प्रियंका गाँधी को सलाह देने की मेरी हैसियत नहीं: पूर्व सांसद ने सलाहकार बनने से किया इनकार

यह पूछे जाने पर कि क्या उत्तर प्रदेश में कॉन्ग्रेस की नवगठित कार्यकारिणी से नाराज होकर उन्होंने यह कदम उठाया है, मिश्रा ने कहा कि बहुत सी चीजें गलत हैं, लेकिन यह पार्टी का अंदरूनी मामला है।

उत्तर प्रदेश में अपनी खोई साख पाने की मंशा से कॉन्ग्रेस बदलाव की तरफ बढ़ रही है। लेकिन, नए चेहरों से पुराने नाराज दिख रहे हैं। वाराणसी से पूर्व सांसद राजेश कुमार मिश्र ने उस परिषद का हिस्सा बनने से मना कर दिया है, जिसे कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को सलाह देने के लिए बनाया गया है। उनका कहना है कि वे प्रियंका गाँधी को सलाह देने की स्थिति में नहीं हैं।

सांसद राजेश मिश्रा ने पार्टी को देश के मौजूदा राजनीतिक परिवेश में आत्ममंथन करने की सलाह देते हुए महासचिव प्रियंका गाँधी के सलाहकार का दायित्व संभालने से इनकार कर दिया है। राजेश मिश्रा ने कहा कि उनकी हैसियत प्रियंका गाँधी को सलाह देने की नहीं है और उन्होंने अपने फैसले से कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के कार्यालय को अवगत करा दिया है। साथ ही उन्होंने लखनऊ कैंट सीट के प्रभारी का पद सँभालने से भी मना कर दिया है।

सलाहकार का पद स्वीकार न करने को लेकर पूछे जाने पर उन्होंने स्पष्ट किया कि वह प्रियंका गाँधी को सलाह देने की स्थिति में नहीं हैं। उनको जो समझ में आया, उसके अनुसार उन्होंने यह कदम उठाया है। यह पूछे जाने पर कि क्या उत्तर प्रदेश में कॉन्ग्रेस की नवगठित कार्यकारिणी से नाराज होकर उन्होंने यह कदम उठाया है, मिश्रा ने कहा कि बहुत सी चीजें गलत हैं, लेकिन यह पार्टी का अंदरूनी मामला है। अगर पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी या महासचिव प्रियंका गाँधी उन्हें बुलाकर बात करेंगे तब वह उनके सामने सारी बातें रखेंगे।

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पूर्व सांसद ने कॉन्ग्रेस को देश के मौजूदा राजनैतिक परिस्थितियों में आत्ममंथन की सलाह दी ताकि पार्टी की स्थिति दुरुस्त हो सके। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस को देश के मौजूदा राजनैतिक परिस्थितियों के मद्देनजर जो करना चाहिए, वह नहीं कर पा रही है। कॉन्ग्रेस को मौजूदा हालात से उबारने के लिये मेहनत की जानी चाहिए तथा पार्टी के लोगों का मनोबल बढ़ाने वाला कदम उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस को जमीनी, निष्ठावान, मेहनती तथा विशुद्ध कॉन्ग्रेसी लोगों को आगे बढ़ाना चाहिए।

इसके साथ ही राजेश मिश्रा का कहना है कि पार्टी की अनुशासन समिति, दल के वरिष्ठ नेताओं तथा दल के राज्य प्रभारियों को पार्टी नेताओं की अनावश्यक बयानबाजी का संज्ञान लेकर स्थिति को सामान्य करने के लिये कदम उठाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में कॉन्ग्रेस की नवगठित समिति में नए अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के पद संभालने से पहले ही हंगामा शुरू हो गया है। कई वरिष्ठ नेता नाराज हैं और कुछ ने तो इस्तीफे भी दे दिए हैं।

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पीएम मोदी
"कॉन्ग्रेस के एक नेता ने कहा कि यह फैसला देश को बर्बाद कर देगा। 3 महीने हो गए हैं, क्या देश बर्बाद हो गया? एक और कॉन्ग्रेस नेता ने कहा कि 370 हटाकर हमने कश्मीर को खो दिया है। क्या हमने कश्मीर खो दिया है?"

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