Monday, April 6, 2020
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‘राहुल गाँधी कॉन्ग्रेस अध्यक्ष पद पर नहीं लौटते हैं तो पार्टी को सक्रिय-पूर्णकालिक नेतृत्व तलाशने की जरूरत’

“मैं खास तौर से चाहता हूँ कि जब पार्टी अध्यक्ष पद का चुनाव हो तो वो अपना नाम आगे रखें। प्रियंका गाँंधी के पास कुदरती करिश्मा है। लेकिन यह सब उनके ऊपर निर्भर करता है और हमें इसकी इज्जत करनी चाहिए।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

कॉन्ग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर एक बार फिर पार्टी के नेताओं के बीच चर्चा का विषय है। पार्टी में अध्यक्ष पद को लेकर निर्णय में हो रही देरी और इसके लिए चुनाव कराए जाने की माँग लगातार जारी है। इस बीच पार्टी का हर एक नेता अपना-अपना मत रख रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने रविवार (फरवरी 23, 2020) को कहा कि अगर राहुल गाँधी कॉन्ग्रेस अध्यक्ष के पद पर नहीं लौटते हैं तो पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए ‘सक्रिय और पूर्णकालिक नेतृत्व’ तलाशने की जरूरत है।

उन्होंने आगे कहा कि ऐसी धारणा बन रही है कि कॉन्ग्रेस ‘डाँवाडोल’ हो रही है और इसलिए पार्टी को फिर से खड़ा करने के लिए नेतृत्व का मुद्दा हल करना होगा। इससे पार्टी और मजबूत हो जाएगी। कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि कॉन्ग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) के चुनाव से ऊर्जावान नेतृत्व टीम बनेगी और इससे पार्टी में राष्ट्रीय हित बढ़ सकता है। तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने न्यूज़ एजेंसी पीटीआई से खास बातचीत में यह बातें कही।

वहीं यह पूछे जाने पर कि अगर राहुल गाँधी अध्यक्ष के पद पर नहीं लौटते हैं तो क्या प्रियंका गाँधी को यह पद संभालना चाहिए, थरूर कहते हैं कि उनका नाम आगे करने पर किसी भी कॉन्ग्रेस नेता को कोई आपत्ति नहीं होगी।  उन्होंने कहा, “मैं खास तौर से चाहता हूँ कि जब पार्टी अध्यक्ष पद का चुनाव हो तो वो अपना नाम आगे रखें। प्रियंका गाँंधी के पास कुदरती करिश्मा है। लेकिन यह सब उनके ऊपर निर्भर करता है और हमें इसकी इज्जत करनी चाहिए।” 

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वहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने रविवार को कहा कि राहुल गाँधी कॉन्ग्रेस के सेनापति हैं और अब उन्हें नेतृत्व सँभाल लेना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि मौजूदा समय के चुनौतीपूर्ण हालात में युवा नेताओं को आगे-आगे और वरिष्ठ नेताओं को उनके पीछे-पीछे चलना चाहिए। राहुल गाँधी के साथ काम करने में किसी भी वरिष्ठ नेता को कोई परेशानी नहीं हो सकती।

बता दें कि पिछले कुछ दिनों में राहुल गाँधी को पार्टी अध्यक्ष बनाए जाने की माँग की जाने लगी है। लोकसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद राहुल गाँधी ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था और पार्टी ने सोनिया गाँधी को अंतरिम अध्यक्ष चुना। राहुल ने नेताओं द्वारा बतौर अध्यक्ष पार्टी में लौटने की गुजारिश ठुकरा दी थी।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि राहुल गाँधी कॉन्ग्रेस के ‘शीर्ष नेता’ बने हुए हैं, पार्टी का एक बड़ा धड़ा हमेशा चाहता है कि उन्हें पार्टी अध्यक्ष बनना चाहिए। खुर्शीद ने कहा था कि राहुल गाँधी अभी भी शीर्ष नेता बने हुए हैं। और कोई और शीर्ष नेता नहीं है। लेकिन पार्टी में ऐसे अन्य नेता हैं, जिनका अपना महत्व है, जिन्होंने कॉन्ग्रेस पार्टी में अपना योगदान दिया है। उन्होंने कहा कॉन्ग्रेस का विरोध करने वाली पार्टियाँ उन पर किसी और से ज्यादा हमला करती रहती हैं, यह दर्शाता है कि वह अभी भी शीर्ष नेता बने हुए हैं।

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