पार्टी का कहना है कि उसने पिछले कुछ दिनों देश के अलग-अलग हिस्सों में मोदी सरकार की ‘विफलताओं’’ को उजागर करने के लिए विरोध प्रदर्शन किया। इससे पहले कॉन्ग्रेस महसचिवों, प्रदेश प्रभारियों, विभाग अध्यक्षों, प्रदेश कॉन्ग्रेस कमेटी के प्रमुखों और विधायक दल के नेताओं की बैठक में 30 नवम्बर की रैली करने का निर्णय हुआ था।

कॉन्ग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा था, “भारतीय जनता पार्टी ने भारत को मंदी व तालाबंदी की कगार पर ला खडा कर दिया है। इस पार्टी ने भारत को भुखमरी की तरफ धकेल दिया है और भारत को बेरोजगारी के कुएँ में धकेल दिया है। इस सरकार ने भारत की सम्प्रभुता, आर्थिक सबलता पर आक्रमण और हमला कर दिया है। इसलिए देश के हर जिले मे सोनिया गाँधी व राहुल गाँधी के आह्वान पर इसे लेकर एक व्यापक आंदोलन हमने किया। इस सारे आंदोलन का आगाज 30 नवंबर को ‘भारत बचाओ’ रैली के माध्यम से दिल्ली के रामलीला मैदान में होगा।”

उन्होंने कहा था, “सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी के आह्वान पर 25 नवंबर तक हर जिले के अंदर और हर प्रांत के अंदर एक व्यापक आंदोलन का आगाज हमने किया था। 60 प्रतिशत मुल्क में यह आंदोलन संपूर्ण हो चुका है और आज की बैठक में निर्णय किया गया है कि 40 प्रतिशत जहाँ बचा है, वहाँ भी ये संपूर्ण हो जाएगा। 30 नवंबर को ‘भारत बचाओ’ रैली से यह आंदोलन समाप्त होगा।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -