Monday, November 29, 2021
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PM मोदी पर कॉन्ग्रेस का जातिवादी कमेंट, अपने नेता को ‘भकचोन्हर’ कहने पर लालू यादव को लताड़ा था

इसके पहले कॉन्ग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए उन्हें 'चायवाला' कहा था। अय्यर ने पीएम मोदी को 'नीच इंसान' तक कह डाला था।

अखिल भारतीय कॉन्ग्रेस कमेटी के बिहार प्रभारी भक्त चरण दास पर जातिवादी टिप्पणी करने को लेकर कॉन्ग्रेस ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को जमकर लताड़ा था, लेकिन इसके ठीक एक दिन बाद कॉन्ग्रेस खुद वही काम करती नजर आई। ग्रैंड ओल्ड पार्टी ने पीएम मोदी पर राजनीतिक हमला बोलने के दौरान उन पर जातिवादी टिप्पणी की है। पीएम मोदी के खिलाफ अपने सोशल मीडिया अभियान में अखिल भारतीय महिला कॉन्ग्रेस के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट ने रसोई के तेल की बढ़ती कीमतों के विरोध में #TeliKiMaar का इस्तेमाल किया है। दरअसल, तेली एक ओबीसी समुदाय है, जो मुख्य रूप से उत्तर भारत में रहता है।

साभार: ट्विटर

जातिवादी हैशटैग के साथ अखिल भारतीय महिला कॉन्ग्रेस ने एक इन्फोग्राफिक साझा करते हुए लिखा, ”रसोई के तेल की कीमतें सितंबर के महीने में 34 प्रतिशत बढ़ाई गई। तेल का खेल जनता रही झेल। #TeliKiMaar”

कॉन्ग्रेस ने अपनी जातिवादी टिप्पणी में तेली जाति का नाम लिया है। ध्यान दें कि पीएम मोदी मोदी घांची जाति से हैं, जो तेली की तरह ही ओबीसी समुदाय में आता है। पीएम मोदी ने इसी तरह कॉन्ग्रेस पार्टी के अनगिनत जातिवादी हमलों को सहन किया है।

पीएम मोदी पर कॉन्ग्रेस के बार-बार जातिवादी हमले

कॉन्ग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए उन्हें ‘चायवाला’ कहा था। उन्होंने मोदी को ‘नीच इंसान’ तक कह डाला था, जिसके बाद उन्हें कॉन्ग्रेस से निलंबित कर दिया गया था। एक अन्य कॉन्ग्रेसी संजय निरुपम ने पीएम मोदी के लिए ‘अनपढ़ गँवार’ जैसे अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था।

पीएम मोदी की विनम्र पृष्ठभूमि कॉन्ग्रेस नेताओं के लिए हमेशा से आलोचना का विषय रही है। कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता सीपी जोशी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के अन्य नेताओं के खिलाफ जातिवादी गाली देने के बाद उत्तर प्रदेश के तत्कालीन कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर ने पीएम मोदी की बूढ़ी माँ तक को नहीं छोड़ा था। राज बब्बर ने कहा था, ”यूपीए सरकार के दौरान डॉलर के मुकाबले रुपए की कीमत गिरने पर नरेंद्र मोदी रुपए की तुलना मनमोहन सिंह की उम्र से करते थे। आज रुपए की कीमत इतनी गिर गई है कि यह उनकी माँ की उम्र की ओर बढ़ रही है।”

 

2014 में कॉन्ग्रेस नेता शक्ति सिंह गोहिल ने आरोप लगाया था कि नरेंद्र मोदी एक ‘नकली ओबीसी’ हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि मोदी के सीएम बनने से पहले मोध घांची जाति ओबीसी सूची में नहीं थी। उस समय गुजरात सरकार ने एक स्पष्टीकरण जारी कर कहा था कि मोदी की जाति को 1994 में ही ओबीसी के रूप में अधिसूचित किया गया था।

कॉन्ग्रेस ने भक्त चरण दास पर जातिवादी टिप्पणी के लिए लालू प्रसाद यादव की खिंचाई

विडंबना यह है कि पीएम मोदी के खिलाफ जातिवादी गालियों का इस्तेमाल उस समय हुआ, जब कॉन्ग्रेस ने अपने बिहार प्रभारी भक्त चरण दास के खिलाफ राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को जमकर लताड़ा था। वो भी उनके द्वारा की गई जातिगत टिप्पणी के लिए। तारापुर और कुशेश्वर अस्थान विधानसभा सीटों पर उपचुनाव को लेकर रविवार (24 अक्टूबर) को लालू यादव ने अपनी पूर्व सहयोगी कॉन्ग्रेस का जमकर मजाक उड़ाया था। उन्होंने कहा था, ”कॉन्ग्रेस के बिहार प्रभारी भक्त चरण दास भकचोन्हर (stupid person) हैं। उपचुनाव में हारने के लिए कॉन्ग्रेस को सीट नहीं दे सकते हैं।”

लालू के बयान की निंदा करते हुए कॉन्ग्रेस ने जवाबी हमले में कहा था कि लालू जेल जाने के बाद भी नहीं सुधरे हैं। उन्हें अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी माँगनी चाहिए। बिहार कॉन्ग्रेस के प्रवक्ता राजेश राठौर ने कहा, “लालू प्रसाद यादव ने न केवल भक्त चरण दास, बल्कि देश के सभी दलितों का अपमान किया है। लालू को 2009 के लोकसभा और 2010 के विधानसभा चुनावों में कॉन्ग्रेस छोड़ने का खामियाजा भुगतना पड़ा। राजद को नुकसान हुआ है। राजद को इससे सबक लेना चाहिए।”

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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